[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World ईरान युद्ध का अंत अभी नहीं! ईरानी विदेश मंत्री बोले; US से कोई बात नहीं, सारे दावे झूठे

ईरान युद्ध का अंत अभी नहीं! ईरानी विदेश मंत्री बोले; US से कोई बात नहीं, सारे दावे झूठे

0
ईरान युद्ध का अंत अभी नहीं! ईरानी विदेश मंत्री बोले; US से कोई बात नहीं, सारे दावे झूठे
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.

Iran War: ईरान युद्ध अब अमेरिका के गले की फांस बनता जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगभग हर रोज ईरान से डील होने और न होने को लेकर बयान दे रहे हैं, लेकिन जमीन पर ऐसा कुछ होता नहीं नजर आ रहा. इसी बीच एक्सियोस की एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें कहा गया कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन इससे पहले कि इस पर कोई बात आगे बढ़ती, ईरानी विदेश मंत्री ने इसे खारिज कर दिया.

एक्सियोस ने सोमवार, 16 मार्च को एक अमेरिकी अधिकारी और मामले की जानकारी रखने वाले एक स्रोत के हवाले से एक रिपोर्ट दी. इसमें कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के के विशेष दूत स्टीव विटकाफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच सीधा संचार चैनल हाल के दिनों में फिर से सक्रिय हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, दोनों के बीच भेजे गए संदेश कितने महत्वपूर्ण या ठोस थे, यह स्पष्ट नहीं है. हालांकि, यह अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच पहली ज्ञात प्रत्यक्ष बातचीत मानी जा रही है.

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अब्बास अराघची ने स्टीव विटकॉफ को टेक्स्ट संदेश भेजे थे. इससे पहले ड्रॉप साइट न्यूज ने रिपोर्ट किया था कि स्टीव विटकॉफ ने अब्बास अराघची को संदेश भेजे थे. लेकिन इन दोनों रिपोर्ट्स में एक ही बात और दोहराई गई, वह यह थी कि वॉशिंगटन तेहरान से बात नहीं कर रहा है और विदेश मंत्री अब्बास इन संदेशों को नजरअंदाज कर रहे थे.

अराघची ने खारिज किया रिपोर्ट का दावा

अराघची ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट में लिखा, मिस्टर विटकॉफ से मेरा आखिरी संपर्क उनके नियोक्ता द्वारा ईरान पर एक और अवैध सैन्य हमले के जरिए कूटनीति को खत्म करने के फैसले से पहले हुआ था. इसके विपरीत कोई भी दावा तेल व्यापारियों और आम जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से किया गया प्रतीत होता है. अराघची का इशारा 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल का ईरान के ऊपर किए गए हमले से था. यानी दोनों (ईरान और अमेरिका) के बीच इस हमले से पहले ओमान की मध्यस्ता में जिनेवा में बातचीत हुई थी और संभवतः वही आखिरी बात थी. 

तेल संकट क्यों पैदा हुआ?

अराघची ने साफ कर दिया कि 28 फरवरी के बाद उन्होंने विटकाफ को कोई मैसेज नहीं किया है. अमेरिका द्वारा इस तरह की बातें फैलाना केवल तेल संकट को कम करने का प्रयास है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करके पूरे वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में इजाफा करवा दिया है, क्योंकि ईरान के दक्षिणी सीमा से गुजरने वाले इस समुद्री रास्ते से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल और गैस का यातायात होता है, जो अभी आंशिक रूप से ठप पड़ा है. आंशिक क्यों? क्योंकि अब भारत और चीन समेत कई देशों के जहाज यहां से सीमित मात्रा में गुजरने लगे हैं, लेकिन अमेरिका और इजरायल के लिए यह रास्ता पूरी तरह बंद है. 

झुकने के मूड में नहीं है ईरान

ईरान इस युद्ध में किसी तरह के मोलभाव के मूड में नहीं है. उसने अमेरिका और इजरायल से तब तक लड़ने की कसम खाई है, जब तक कोई निर्णायक नतीजा नहीं निकल जाता. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार दावा कर रहे हैं कि ईरान बातीचत करना चाहता है. उन्होंने यह भी कहा है कि अमेरिकी ईरानी सेना तबाह कर दी है. उसकी नौसेना के जहाज नष्ट कर दिए गए हैं. ट्रंप ने यह भी कहा है कि ईरान की अब मिसाइल और ड्रोन हमला करने की क्षमता भी कम हो गई है. इससे पहले ट्रंप ने ईरान के सरेंडर करने की भी घोषणा की थी, लेकिन उस समय भी अराघची ने इससे इनकार किया था. 

इससे पहले अराघची ने कहा कि ईरान ने न तो किसी युद्धविराम (ट्रूस) की मांग की है और न ही बातचीत की पहल की है, और उन्होंने ऐसे दावों को भ्रमपूर्ण बताया है. विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि ईरान की शक्तिशाली सेना तब तक कार्रवाई जारी रखेगी जब तक अमेरिकी राष्ट्रपति यह नहीं समझ लेते कि अमेरिका द्वारा थोपा गया यह अवैध युद्ध गलत है और इसे दोबारा नहीं दोहराया जाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि इसके साथ ही, ईरान ने यह भी कहा कि इस संघर्ष के पीड़ितों को मुआवजा दिया जाना चाहिए.

ये भी पढ़ें:- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तैनात हुई इंडियन नेवी, वॉरशिप से एस्कॉर्ट कर रही तिरंगा लगे जहाज

ये भी पढ़ें:- पिता की मौत से चंद सेकेंड पहले निकले थे मोजतबा खामेनेई, किस्मत से बची ईरान के सुप्रीम लीडर की जान

यह बयान ईरान की तरफ से अमेरिका के दावों को खारिज करने वाले सख्त रुख को दर्शाता है. उसने साफ कहा है कि वह सीजफायर के लिए बातचीत में शामिल नहीं हुआ है. इसके साथ ही उसने सैन्य कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी है.

वहीं, इजरायली सेना ने मंगलवार तड़के एक बार फिर ईरान की राजधानी में बड़े पैमाने पर हमले शुरू करने की घोषणा की. इजरायल ने ईरान की ओर से दो हमलों की सूचना मिलने के बाद इन नए हमलों की घोषणा की. उसने लेबनान में भी ईरान समर्थित चरमपंथी समूह हिजबुल्ला पर भी हमले तेज कर दिए. 

Previous article स्मार्टफोन से मिनटों में करें LPG e-KYC, जानिए स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
Next article माइग्रेन से आराम पाने के लिए फॉलो करें न्यूट्रिशनिस्ट रमिता कौर के टिप्स
Avatar Of Anant Narayan Shukla
अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel