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Home World रूस की खुफिया चाल! आर्कटिक में बनाई परमाणु पनडुब्बियों की ढाल; जानिए अमेरिका के लिए कितना खतरनाक है ‘हार्मनी’ हथियार

रूस की खुफिया चाल! आर्कटिक में बनाई परमाणु पनडुब्बियों की ढाल; जानिए अमेरिका के लिए कितना खतरनाक है ‘हार्मनी’ हथियार

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रूस की खुफिया चाल! आर्कटिक में बनाई परमाणु पनडुब्बियों की ढाल; जानिए अमेरिका के लिए कितना खतरनाक है ‘हार्मनी’ हथियार
रूस ने ‘हार्मनी’ नामक उन्नत निगरानी नेटवर्क बनाया, जो अमेरिकी पनडुब्बियों को ट्रैक करने में सक्षम है.

Russia Secret Harmony System: रूस ने हाल ही में आर्कटिक में अपनी परमाणु पनडुब्बियों की सुरक्षा को सीक्रेट रूप से मजबूत किया है. वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट और ICIJ की जांच से पता चला है कि इसके लिए मास्को ने फर्जी कंपनियों और सीक्रेट सौदों का सहारा लिया. इसका मकसद पश्चिमी तकनीक का इस्तेमाल करके अपने समुद्री क्षेत्र में अमेरिकी पनडुब्बियों पर नजर रखना था.

Russia Secret Harmony System: रूस का सीक्रेट निगरानी नेटवर्क

रूस ने एक उन्नत समुद्री निगरानी नेटवर्क बनाया है, जिसका कोडनेम “हार्मनी” है. यह नेटवर्क रूस को अमेरिकी पनडुब्बियों की हरकतों पर नजर रखने में मदद करता है. हार्मनी बैरेंट्स सागर और आर्कटिक के अन्य जलक्षेत्रों में फैला हुआ है. रूस के परमाणु पनडुब्बी बेड़े के लिए यह नेटवर्क एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और किसी भी हमले की स्थिति में जवाबी परमाणु हमले की क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा है. हार्मनी में उन्नत सोनार सिस्टम, पानी के नीचे ड्रोन, गहरे समुद्र में लगे एंटेना और विशेष जहाज शामिल हैं. अधिकांश उपकरण अमेरिकी और यूरोपीय कंपनियों से खरीदे गए थे.

Russia Secret Harmony System: मास्को की कंपनी

रूस ने अपनी खरीदारी को छिपाने के लिए साइप्रस स्थित मोस्ट्रेलो कमर्शियल लिमिटेड नामक कंपनी का इस्तेमाल किया. अदालत के दस्तावेज बताते हैं कि मोस्ट्रेलो ने करोड़ों डॉलर के संवेदनशील समुद्री इक्यिूपमेंटस खरीदे और दिखावा किया कि ये इक्विपमेंट सिविल उपयोग के लिए हैं. असल में, ये इक्विपमेंट हार्मनी नेटवर्क में इस्तेमाल हुए, जो रूस को पश्चिमी पनडुब्बियों को ट्रैक करने और नियंत्रित करने में मदद करता है. पूर्व अमेरिकी नौसेना अधिकारी ब्रायन क्लार्क के अनुसार, हार्मनी रूस को यह सुविधा देता है कि उसकी पनडुब्बियां बंदरगाहों में बिना पकड़े और परेशान हुए प्रवेश और निकास कर सकें.

पश्चिमी कंपनियों की अनजाने में मदद

ICIJ की जांच में यह भी सामने आया कि कुछ पश्चिमी कंपनियों जैसे मैसाचुसेट्स की एजटेक और टेक्सास की आर2सोनिक ने उपकरण सप्लाई किए. हालांकि, उन्हें नहीं पता था कि इनका इस्तेमाल रूस सैन्य उद्देश्यों के लिए करेगा. कुछ सौदों में अनुबंध रूसी भाषा में या मॉस्को की कंपनियों के नाम के साथ किए गए थे, जिसे बाद में जांचकर्ताओं ने चिन्हित किया.

2021 में सीआईए की सूचना मिलने के बाद जर्मनी ने जांच शुरू की. 2022 में अलेक्जेंडर श्न्याकिन को गिरफ्तार किया गया और मोस्ट्रेलो के लिए अवैध खरीदारी में मदद करने के आरोप में पांच साल की जेल हुई. इसके बाद अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने मोस्ट्रेलो और रूस के रक्षा नेटवर्क से जुड़ी अन्य कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए. जब पत्रकारों ने मोस्ट्रेलो के साइप्रस कार्यालय का दौरा किया, तो वह खाली पड़ा मिला.

हार्मनी की सीमा और ताकत

विशेषज्ञों के अनुसार, हार्मनी नेटवर्क संभवतः मरमंस्क से फ्रांज जोसेफ लैंड तक फैला हुआ है. यह रूस के उत्तरी बेड़े के लिए आर्कटिक ढाल की तरह काम करता है. इसके सेंसर और फाइबर केबल विदेशी पनडुब्बियों का पता लगा सकते हैं और रूसी जहाजों को ट्रैकिंग से बचने में मदद करते हैं. 

नॉर्वे के खुफिया प्रमुख वाइस एडमिरल निल्स स्टेंसोनेस के अनुसार, रूस वैध यूरोपीय कंपनियों के जरिए जटिल खरीद नेटवर्क का इस्तेमाल करता है ताकि सैन्य उपयोगकर्ताओं की पहचान न हो सके. एक पश्चिमी नौसेना अधिकारी ने चेतावनी दी, “अगर इन अधिग्रहणों को रोका नहीं गया, तो इसके सुरक्षा परिणाम गंभीर होंगे. रूस का गुप्त नेटवर्क अभी भी कई कदम आगे है.”

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