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Home World Bangladesh News : 20-25 मिनट देरी होती तो हम मर जाते, शेख हसीना का चौंकाने वाला दावा

Bangladesh News : 20-25 मिनट देरी होती तो हम मर जाते, शेख हसीना का चौंकाने वाला दावा

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Bangladesh News : 20-25 मिनट देरी होती तो हम मर जाते, शेख हसीना का चौंकाने वाला दावा
शेख हसीना

Bangladesh News : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सत्ता से बेदखल होने के बाद अपनी और अपनी बहन शेख रेहाना को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि हमारी हत्या की साजिश रची जा रही थी. बांग्लादेश आवामी लीग के फेसबुक पेज पर एक ऑडियो मैसेज जारी किया गया है. इसमें हसीना ने कहा, ‘रेहाना और मैं बच गए…केवल 20-25 मिनट की देरी हो जाती तो हम नहीं बच पाते.” 76 वर्षीय नेता को पिछले अगस्त के महीने में सत्ता से बेदखल कर दिया गया था. इसके बाद उन्हें भारत ने शरण दी थी. छात्रों के नेतृत्व में हुए आंदोलन के कारण उनकी सरकार गिर गई थी. विरोध प्रदर्शनों और झड़पों में 600 से अधिक लोगों की जान चली गई थी.

बांग्लादेश में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए हसीना ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या करने की एक सुनियोजित साजिश रची गई थी. कई बार हत्या के प्रयास किए गए लेकिन वह बच गईं. उन्होंने भावुक होकर कहा, ”मुझे लगता है कि यह अल्लाह की मर्जी है कि मैं बच गई. 21 अगस्त का ग्रेनेड हमला, कोटालीपारा बम धमाका और अब यह हालिया धमकी…मैं आज ज़िंदा नहीं होती.”

21 अगस्त 2004 को शेख हसीना पर किया गया हमला

यह पहली बार नहीं है कि शेख हसीना के खिलाफ हत्या की साजिश रची गई हो. 21 अगस्त 2004 को ढाका में आतंकवाद विरोधी रैली के दौरान हसीना को निशाना बनाकर ग्रेनेड हमला किया गया. इस हमले में 24 लोग मारे गए थे. 500 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे. हसीना हमले में बाल-बाल बच गईं थीं. इसी तरह, 2000 में कोटालीपारा में 76 किलो का बम बरामद किया गया था, जहां उन्हें एक रैली को संबोधित करना था.

बांग्लादेश ने हसीना का वीजा रद्द किया

इस बीच, बांग्लादेश ने हसीना का वीजा रद्द कर दिया है. ढाका ने औपचारिक रूप से भारत से उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है. दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि में स्पष्ट समयसीमा का जिक्र नहीं है. इस वजह से आगे क्या होगा ये नहीं कहा जा सकता है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने मुकदमे को सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने का संकेत दिया है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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