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Home World मिडिल ईस्ट की जंग में रूस की एंट्री? पुतिन ने ईरान को दिया खुला समर्थन

मिडिल ईस्ट की जंग में रूस की एंट्री? पुतिन ने ईरान को दिया खुला समर्थन

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मिडिल ईस्ट की जंग में रूस की एंट्री? पुतिन ने ईरान को दिया खुला समर्थन
रूस ने ईरान को दिया खुला समर्थन, फोटो- पीटीआई

Russia On Iran: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई को बधाई दी है और तेहरान के प्रति मॉस्को के अटूट समर्थन और एकजुटता की बात कही है. रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने बताया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को ईरान के नए सर्वोच्च नेता चुने गए अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई को बधाई दी और तेहरान के प्रति मॉस्को के अटूट समर्थन और एकजुटता की बीत कही. ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को 88 सदस्यीय विशेषज्ञ सभा (असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स) ने उनका उत्तराधिकारी चुना है.

राष्ट्रपति पुतिन ने क्या कहा?

क्रेमलिन की वेबसाइट पर जारी संदेश में पुतिन ने कहा “ऐसे समय में जब ईरान सशस्त्र आक्रमण का सामना कर रहा है, इस उच्च पद पर आपका कार्यकाल निश्चित रूप से साहस और समर्पण की मांग करेगा. मुझे विश्वास है कि आप अपने पिता के कार्यों को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाएंगे और गंभीर चुनौतियों का सामना करते हुए ईरानी जनता को एकजुट करेंगे.” पुतिन ने आगे कहा कि वो अपनी ओर से तेहरान के प्रति रूस के अटूट समर्थन और अपने ईरानी मित्रों के साथ एकजुटता की पुष्टि करते हैं. रूस इस्लामी गणराज्य का एक विश्वसनीय सहयोगी रहा है और आगे भी रहेगा.

ईरान ने खामेनेई के बेटे मुजतबा को बनाया सर्वोच्च नेता

ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को सोमवार को देश का अगला शासक बनाया गया है. उनका चुनाव 88 सदस्यीय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने किया. मुजतबा के अर्धसैनिक बल रिवॉल्यूशनरी गार्ड के साथ घनिष्ठ संबंध हैं, जो 28 फरवरी को अली खामेनेई की मौत के बाद से इजराइल और खाड़ी के अरब देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है. मुजतबा को उनके पिता से भी अधिक कट्टर माना जाता है और युद्ध शुरू होने के बाद से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए. उनके पिता के जीवन काल में ही उन्हें उत्तराधिकारी माना जा रहा था.

ईरान के राजनीतिक विशेषज्ञों ने की अलोचना

हालांकि मुजतबा खामेनेई को सर्वोच्च नेता चुने जाने का ईरान के राजनीतिक विशेषज्ञों ने आलोचना की है. इजराइल ने पहले ही कहा है कि मुजतबा उनके निशाने पर हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें अस्वीकार्य करार दिया. ट्रंप ने कहा कि हम ऐसा व्यक्ति चाहते हैं जो ईरान में सामंजस्य और शांति कायम करे. वहीं रिवॉल्यूशनरी गार्ड और ईरान समर्थित लेबनानी उग्रवादी समूह हिजबुल्ला ने मुजतबा के समर्थन में बयान जारी किए हैं. ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने ईरानी सरकारी टीवी चैनल से बातचीत के दौरान तेहरान में हवाई हमलों के बावजूद सभा आयोजित करने के लिए असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के साहस की सराहना की. उन्होंने कहा कि युवा खामेनेई को उनके पिता ने प्रशिक्षित किया था और वह इस स्थिति को संभाल सकते हैं.

क्या मुजतबा आगे बढ़ाएंगे ईरान का परमाणु कार्यक्रम?

सर्वोच्च नेता बनने के बाद अब मुजतबा ईरान के सशस्त्र बलों और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित किसी भी निर्णय के लिए स्वतंत्र होंगे. हालांकि, ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकाने जून में 12 दिन चले इजराइल-ईरान युद्ध के दौरान अमेरिका की ओर से किए गए हमलों में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, लेकिन देश में अभी भी पर्याप्त मात्रा में यूरेनियम मौजूद है, जो परमाणु हथियार बनाने के स्तर से केवल एक तकनीकी कदम दूर है. ऐसे में मुजतबा खामेनेई वह कदम उठा सकते हैं, जो उनके पिता कभी नहीं ले पाए, यानी बम बनाने की दिशा में आगे बढ़ना. (इनपुट भाषा)

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
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