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Home World सूटकेस में मिलीं 2000 क्वीन चींटियां, चीन ले जा रहा था तस्कर; जानें क्यों है इतनी डिमांड?

सूटकेस में मिलीं 2000 क्वीन चींटियां, चीन ले जा रहा था तस्कर; जानें क्यों है इतनी डिमांड?

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सूटकेस में मिलीं 2000 क्वीन चींटियां, चीन ले जा रहा था तस्कर; जानें क्यों है इतनी डिमांड?
क्वीन चींटियों की एआई इमेज.

Kenya Airport Smuggling Queen Ants: अभियोजन पक्ष (prosecutors) के अनुसार, आरोपी ने इन चींटियों को बड़े ही तरीके से पैक किया था. उसके सूटकेस से 1,948 रानी चींटियां टेस्ट ट्यूब के अंदर मिलीं, जबकि करीब 300 अन्य चींटियों को तीन टिश्यू पेपर के रोल में छिपाया गया था. अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से इन डिब्बों में हवा और नमी (एयरफ्लो और ह्यूमिडिटी) का इंतजाम किया गया था, उससे साफ पता चलता है कि आरोपी को जीवित कीड़ों को लंबी दूरी तक ले जाने का पूरा अनुभव था.

‘जायंट अफ्रीकन हार्वेस्टर’ चींटियों की है प्रजाति

विशेषज्ञों के मुताबिक, ये चींटियां ‘मेसर सेफलोट्स’ (Messor cephalotes) प्रजाति की हैं, जिन्हें ‘जायंट अफ्रीकन हार्वेस्टर’ चींटी के नाम से जाना जाता है. ये पूर्वी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में पाई जाती हैं. ये चींटियां जमीन के नीचे बीज जमा करने और मिट्टी को उपजाऊ बनाने में मदद करती हैं. इनकी जटिल कॉलोनियां और बड़ा आकार इन्हें दुनिया भर के ‘एंट-कीपिंग’ (Ant-keeping) के शौकीनों के बीच काफी लोकप्रिय बनाता है.

क्यों है क्वीन चींटियों की इतनी डिमांड?

आजकल यूरोप और एशिया के देशों में ‘एंट-कीपिंग’ का शौक तेजी से बढ़ रहा है. लोग इन चींटियों को घरों में कांच के कृत्रिम घोंसलों (formicariums) में पालते हैं. रानी चींटी (क्वीन चींटियों) सबसे कीमती होती है क्योंकि सिर्फ वही नई कॉलोनी बसा सकती है और हजारों मजदूर चींटियों को जन्म दे सकती है. मार्केट में एक रानी चींटी की कीमत 100 से 200 यूरो (या उससे ज्यादा) तक हो सकती है. इतनी बड़ी तादाद में बरामदगी से अंदेशा है कि इन्हें अलग-अलग खरीदारों को बेचने की योजना थी.

बड़े तस्करी नेटवर्क का हो सकता है खुलासा

केन्याई अधिकारियों को शक है कि यह किसी बड़े वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है. जांचकर्ता आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट्स की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे ये चींटियां किसने दीं और वह किन अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के संपर्क में था. केन्या की अदालत ने आरोपी को अभी कुछ दिनों के लिए हिरासत में भेज दिया है ताकि पूछताछ पूरी की जा सके.

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एनवायरनमेंट के लिए कितना खतरनाक है यह?

वैज्ञानिकों का कहना है कि चींटियों की इस तरह से तस्करी एनवायरनमेंट के लिए नुकसानदेह है. ये चींटियां मिट्टी को हवादार बनाती हैं और बीजों को फैलाने में मदद करती हैं. जंगलों से इतनी बड़ी संख्या में रानी चींटियों को निकाल लेने से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है. केन्या के वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन अधिनियम के तहत, इस तरह की तस्करी एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए आरोपी को भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है.

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