[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World जापान ने बनाया दुनिया का पहला लकड़ी का सैटेलाइट, बिना कील-हथौड़े के हुआ तैयार

जापान ने बनाया दुनिया का पहला लकड़ी का सैटेलाइट, बिना कील-हथौड़े के हुआ तैयार

0
जापान ने बनाया दुनिया का पहला लकड़ी का सैटेलाइट, बिना कील-हथौड़े के हुआ तैयार
लकड़ी का सैटेलाइट 'LignoSat'

Japan World First Wooden Satellite: जापान ने अंतरिक्ष की दुनिया में एक ऐसा कमाल कर दिखाया है जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. जापान की स्पेस एजेंसी (JAXA) और क्योटो यूनिवर्सिटी ने मिलकर ‘LignoSat’ नाम का एक छोटा सैटेलाइट बनाया है, जो पूरी तरह से मैग् magnolia (एक प्रकार की लकड़ी) से बना है. इस प्रोजेक्ट में सुमितोमो फॉरेस्ट्री ने भी साथ दिया है. इस सैटेलाइट को दिसंबर 2024 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से लॉन्च किया गया था. इसका मकसद सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि यह समझना है कि क्या लकड़ी अंतरिक्ष (स्पेस) के मुश्किल माहौल में टिक पाएगी.

कॉफी मग जितना छोटा, पर काम बड़े

NASA की मदद से भेजे गए इस LignoSat का साइज महज एक कॉफी मग जितना है. नैनोसैट्स डेटाबेस के मुताबिक, यह सैटेलाइट 116 दिनों तक अंतरिक्ष की कक्षा में रहा. इस सैटेलाइट की सबसे खास बात यह है कि इसकी बाहरी दीवारों को बनाने के लिए ‘होनोकी’ (Honoki) नाम की लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है. वैज्ञानिकों ने पहले कई लकड़ियों का टेस्ट किया था, जिसमें यह लकड़ी वैक्यूम, रेडिएशन और तापमान के उतार-चढ़ाव को झेलने में सबसे पक्की साबित हुई.

बिना कील-हथौड़े के हुआ तैयार

इस सैटेलाइट को बनाने में किसी भी तरह के ग्लू (फेविकोल) या पेच का इस्तेमाल नहीं किया गया है. इसके बजाय, जापान की पुरानी लकड़ी जोड़ने वाली तकनीक (Traditional Wood Joinery) का इस्तेमाल किया गया है. रिसर्चर्स यह देखना चाहते थे कि बिना किसी कोटिंग या सुरक्षा के लकड़ी अंतरिक्ष में कैसा व्यवहार करती है. सैटेलाइट के अंदर खास सेंसर लगाए गए थे जो तापमान, रेडिएशन और खिंचाव का डेटा रिकॉर्ड कर रहे थे.

ये भी पढ़ें: मासूम की मौत पर केरल के कपल ने दिखाई दरियादिली, ड्राइवर को किया माफ; कवि रूमी पर रखा था नाम

एनवायरनमेंट के लिए बनेगा गेम चेंजर

आजकल ज्यादातर सैटेलाइट एल्युमीनियम से बनते हैं. जब ये खराब होकर धरती के वायुमंडल में वापस आते हैं, तो जलने पर एल्युमीनियम ऑक्साइड के कण छोड़ते हैं, जो एनवायरनमेंट के लिए खतरनाक हो सकते हैं. लेकिन लकड़ी के साथ ऐसा नहीं है. यह जलने पर कम पॉल्यूशन फैलाती है और पूरी तरह से नष्ट हो जाती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे भविष्य में अंतरिक्ष का कचरा कम करने में बहुत मदद मिलेगी.

क्या है अगला प्लान?

इस पहले मिशन की कामयाबी के बाद अब ‘LignoSat 2’ की तैयारी चल रही है. वैज्ञानिकों के अनुसार, अगला मिशन 2027 में प्लान किया गया है. पहले सैटेलाइट से मिले डेटा को अच्छे से स्टडी किया जाएगा और फिर नए डिजाइन पर काम होगा. यह छोटा सा लकड़ी का टुकड़ा भविष्य में सैटेलाइट बनाने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है.

ये भी पढ़ें: तुम्हारी आंखों को मासूमियत… दुबई के रूलर ने शेयर किया वीडियो; पत्नी के बर्थडे पर ऐसे किया प्यार का इजहार

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel