[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Badi Khabar तस्मानिया के समुद्री तट पर फंसी 230 पायलट व्हेल मछलियां, आधे से अधिक की मरने की आंशका

तस्मानिया के समुद्री तट पर फंसी 230 पायलट व्हेल मछलियां, आधे से अधिक की मरने की आंशका

0
तस्मानिया के समुद्री तट पर फंसी 230 पायलट व्हेल मछलियां, आधे से अधिक की मरने की आंशका

होबार्ट : ऑस्ट्रेलियाई द्वीप तस्मानिया के समुद्री तट पर बुधवार को करीब 230 पायलट व्हेल मछलियां फंसी हुई पाई गई हैं. ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के हवाले से मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक, तस्मानिया के समुद्री तट पर फंसी 230 मछलियों में से करीब आधे से अधिक की मरने की आशंका है. ऑस्ट्रेलिया के जैव संसाधन और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि करीब 230 पायलट व्हेल मछलियों का एक समूह मैक्यूरी हार्बर पर फंस गया है. ऐसा लगता है कि इन समुद्री जीवों में में से केवल आधे ही जिंदा हैं. हवाई तस्वीरों में दिखता है कि दर्जनों काली चमकीली बड़ी स्तनपाई मछलियां समुद्र के किनारे पानी में पड़ी हुई हैं.

क्या हो सकता है कारण

मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, आज से करीब दो साल पहले भी इसी तस्मानिया के समुद्री तट पर करीब 500 की बड़ी संख्या में पायलेट व्हेल मछलियां फंस गई थीं. उस वक्त भी इनमें से केवल 100 व्हेल मछलियों को ही बचाया जा सका था. इतनी बड़ी संख्या में व्हेल मछलियों के समुद्र के किनारे आ जाने के असली कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि समुद्री जीवों में पायलट व्हेल मछलियां काफी सामाजिक और मिलनसार किस्म की होती हैं और वे बहुत जल्द ही रास्ता भटक भी जाती हैं.

20 मीटर लंबी होती पायलट व्हेल मछलियां

वैज्ञानिकों की मानें, तो पायलट व्हेल मछलियों की लंबाई करीब छह मीटर यानी 20 फीट के आसपास होती है. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि अपने कुनबे के किसी एक साथी के खतरे में फंसे होने की वजह से वे उसे बचाने के ख्याल से वे समुद्र के किनारे आ गई होंगी या फिर किसी अन्य समुद्री हलचल की वजह से ये मछलियां तट के नजदीक पहुंच गई होंगी. वैज्ञानिकों का कहना है कि वे तट के बहुत करीब भोजन तलाशने की फिराक में भी पहुंच गई होंगी.

Also Read: न्यूजीलैंड के तट पर फंसी 145 पायलट व्हेल की मौत
बचाव कार्य शुरू

अधिकारियों का कहना है कि समुद्रीजीव संरक्षण विशेषज्ञ और व्हेल बचाव कर्मचारी जरूरी बचाव सामान लेकर मौके पर पहुंच गए हैं. इससे पहले इस हफ्ते की शुरुआत में तस्मानिया के ही दूर दराज के समुद्री तट पर 14 स्पर्म व्हेल मरी पाई गई थीं. राज्य सरकार की संरक्षण एजेंसी के वन्यजीव विज्ञानी क्रिस कार्लियन ने स्थानीय अखबार को बताया कि युवा व्हेल मछलियों की मौत एक दुर्घटना हो सकती है. उन्होंने कहा कि ऐसा भी संभव है कि वे मछलियां भोजन की तलाश में निकली हों और ज्वार-भाटा में फंसकर समुद्र के किनारे आ गई हों. कार्लियन ने कहा कि कोई ने कोई बड़ा कारण तो है, जिससे ये मछलियां समुद्र के किनारे फंस गई हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इन मछलियों के लिए बचाव कार्य की शुरुआत कर दी गई है.

Previous article Punjab News: पंजाब के राज्यपाल ने भगवंत मान सरकार को दिया झटका, विशेष सत्र को किया रद्द, AAP का हमला
Next article रामगढ़ विधायक ममता देवी समेत 9 आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी,कोर्ट में गैरहाजिर रहने पर जमानत भी हुआ खारिज
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel