आयतुल्ला हकीम इलाही ने कहा कि मोजतबा खामेनेई के अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से शामिल होने की संभावना बेहद कम है. उनका कहना है कि मौजूदा हालात में प्रशासन उनकी सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं दे सकता. इंडिया टुडे से खास बातचीत में उन्होंने ये बात कही. नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तेहरान रवाना होने से पहले इलाही ने कहा कि मोजतबा खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल न होने का फैसला पूरी तरह सुरक्षा कारणों से लिया गया है.
इलाही ने कहा कि वह पिछले सप्ताह ईरान गए थे, जहां उनकी मुलाकात ऐसे लोगों से हुई जो मोजतबा खामेनेई से मिले थे. उनके मुताबिक, मोजतबा लोगों के बीच आना और उनसे मिलना चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसकी अनुमति नहीं दे रहीं. सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात में उनकी सुरक्षा को लेकर बहुत ही ज्यादा चिंता है. इसलिए उनका सार्वजनिक रूप से बाहर आना खतरा पैदा कर सकता है.
पूरे ईरान में शोक का माहौल : इलाही
इलाही ने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान में कई दिनों तक राजकीय अंतिम संस्कार और शोक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. उनके मुताबिक, इन आयोजनों का मकसद इस्लामिक गणराज्य के प्रति जनता की आस्था और समर्थन को दुनिया के सामने दिखाना है. उन्होंने बताया कि खामेनेई की मौत के बाद पूरे ईरान में शोक का माहौल है. बड़ी संख्या में लोग मानते हैं कि खामेनेई जैसा नेता दोबारा मिलना मुश्किल है और उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी.
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इलाही ने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई का निधन उनके समर्थकों के लिए बहुत बड़ा झटका है. उनके मुताबिक, लोग मानते हैं कि उन्होंने सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि अपनी ताकत और प्रेरणा का स्रोत खो दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती. उन्होंने बताया कि ईरान के अलग-अलग हिस्सों के अलावा कई देशों से भी लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए तेहरान पहुंच रहे हैं.
