अमेरिका को भारी झटका: F-35 से भी महंगा ड्रोन ईरान युद्ध में खोया

Iran War : अमेरिका का 240 मिलियन डॉलर वाला सुपर कॉस्टली जासूसी ड्रोन फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में अचानक गायब हो गया. नेवी ने बताया कि ये होर्मुज स्ट्रेट के पास क्रैश हुआ. अब चर्चा है कि कहीं ईरान ने इसे मारकर गिराया तो नहीं.

By Amitabh Kumar | April 16, 2026 6:47 AM

Iran War : ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच अमेरिका ने अपना बेहद एडवांस और महंगा MQ-4C Triton ड्रोन खो दिया. इसकी कीमत करीब 200–240 मिलियन डॉलर बताई जा रही है, जो दो F-35 फाइटर जेट से भी ज्यादा है. ये ड्रोन फारस की खाड़ी में गायब हुआ, जिससे अब तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. ये भी शक है कि कहीं ईरान का ये निशाना तो नहीं बन गया.

ड्रोन के खोने की पुष्टि अमेरिका ने की

MQ-4C ड्रोन 9 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट के पास ऑपरेशन के दौरान अचानक गायब हो गया. बताया जा रहा है कि उसने “कोड 7700” इमरजेंसी अलर्ट भी भेजा था. बाद में अमेरिकी नेवल कमांड ने मंगलवार (14 अप्रैल) को अपनी रिपोर्ट में इस ड्रोन के खोने की पुष्टि कर दी. अमेरिकी नेवी की रिपोर्ट के मुताबिक, ये हाई-टेक MQ-4C ड्रोन फारस की खाड़ी में क्रैश हो गया. यानी मिशन के दौरान ही ये सीधा समंदर में गिरा और पूरी तरह खत्म हो गया. यह लंबे समय तक ऊंचाई पर उड़कर निगरानी करने में कैपेबल था.

अमेरिका को हुआ बहुत बड़ा नुकसान

अमेरिका स्थित CBS न्यूज के अनुसार, अमेरिका के नियमों के मुताबिक अगर किसी हादसे में 2.5 मिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान हो तो उसे “क्लास A मिशैप” कहा जाता है. इस मामले में तो नुकसान करीब 240–250 मिलियन डॉलर का बताया जा रहा है, यानी ये बेहद बड़ा और महंगा हादसा माना जा रहा है.

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अमेरिका की नेवी का बेहद एडवांस ड्रोन है MQ-4C Triton

9 अप्रैल को खबरें आई थीं कि MQ-4C ड्रोन को ईरान की एयर डिफेंस ने मार गिराया, लेकिन अब अमेरिकी नेवी ने कहा है कि ये क्रैश हुआ था. मंगलवार को जारी रिपोर्ट में बस इतना बताया गया कि ड्रोन गिरा और किसी को चोट नहीं आई. घटना की असली वजह क्या थी, इस पर अभी भी साफ जानकारी सामने नहीं आई है. MQ-4C Triton अमेरिका की नेवी का बेहद एडवांस बिना पायलट वाला ड्रोन है, जो लंबे समय तक उड़कर बड़े इलाके पर नजर रख सकता है. इसका इस्तेमाल समुद्री रास्तों पर निगरानी, सैन्य गतिविधियों (Military Activities) को ट्रैक करने और पूरे इलाके की स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए किया जाता है.