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Home World US से बढ़ा तनाव; भारत के डिप्टी NSA से मिले ईरान के नेशनल सिक्योरिटी ऑफिसर, क्या तैयारी कर रहा शिया मुल्क?

US से बढ़ा तनाव; भारत के डिप्टी NSA से मिले ईरान के नेशनल सिक्योरिटी ऑफिसर, क्या तैयारी कर रहा शिया मुल्क?

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US से बढ़ा तनाव; भारत के डिप्टी NSA से मिले ईरान के नेशनल सिक्योरिटी ऑफिसर, क्या तैयारी कर रहा शिया मुल्क?
भारत के डिप्टी NSA पवन कपूर (लाल टाई में) से मिलते ईरान के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव. फोटो- एक्स.

Iran Meets Indian Deputy NSA amid US Tension: ईरान के ऊपर अमेरिका की ओर से दबाव बढ़ता जा रहा है. देश के अंदर वह विरोध प्रदर्शन झेल रहा है और देश के बाहर हमले का डर. ऐसे में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान अपने सभी डिप्लोमैटिक चैनलों  का उपयोग कर रहा है. इसी सिलसिले में ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पवन कपूर से मुलाकात की और बातचीत की. यह बातचीत संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है. ईरान के मुंबई में स्थित वाणिज्य दूतावास ने एक्स पर यह जानकारी साझा की. 

ईरानी काउंसेलेट ने कहा, ‘ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने भारत गणराज्य के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पवन कपूर से मुलाकात की और उनसे बातचीत की.’ ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) वह शीर्ष सरकारी संस्था है, जो देश के राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों और रणनीति को निर्धारित करता है. इसके सचिव अली लारीजानी हैं.

US हमले में ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम तबाह

ईरान में पिछले साल से ही तनाव बढ़ रहा है. ईरान और इजरायल के बीच 12 दिनों का युद्ध छिड़ा. इसके बाद 22 जून 2025 को अमेरिका ने इस शिया मुल्क पर हमला किया. उसने दावा कि ईरान के सभी न्यूक्लियर साइट तबाह कर दिए गए हैं. हालांकि, इसके बाद भी तनाव कम नहीं हुआ. 

दोनों देशों (ईरान और अमेरिका) के बीच न्यूक्लियर टॉक्स रुकने के बाद यह विवाद और बढ़ गया.इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी. ट्रंप ने Truth Social पर एक पोस्ट में कहा कि एक अमेरिकी नेवी तेजी से आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि यह वेनेज़ुएला की ओर भेजे गए समूह से भी बड़ा है. यह फोर्स- ग्रेट पावर, उत्साह और उद्देश्य के साथ तुरंत और आवश्यक होने पर अपनी भूमिका पूरी करने के लिए तैयार. यह पूरी तरह इच्छुक और सक्षम है. 

लगातार दबाव बढ़ा रहा अमेरिका

इससे पहले अमेरिका का एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन हिंद महासागर में पहुंच चुका है. इस जहाजी बेड़े में उसके साथ तीन और जहाज हैं. अमेरिका ईरान के ऊपर ज्यादा से ज्यादा दबाव बनाना चाहता है. यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि वह कई दिनों के तैयारियाँ अभ्यास कर रहा है. यह एसेट्स और कर्मियों के फैलाव क्षमता को बढ़ाने, क्षेत्रीय साझेदारियों को मजबूत करने और लचीले रिस्पॉन्स इंप्लीमेंटेशन के लिए तैयार रहने के उद्देश्य से हैं.

CENTCOM ने कहा कि ये अभ्यास अपनी विश्वसनीय, युद्ध-तैयार और जिम्मेदार मौजूदगी दिखाने वाले हैं, ताकि आक्रमण को रोका जा सके, गलत समझ को कम किया जा सके और साझेदारों को आश्वस्त किया जा सके. ये सैन्य तैयारियाँ CENTCOM प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर और इजरायल की आर्म्ड फोर्सेज के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल आयल जमीर की एक बैठक के बाद आई हैं. इसका फोकस दोनों देशों के बीच रक्षात्मक सहयोग को मजबूत करना था.

ट्रंप ने दी धमकी; बातचीत की टेबल पर आए ईरान

अमेरिका इस दबाव की नीति के तहत ईरान को बातचीत की टेबल पर लाना चाहता है. ट्रंप ने ईरान को संधि वार्ता के लिए वापस निगोशिएटिंग टेबल (बातचीत के लिए) पर आने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि ईरान जल्दी से ‘मेज पर आए’ और एक निष्पक्ष और उचित समझौते पर बातचीत करे. उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता बिना किसी परमाणु हथियार के होगी. एक ऐसा समझौता जो सभी पक्षों के लिए अच्छा हो.

उन्होंने चेतावनी दी कि समय कम होता जा रहा है और स्थिति वास्तव में अत्यंत महत्वपूर्ण है. ट्रंप ने पहले की एक टकराव स्थिति को याद करते हुए लिखा, ‘मैंने ईरान से पहले भी कहा था, डील करो! उन्होंने नहीं किया और तब ‘Operation Midnight Hammer’ हुआ. ईरान का प्रमुख नाश.’ उन्होंने आगाह किया कि अगर संघर्ष फिर से उभरता है, तो वह कई गुना अधिक भयंकर होगा. 

ईरान ने भी उसी अंदाज में दिया जवाब

ईरान ने भी इस धमकी पर तुरंत जवाब दिया. संयुक्त राष्ट्र में अपने मिशन के माध्यम से बुधवार को ईरान ने कहा कि वह आपसी सम्मान और हितों के आधार पर वाशिंगटन के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है. उसी समय एक्स पर एक अलग पोस्ट में ईरान ने चेतावनी दी, ‘लेकिन यदि धक्का दिया गया, तो यह अपनी रक्षा करेगा और पहले कभी नहीं की गई प्रतिक्रिया देगा!’ इस पर ट्रंप ने रिपोर्टरों से कहा कि वाशिंगटन ईरान की चालों पर बारीकी से नजर रख रहा है और कहा कि एक विशाल बेड़ा उस दिशा में बढ़ रहा है.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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