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Home World यूरोप में बैन होना चाहिए ‘टेरर स्टेट पाकिस्तान’, लाल किला ब्लास्ट इसका प्रूफ… बेल्जियम के सांसद की मांग

यूरोप में बैन होना चाहिए ‘टेरर स्टेट पाकिस्तान’, लाल किला ब्लास्ट इसका प्रूफ… बेल्जियम के सांसद की मांग

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यूरोप में बैन होना चाहिए ‘टेरर स्टेट पाकिस्तान’, लाल किला ब्लास्ट इसका प्रूफ… बेल्जियम के सांसद की मांग
फ्लेमिश MP ने यूरोप में पाकिस्तान पर बैन लगाने की मांग की

Pakistan Terror State: पाकिस्तान के आतंकवाद को समर्थन और अप्रत्यक्ष रूप से स्टेट पॉलिसी के रूप में दशकों तक इस्तेमाल किया है. हाल के दिनों में भारत के पंजाब और कश्मीर में उसने आतंकवादियों को भेजकर हमले करवाए. इसका खामियाजा उसे हिंदुस्तान की कड़ी कार्रावई से भुगतना पड़ा. उसे फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की ग्रे लिस्ट में भी डाला गया. अन्य कई प्रतिबंध भी उसे आए दिन झेलना पड़ता है. अब यूरोप में भी उसे बैन करने की मांग उठ रही है. बेल्जियम की पार्टी व्लाम्स बेलांग के फ्लेमिश सांसद, फिलिप डे-विंटर ने पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों को आर्थिक सहायता देता है. उनका कहना है कि भारत और पश्चिमी देश दोनों ही कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद से समान प्रकार के खतरे झेल रहे हैं.

एएनआई से बातचीत में फिलिप डे-विंटर ने कहा कि दिल्ली में हाल ही में हुआ हमला पाकिस्तान द्वारा कट्टरपंथी जिहादी आंदोलनों को समर्थन देने का प्रमाण है. उन्होंने कहा- कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद के मामले में हम सभी समान खतरे का सामना कर रहे हैं. हमारा दुश्मन एक ही है. पाकिस्तान आर्थिक रूप से, लॉजिस्टिक रूप से और विभिन्न सुविधाओं के माध्यम से कट्टरपंथी जिहादी समूहों और आतंकवादी संगठनों को समर्थन दे रहा है. दिल्ली में कुछ हफ्ते पहले हुए हमले इसका सबूत हैं. यही वे हमारे देश में भी करते हैं. पाकिस्तान एक आतंकवादी राज्य है और उसे यूरोप में भी प्रतिबंधित किया जाना चाहिए.

ग्लोबल पैट्रियट्स मीट 2025 में शामिल हुए डे-विंटर

डे-विंटर फ्लेमिश संसद के सदस्य हैं और व्लाम्स बेलांग से जुड़े हैं. यह बेल्जियम की एक फ्लेमिश राष्ट्रवादी पार्टी है और दक्षिणपंथी विचारों के लिए जानी जाती है. वे ग्लोबल पैट्रियट्स मीट 2025 में भाग ले रहे थे. उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर की ‘देशभक्त पार्टियों’ के बीच सहयोग स्थापित करना है. उन्होंने आगे कहा- हमरा मुख्य लक्ष्य सहयोग है. दुनिया भर की देशभक्त राजनीतिक पार्टियों के बीच सहयोग. भारत में बीजेपी एक बड़ी राजनीतिक शक्ति है और हम विचारों का आदान-प्रदान और सहयोग के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं. भारत और यूरोप के बीच आर्थिक संबंध हैं, यह व्यापार से जुड़ा है और मैं समझता हूँ कि भारत और यूरोप के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता होना चाहिए. लेकिन यह केवल व्यापार की बात नहीं है, बल्कि सुरक्षा की भी बात है.

आतंकवाद से परेशान है बेल्जियम

बेल्जियम भी आतंकी हमले से काफी लुहुलुहान हुआ है. हाल ही में बेल्जियम में प्रधानमंत्री बार्ट डे वेवर पर हमले की योजना का खुलासा हुआ, जिसे विफल कर दिया गया. हालांकि यह दर्शाता है कि देश अब भी गहरे आतंकवादी खतरे के साये में है. 9 अक्टूबर को उजागर हुई यह साजिश पिछले एक दशक में इस्लामिक स्टेट से जुड़े हमलों और ड्रग गिरोहों की बढ़ती हिंसा की कड़ी याद दिलाती है. मार्च 2016 में ब्रसेल्स एयरपोर्ट और मेट्रो में हुए आत्मघाती धमाकों में 32 लोगों की मौत ने पहले ही बेल्जियम की सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर दिया था. अक्टूबर 2023 में दो स्वीडिश नागरिकों की हत्या ने खतरे को और स्पष्ट कर दिया. प्रधानमंत्री के ऊपर हमले की योजना वाले ताजा मामले में दो संदिग्धों की गिरफ्तारी, आईईडी जैसे उपकरण और ड्रोन योजना का मिलना बताता है कि जिहादी प्रेरित हमले की तैयारी वास्तविक थी. गुरुवार को पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने संभवतः एक और बड़ा हमला टाल दिया. यह पूरी श्रृंखला दिखाती है कि बेल्जियम को निरंतर सतर्कता और मजबूत सुरक्षा तंत्र की आवश्यकता है.

भारत में हुआ ग्लोबल पैट्रियट्स मीट का आयोजन

ग्लोबल पैट्रियट्स मीट का आयोजन इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में किया गया, जहां विभिन्न देशों के नेता, विचारक और विधायकों ने भारत की लंबे समय से चली आ रही आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और उसकी स्पष्ट राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पर चर्चा की. भारत की ओर से राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने इस बैठक में हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे वैश्विक खतरे बदल रहे हैं, परंपरागत आतंकवाद से लेकर एआई से आने वाली नई चुनौतियों तक भारत का अनुभव, उसकी दृढ़ता और राष्ट्र प्रथम की राजनीतिक प्रतिबद्धता दुनिया के लिए एक मॉडल प्रस्तुत करती है.”

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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