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Home World साउथ अफ्रीका में खतना बना काल; परंपरा के नाम पर दर्जनों लड़कों ने गंवाई जान, आखिर क्या है कारण?

साउथ अफ्रीका में खतना बना काल; परंपरा के नाम पर दर्जनों लड़कों ने गंवाई जान, आखिर क्या है कारण?

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साउथ अफ्रीका में खतना बना काल; परंपरा के नाम पर दर्जनों लड़कों ने गंवाई जान, आखिर क्या है कारण?
अफ्रीकी लोगों की तस्वीर जो एआई से बनाई गई है.

South Africa Circumcision Deaths: साउथ अफ्रीका में ‘मर्द’ बनाने वाली एक पुरानी परंपरा अब मौत का खेल बनती जा रही है. पारंपरिक खतना (Circumcision) के नाम पर होने वाले इस खूनी रिवाज में दर्जनों लड़कों और युवाओं की जान चली गई है. हालिया आंकड़ों के मुताबिक, इस सीजन में कम से कम 48 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच सालों में यह आंकड़ा 476 तक पहुंच गया है.

22 साल के युवा की मौत ने सबको दहलाया

लमकेलो म्टीहो (22 साल) बिल्कुल फिट था. वह अपने दोस्तों के साथ इस गुप्त परंपरा का हिस्सा बनने गया था. परिवार को उम्मीद थी कि वह कल्चर की जानकारी लेकर एक ‘असली मर्द’ बनकर लौटेगा, लेकिन तीन हफ्ते बाद उसकी लाश की खबर आई. उसकी दादी ने बताया कि नदी में नहाने जाते वक्त वह अचानक गिर गया और दम तोड़ दिया. यह कहानी सिर्फ म्टीहो की नहीं है, बल्कि साउथ अफ्रीका के कई घरों की है.

बिना पानी पिए रहने की सलाह बन रही काल

साउथ अफ्रीका के पारंपरिक मामलों के मंत्री वेलेनकोसिनी ह्लाबिसा (Velenkosini Hlabisa) ने बताया कि इन स्कूलों में लड़कों को ऐसी सलाह दी जाती है जिसका कोई साइंटिफिक आधार नहीं है. जैसे जल्दी ठीक होने के लिए पानी न पीना. इसी वजह से डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और घाव में इन्फेक्शन (सेप्टिक) मौत की सबसे बड़ी वजह बन रहे हैं.

रजिस्टर स्कूलों से ज्यादा अवैध सेंटर एक्टिव

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस रिवाज में इतनी ज्यादा गोपनीयता रखी जाती है कि अधिकारी भी इसे कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं. महंगे और रजिस्टर्ड स्कूलों के बजाय लोग सस्ते अवैध स्कूलों में बच्चों को भेज रहे हैं. ओआर टैम्बो नगर पालिका में एक सर्वे में पाया गया कि वहां 66 लीगल स्कूलों के मुकाबले 68 अवैध स्कूल चल रहे थे. इन सेंटर्स पर एक ही औजार से कई लड़कों का खतना किया जाता है, जो जानलेवा साबित हो रहा है.

मंत्री का बयान और चौंकाने वाले आंकड़े

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ज्वेलिनी मखिजे ने संसद में बताया था कि 5 साल में 476 युवाओं की मौत हो चुकी है. वहीं, हालिया नवंबर-दिसंबर के सीजन में 41 लड़कों की जान गई. इनमें सबसे ज्यादा 21 मौतें ईस्टर्न केप प्रांत में हुईं. साउथ अफ्रीका के कानून के अनुसार, 16 साल से कम उम्र के बच्चों का खतना अवैध है, फिर भी कई माता-पिता अपने बच्चों की गलत उम्र बताकर उन्हें यहां भेज देते हैं.

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पुलिस का एक्शन: 46 लोग गिरफ्तार

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, प्रशासन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है. अवैध स्कूल चलाने के आरोप में 46 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 16 पारंपरिक सर्जन, 28 नर्स और 2 माता-पिता शामिल हैं. एक मामले में तो 26 साल के एक शख्स को 2 साल की जेल भी हुई है. 2021 के नए नियमों के अनुसार, स्कूलों को हाईजीन, एचआईवी जागरूकता और सर्जिकल टूल्स के सही इस्तेमाल की ट्रेनिंग लेना अनिवार्य है.

क्यों जान जोखिम में डाल रहे हैं युवा?

खतरों के बावजूद हर साल हजारों युवा इस रिचुअल में शामिल होते हैं. साउथ अफ्रीका के कई समुदायों (जैसे झोसा, नदेबेले, सोथो और वेंदा) में इसे समाज में ऊंचा दर्जा पाने और शादी के लिए जरूरी माना जाता है. पारंपरिक नेता मोरेना म्पेम्बे का कहना है कि यह बुजुर्गों की दी हुई संस्कृति है, जो युवाओं को सम्मान करना सिखाती है. लेकिन अवैध स्कूलों में हो रही हिंसा, ड्रग्स और किडनैपिंग की घटनाओं ने इस परंपरा की इमेज खराब कर दी है.

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