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Home World जंग रुकी, लेकिन ट्रंप फंसे! सीजफायर के बाद अमेरिका में होने लगी इस्तीफे की मांग

जंग रुकी, लेकिन ट्रंप फंसे! सीजफायर के बाद अमेरिका में होने लगी इस्तीफे की मांग

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जंग रुकी, लेकिन ट्रंप फंसे! सीजफायर के बाद अमेरिका में होने लगी इस्तीफे की मांग
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो सोर्स- पीटीआई

Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद की तय डेडलाइन खत्म होने से करीब 90 मिनट पहले सीजफायर की घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान के प्रस्ताव पर ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति जताई है. लेकिन सीजफायर के बाद ट्रंप की मुश्किलें बढ़ गई है. डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ट्रंप की आलोचना करने के साथ उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं. अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने भी ईरान के खिलाफ लड़ाई के ऐसे अंत को ट्रंप का पूर्ण समर्पण करार दिया है. टीवी चैनल सीएनएन पर उन्होंने कहा कि इससे ईरान को होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण मिल गया है. मिडिल ईस्ट आई न्यूज के एक पोस्ट में दावा किया गया है कि सीनेट और अमेरिकी संसद के कई सांसदों ने कहा है कि देश की आंतरिक सुरक्षा और वैश्विक कूटनीति को देखते हुए अब डोनाल्ड ट्रंप का पद पर बने रहना अमेरिका के हित में नहीं है.

…यह अच्छा परिणाम कैसे हो सकता है- सीनेटर मर्फी

अमेरिकी सिनेटर मर्फी ने कहा- अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल भी देता है, तो यह अच्छा परिणाम कैसे हो सकता है? पूरा क्षेत्र संकट में है. वैश्विक अर्थव्यवस्था को उबरने में एक साल या उससे अधिक समय लगेगा. एक अमेरिका विरोधी शासन सत्ता में है और उसका हौसला बढ़ गया है. ईरान के पास अभी भी मिसाइलें और परमाणु कार्यक्रम हैं. क्या यह अच्छा है?

सीनेटर मर्फी ने कहा- होर्मुज पर बढ़ेगा ईरान का नियंत्रण

अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने कहा कि ईरान का दावा है कि अमेरिका ने उसकी 10 सूत्री योजना पर सहमति जताई है. मर्फी के मुताबिक, अगर यह दावा सही है, तो इसका मतलब होगा कि ईरान को होर्मुज पर नियंत्रण मिलेगा, वह अपना परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल गतिविधियां जारी रख सकेगा, और उस पर लगे प्रतिबंध भी हटाए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर यह सच नहीं है-और उम्मीद है कि ऐसा न हो- तो फिर यह इस बात का संकेत है कि वास्तव में अभी कोई ठोस समझौता नहीं हुआ है.

सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने बताया ट्रंप को अमेरिका के लिए खतरा

अमेरिकी वेबसाइट सिटी इनसाइडर की एक रिपोर्ट के मुताबिक डेमोक्रेट पार्टी के वरिष्ठ सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने भी सार्वजनिक रूप से सुझाव दिया कि ट्रंप अमेरिका के लिए खतरा हैं. सीनेटर मर्फी ने ट्रंप के ईस्टर वाले बयान पर कहा- अगर मैं ट्रंप के मंत्रिमंडल में होता, तो ईस्टर के दिन मैं संवैधानिक वकीलों से 25वें संशोधन के बारे में बात करता. इसके अलावा भी अमेरिका में ट्रंप को पद से हटाने की मांग हो रही है. पूर्व रिपब्लिकन सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने भी ट्रंप के पूरी सभ्यता को नष्ट करने वाले बयान की निंदी की है.

क्या है अमेरिका का 25वां संशोधन?

वेबसाइट सिटी इनसाइडर के मुताबिक- अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन राष्ट्रपति को पद से हटाने की प्रक्रिया निर्धारित करता है. इसके तहत राष्ट्रपति को अयोग्य घोषित करने के लिए उपराष्ट्रपति और मंत्रिमंडल का बहुमत जरूर होता है. इसे 1967 में अनुमोदित किया गया था और अब तक इसका कभी प्रयोग नहीं हुआ है.

क्या पद से हटाये जा सकते हैं ट्रंप?

सिटी इनसाइडर के अनुसार क्विनीपियाक यूनिवर्सिटी के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर स्कॉट मैकलीन का कहना है कि 25वें संशोधन का उपयोग आसान नहीं है. उन्होंने कहा- आज के पक्षपातपूर्ण राजनीतिक माहौल को देखते हुए, मुझे नहीं लगता कि कोई उपराष्ट्रपति और मंत्रिमंडल किसी मौजूदा राष्ट्रपति को पद से हटा पाएंगे. केवल तभी इस पर विचार होगा जब राष्ट्रपति ऐसा कदम उठाएं जिससे अमेरिका के हितों को गंभीर नुकसान पहुंचे और कोई और विकल्प न बचे. फिलहाल मुझे नहीं लगता कि ऐसी स्थिति मौजूद है.

Also Read: जंग थमी, खुलेगा होर्मुज… लेकिन क्या दुनिया से कीमत वसूलेगा ईरान?

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
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