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गिरने वाला है 600KG का सैटेलाइट, जानें धरती को कितना नुकसान होगा

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गिरने वाला है 600KG का सैटेलाइट, जानें धरती को कितना नुकसान होगा
सैटेलाइट क्रैश की सांकेतिक तस्वीर (Photo: AI)

NASA Satellite Crash: एक्सपर्ट्स का कहना है कि नासा (NASA) का एक बड़ा सैटेलाइट लगभग 14 साल ऑर्बिट में रहने के बाद मंगलवार (10 मार्च) को वापस धरती पर क्रैश हो जाएगा. space.com के अनुसार, यह स्पेसक्राफ्ट 1,323 पाउंड (600 किलोग्राम) का वैन एलन प्रोब A है. इसे अगस्त 2012 में इसके ट्विन वैन एलन प्रोब B के साथ लॉन्च किया गया था. इसका मकसद पृथ्वी के चारों ओर मौजूद रेडिएशन बेल्ट की स्टडी करना था.

दोनों स्पेसक्राफ्ट 2019 में डीएक्टिवेट हो गए थे. वैन एलन प्रोब A का पृथ्वी से बाहर का समय अब ​​लगभग खत्म हो गया है. सोमवार दोपहर (9 मार्च) तक, U.S. स्पेस फोर्स ने अनुमान लगाया था कि सैटेलाइट मंगलवार को शाम 7:45 बजे EDT (2345 GMT) पर पृथ्वी के एटमॉस्फियर में वापस आएगा. इस समय में 24 घंटे का प्लस या माइनस हो सकता है.

क्या धरती पर किसी को पहुंचेगा नुकसान

NASA के अधिकारियों ने सोमवार को एक अपडेट दिया. उन्होंने कहा कि NASA को उम्मीद है कि स्पेसक्राफ्ट के ज्यादातर हिस्से एटमॉस्फियर से गुजरते समय जल जाएंगे, लेकिन कुछ पार्ट्स के वापस आने पर बच जाने की उम्मीद है. धरती पर किसी को भी नुकसान पहुंचने का रिस्क कम नजर आ रहा है. बताया गया कि धरती पर किसी को नुकसान पहुंचने की संभावना बहुत ही कम है, लगभग 0.02 प्रतिशत है. ऐसा इसलिए क्योंकि पृथ्वी की सतह का लगभग 70% हिस्सा पानी से ढका हुआ है. इसलिए, जो भी हिस्से वापस आने पर बच जाएंगे, वे शायद खुले समुद्र में गिर जाएंगे. किसी शहर में या उसके आस-पास नहीं गिरेंगे.

सैटेलाइट पर लगातार नजर रखे हुए हैं नासा के अधिकारी

नासा के अधिकारी इस सैटेलाइट पर लगातार नजर रखे हुए हैं. ये सैटेलाइट धरती के चारों ओर एक अंडाकार रास्ते (oval orbit) में घूम रहे हैं, जिससे कभी ये जमीन के बहुत पास और कभी काफी दूर हो जाते हैं. नासा की टीम इसे ट्रैक कर रही है ताकि किसी तरह का खतरा न हो.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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