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Home World अमेरिका ने फिर वेनेजुएला में बरसाया बम, ट्रंप का दावा- मारा गया ‘खून का प्यासा’ ट्रेन डी अरागुआ का सरगना

अमेरिका ने फिर वेनेजुएला में बरसाया बम, ट्रंप का दावा- मारा गया ‘खून का प्यासा’ ट्रेन डी अरागुआ का सरगना

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अमेरिका ने फिर वेनेजुएला में बरसाया बम, ट्रंप का दावा- मारा गया ‘खून का प्यासा’ ट्रेन डी अरागुआ का सरगना
अमेरिकी हमले का क्रमवार दृश्य. बीच में नीनो गुरेरो.

US Army Action in Venezuela: अमेरिका ने दावा किया है कि उसने वेनेजुएला में  एक सैन्य कार्रवाई की है. इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय कुख्यात आपराधिक संगठन ट्रेन डी अरागुआ के सरगना हेक्टर रुस्थेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस उर्फ ‘नीनो गुरेरो’ को  में मार गिराया गया है. इसकी जानकारी खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी. शुक्रवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी दक्षिणी कमान ने उनके निर्देश पर एक तेज और घातक सैन्य अभियान चलाया. यह कार्रवाई वेनेजुएला की सरकार के साथ मिलकर की गई. 

ट्रंप बोले- मेरे निर्देश पर की गई कार्रवाई

ट्रंप ने इस सैन्य अभियान का वीडियो अपने सोशल मीडिया- ट्रुथ सोशल पर शेयर किया, जिसे बाद में व्हाइट हाउस के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया. ट्रंप ने लिखा, ‘मेरे निर्देश पर घातक सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें ट्रेन डी अरागुआ के कुख्यात नेता नीनो गुरेरो को सफलतापूर्वक मार गिराया गया. यह दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी संगठनों में से एक का सरगना था.’ ट्रंप के शेयर किए गए क्लासिफाइड वीडियो में देखा जा सकता है कि एक हरी बिल्डिंग के ऊपर ड्रोन या मिसाइल अटैक किया जाता है और पल भर में आग का गुबार ऊपर उठता है और सबकुछ राख हो जाता है. 

उन्होंने आगे कहा, ‘अपने प्रशासन की शुरुआत में मैंने ट्रेन डी अरागुआ को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करने का वादा पूरा किया. हमने हजारों अपराधियों को देश से बाहर निकाला और उन कार्टेल के खिलाफ युद्ध छेड़ा जो वर्षों से अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे. यह कार्रवाई वेनेजुएला में हमारे सहयोगियों के साथ समन्वय करके की गई. अब ट्रेन डी अरागुआ के आतंकियों के लिए वेनेजुएला या दुनिया में कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है. मेरे नेतृत्व में हम इन हत्यारों और ड्रग तस्करों को कहीं भी ढूंढ निकालेंगे.’

अमेरिका पहले ही घोषित कर चुका है आतंकवादी संगठन

ट्रेन डी अरागुआ को अमेरिका पहले ही आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है. दिसंबर में अमेरिकी अधिकारियों ने बताया था कि नीनो गुरेरो के खिलाफ न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में कई गंभीर आरोप दर्ज किए गए थे. इन आरोपों में आपराधिक साजिश, आतंकवाद से जुड़े अपराधों को समर्थन देने और एक दशक से अधिक समय तक फैली कथित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप शामिल थे. अमेरिका का आरोप है कि यह संगठन उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और यूरोप में ‘हिंसा, वसूली और मादक पदार्थों की तस्करी की अनगिनत घटनाओं’ के लिए जिम्मेदार रहा है. 

नीनो गुरेरो की गिरफ्तारी पर था 50 लाख डॉलर का इनाम

अमेरिकी विदेश विभाग ने भी हेक्टर रुस्थेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए 50 लाख डॉलर तक के इनाम की घोषणा कर रखी थी. गुरेरो फ्लोरेस लंबे समय से अमेरिकी एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और उसे ट्रेन डी अरागुआ नेटवर्क का मुख्य संचालक माना जाता था.

नीनो गुरेरो 2023 में वेनेजुएला की टोकोरोन जेल से फरार हो गया था. उस समय वेनेजुएला की सुरक्षा एजेंसियां जेल के भीतर चल रहे आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए बड़ा अभियान चला रही थीं. कार्रवाई शुरू होने से पहले ही नीनो गुरेरो और उसके कई सहयोगी जेल से भागने में सफल हो गए थे.

ट्रंप गैंग पर लगाते रहे हैं गंभीर आरोप

डोनाल्ड ट्रंप और उनका प्रशासन लंबे समय से दावा करता रहा है कि ट्रेन डी अरागुआ अमेरिका के कई शहरों में हिंसा और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को बढ़ावा दे रहा है. ट्रंप ने कई बार यह भी कहा कि यह संगठन वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के नियंत्रण में काम करता था. मादुरो को इसी साल की शुरुआत में- जनवरी के पहले हफ्ते में ही अमेरिका ने उनके घर से गिरफ्तार कर लिया था. उनके ऊपर अमेरिका में मुकदमा चलाया जा रहा है. फिलहाल वह न्यूयॉर्क की ब्रुकलिन जेल में बंद हैं. हालांकि, अमेरिकी सरकार रिपोर्ट्स में गैंग और वेनेजुएला सरकार के बीच प्रत्यक्ष नियंत्रण संबंधी कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला था.

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क्या है ट्रेन डी अरागुआ?

ट्रेन डी अरागुआ की शुरुआत एक दशक से भी अधिक समय पहले वेनेजुएला के अरागुआ राज्य की कुख्यात टोकोरोन जेल से हुई थी. धीरे-धीरे यह संगठन कई लैटिन अमेरिकी देशों तक फैल गया और एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क में बदल गया. इस संगठन के विस्तार का दौर उस समय तेज हुआ जब लाखों वेनेजुएलाई नागरिक बेहतर आर्थिक अवसरों की तलाश में दूसरे देशों और अमेरिका की ओर पलायन कर रहे थे.

हालांकि, संगठन के वास्तविक आकार को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन दक्षिण अमेरिका के अन्य देश जैसे- पेरू, कोलंबिया समेत कई देशों की जांच एजेंसियां इसे अनेक हिंसक अपराधों से जोड़ चुकी हैं.

मानव तस्करी से लेकर हत्या तक के आरोप

क्षेत्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार ट्रेन डी अरागुआ पर मानव तस्करी, जबरन वसूली, अपहरण, मनी लॉन्ड्रिंग, सुपारी देकर हत्या करवाने, तस्करी और संगठित चोरी जैसे अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं. संगठन पर यह भी आरोप है कि यह वेनेजुएला और अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों से आने वाले प्रवासियों के लिए इस्तेमाल होने वाले कई अवैध मार्गों को नियंत्रित करता था. इन मार्गों का इस्तेमाल चिली समेत दक्षिण अमेरिका और यूरोप के अन्य देशों तक पहुंचने के लिए किया जाता था.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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