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Home World 2025 खराब था, 2026 भयानक होगा; इटलियन पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने स्टाफ को किस बात पर चेताया?

2025 खराब था, 2026 भयानक होगा; इटलियन पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने स्टाफ को किस बात पर चेताया?

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2025 खराब था, 2026 भयानक होगा; इटलियन पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने स्टाफ को किस बात पर चेताया?
इटली की PM जियोर्जिया मेलोनी ने अपने स्टाफ को चेतावनी दी है कि 2026 का साल 2025 से कहीं ज्यादा खराब होगा.

Italian PM Giorgia Meloni warns 2026 will be much worse: इटली की आंतरिक आर्थिक स्थिति और वैश्विक हालात को लेकर वहां की सरकार चिंतित नजर आ रही है. इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अपने सहयोगियों को आने वाले समय के लिए सतर्क रहने का संकेत दिया है और साफ कहा है कि आगे की राह आसान नहीं होने वाली. इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अपने स्टाफ को आगाह करते हुए कहा है कि वर्ष 2026, मौजूदा साल 2025 की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. उनके अनुसार, इसकी प्रमुख वजह देश की आर्थिक दिक्कतें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी अनिश्चित परिस्थितियां हैं. 

इटली वर्तमान में भारी सार्वजनिक कर्ज के दबाव से गुजर रहा है और अनुमान है कि 2026 तक यह कर्ज देश की जीडीपी के करीब 137.4 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. इसके अलावा यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति को लेकर देश के भीतर राजनीतिक बहस भी लगातार जारी है. पालाजो कीजी में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मेलोनी ने सालभर की कड़ी मेहनत के लिए उनका धन्यवाद किया और छुट्टियों में पर्याप्त आराम करने की सलाह दी. 

उन्होंने कहा, “हम पूरे साल संघर्ष करते हैं. जो साल हमने बिताया है, वह हम सभी के लिए कठिन रहा है. लेकिन चिंता मत कीजिए, अगला साल इससे भी ज्यादा मुश्किल होगा. इसलिए मैं आपको सलाह देती हूं कि इन छुट्टियों में पूरी तरह आराम करें और अगले कुछ दिनों में हम फिर मिलेंगे, ताकि इस असाधारण देश के लिए काम जारी रख सकें, जो अब भी दुनिया को चकित करने की क्षमता रखता है.”

इटली के सामने कैसी चुनौतियां हैं?

प्रधानमंत्री के इस बयान से इटली के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियां झलकती हैं, जिनमें कमजोर आर्थिक वृद्धि, बढ़ता सार्वजनिक ऋण और श्रम बाजार की समस्याएं शामिल हैं. सरकार ने 2026 के बजट में वित्तीय घाटे को घटाकर जीडीपी के 2.8 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा है, हालांकि इसके लिए कर वृद्धि और सामाजिक योगदान से जुड़े कठिन फैसले भी लेने पड़ सकते हैं.

आर्थिक अनुमानों के मुताबिक, इटली की अर्थव्यवस्था में धीमी गति से वृद्धि होने की संभावना है. 2026 में जीडीपी वृद्धि दर 0.4 से 0.8 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है. इस धीमी रफ्तार को घरेलू मांग और राष्ट्रीय पुनर्बहाली एवं लचीलापन योजना (एनआरआरपी) के तहत होने वाले निवेश से कुछ हद तक सहारा मिलने की उम्मीद है.

पीएम मोदी को दिया इटली आने का न्यौता

इससे पहले, 11 दिसंबर को इटली के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंतोनियो ताजानी ने संकेत दिया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2026 में इटली का दौरा कर सकते हैं. ताजानी के मुताबिक, हाल की मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की ओर से पीएम मोदी को इटली आने का निमंत्रण दिया था, जिसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली. उन्होंने यह भी बताया कि बातचीत के दौरान भारत-इटली संबंधों को मजबूत करने, आईएमईसी परियोजना, औद्योगिक सहयोग और व्यापार पर चर्चा हुई. साथ ही, यूक्रेन संकट के संदर्भ में रूस पर दबाव बनाने में भारत की भूमिका को अहम बताया गया और भविष्य में उद्योग व संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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