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Home World चीन ने पाकिस्तान के लिए बनाई ‘गाजी’ , पाक नेवी को मिली हंगोर क्लास की चौथी पनडुब्बी, भारत को कितना खतरा?

चीन ने पाकिस्तान के लिए बनाई ‘गाजी’ , पाक नेवी को मिली हंगोर क्लास की चौथी पनडुब्बी, भारत को कितना खतरा?

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चीन ने पाकिस्तान के लिए बनाई ‘गाजी’ , पाक नेवी को मिली हंगोर क्लास की चौथी पनडुब्बी, भारत को कितना खतरा?
पाकिस्तान नौसेना ने हैंगर श्रेणी की चौथी पनडुब्बी का चीन में जलावतरण किया. प्रतीकात्मक तस्वीर एक्स (@themossafir).

Pakistan Navy launched fourth Hangor-class submarine in China: पाकिस्तान और उसका सदाबहार दोस्त चीन अपनी मित्रता की पींगे बढ़ाते हुए अब और आगे बढ़ रहे हैं. चीन ने पाकिस्तानी नौसेना के लिए चौथी हंगोर क्लास पनडुब्बी तैयार कर ली है. पाकिस्तानी नेवी के अनुसार, चीन में निर्मित पनडुब्बी ‘गाजी’ को वुहान स्थित शुआंगलिउ बेस से लॉन्च किया गया. नौसेना ने इसे अपनी समुद्री क्षमता में अहम बढ़ोतरी बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को मजबूती मिलेगी. भारत के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच चीन के साथ पाकिस्तान का यह समझौता उसकी नौसैनिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है. लेकिन क्या इससे भारत के लिए खतरा बढ़ेगा?

हंगोर-क्लास पनडुब्बियां चीनी नौसेना (PLAN) की टाइप 039B युआन-क्लास पनडुब्बियों का निर्यात संस्करण हैं. पाकिस्तान सरकार ने 2015 में चीन के साथ आठ हंगोर क्लास पनडुब्बियों की खरीद का समझौता किया है. इस योजना के तहत चार पनडुब्बियों का निर्माण चीन में किया जा रहा है, जबकि शेष चार पाकिस्तान के कराची में तैयार होंगी. इनका निर्माण कराची शिपयार्ड एंड इंजीनियरिंग वर्क्स लिमिटेड द्वारा द्वारा ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी (ToT) के तहत बनाई जाएंगी. पाकिस्तान का दावा है कि इससे स्थानीय रक्षा उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा.

समुद्री परीक्षणों के अंतिम चरण में पनडुब्बियां 

पाकिस्तानी नेवी ने गाजी के लॉन्च को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया है. बयान में कहा गया कि चीन में बन रही सभी चार पनडुब्बियां इस समय कड़े समुद्री परीक्षणों से गुजर रही हैं और पाकिस्तान को सौंपे जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. वुहान में आयोजित लॉन्चिंग समारोह में चीन और पाकिस्तान के वरिष्ठ सैन्य व सरकारी अधिकारी मौजूद रहे, जो द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के और मजबूत होने को दर्शाता है.

एडवांस तकनीक और घातक हथियारों से लैस 

पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ISPR के मुताबिक, हंगोर क्लास पनडुब्बियों में आधुनिक हथियार प्रणालियां और उन्नत सेंसर लगाए जाएंगे, जो लंबी दूरी से लक्ष्य भेदने में सक्षम होंगे. ये डीजल-इलेक्ट्रिक अटैक सबमरीन हैं, जिनमें एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) सिस्टम होगा. यह प्रणाली पनडुब्बियों को लंबे समय तक पानी के नीचे संचालन की क्षमता देती है. यह चीन की टाइप-039 युआन क्लास का निर्यात संस्करण है.

तकनीकी विवरण और क्षमताएं 

पाकिस्तान नौसेना ने हंगोर-क्लास पनडुब्बियों के सब-सिस्टम या विशिष्ट हथियार प्रणालियों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया है. माना जाता है कि ये CSOC के S26 डिजाइन पर आधारित हैं, जिसमें स्टर्लिंग AIP सिस्टम इस्तेमाल होता है, हालांकि पाकिस्तानी अधिकारियों ने प्रणोदन प्रणाली की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. पाकिस्तानी रक्षा ब्लॉग ‘कुवा’ के अनुसार, हंगोर-क्लास पनडुब्बियां 76 मीटर लंबी और 2,800 टन विस्थापन वाली होंगी, जो मूल S26 डिजाइन से थोड़ी छोटी लेकिन भारी हैं.

भारत के साथ तनाव के बीच सैन्य मजबूती 

इन पनडुब्बियों की आपूर्ति ऐसे समय हो रही है, जब भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव बना हुआ है. आठों हंगोर-क्लास पनडुब्बियां पाकिस्तान नौसेना की क्षमता को काफी मजबूत करेंगी. परियोजना पूरी होने के बाद पाकिस्तान की A2/AD (एंटी-एक्सेस/एरिया डिनायल) क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की संभावना है. मई में दोनों देशों के बीच चार दिन तक भीषण सैन्य झड़पें हुई थीं, जिनमें लड़ाकू विमान, तोपखाने, मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल हुआ. चार दिन के युद्ध में भारत से हार के बाद पाकिस्तान अपने सशस्त्र बलों को तेजी से मजबूत करने में जुटा है और इसके लिए वह चीन पर निर्भरता बढ़ा रहा है. 

2020 से 2024 के बीच पाकिस्तान ने चीन के कुल हथियार निर्यात का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा खरीदा है. हालांकि हथियार प्रणालियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अगर इन हंगोर पनडुब्बियों में बाबर-3 SLCM मिसाइलें लगाई जाती हैं, तो पाकिस्तान को गहरी स्ट्राइक क्षमता मिल सकती है.

पाकिस्तान नौसेना की मौजूदा ताकत 

navalnews.com के मुताबिक, पाकिस्तान नौसेना के पास वर्तमान में तीन अगोस्ता 90B AIP पनडुब्बियां और दो अगोस्ता 70 डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां हैं. 2016 में तुर्की की STM कंपनी के साथ हुए अनुबंध के तहत अगोस्ता 90B पनडुब्बियों का मिड-लाइफ अपग्रेड चल रहा है. पहली उन्नत पनडुब्बी PNS हमज़ा 2020 में डिलीवर की गई थी. अपग्रेड में फायर कंट्रोल सिस्टम, सोनार सूट, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, रडार और पेरिस्कोप सिस्टम का आधुनिकीकरण शामिल है.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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