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Home World ईरान की शर्तों पर भड़के ट्रंप: मुआवजा और होर्मुज कंट्रोल बना बड़ा विवाद

ईरान की शर्तों पर भड़के ट्रंप: मुआवजा और होर्मुज कंट्रोल बना बड़ा विवाद

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ईरान की शर्तों पर भड़के ट्रंप: मुआवजा और होर्मुज कंट्रोल बना बड़ा विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo: PTI)

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को भेजे गए ईरान के प्रस्ताव में युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा मांगा गया है. साथ ही ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी संप्रभुता (ईरान का नियंत्रण) को मान्यता देने की भी शर्त रखी है. रविवार (10 मई) को अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के जवाब को ठुकराते हुए कहा कि यह उन्हें बिल्कुल भी मंजूर नहीं है.

अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान का जवाब

1. ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव के जवाब में कहा कि पहले तुरंत युद्ध रोका जाए. साथ ही उसने यह भी मांग रखी कि आगे से उस पर कोई नया हमला न किया जाए और इसकी पक्की गारंटी दी जाए.

2. ईरान ने अपने जवाब में यह भी कहा कि युद्ध में हुए नुकसान का उसे मुआवजा दिया जाए. साथ ही उसने होर्मुज पर अपने पूरे अधिकार को मान्यता देने की मांग रखी है.

3. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने यह भी मांग की कि अमेरिका का OFAC कुछ समय के लिए उसके तेल बेचने पर लगी पाबंदियां हटाए और 30 दिन तक राहत दे. साथ ही उसने समुद्री घेराबंदी खत्म करने की भी बात कही.

4. ईरान ने यह भी कहा है कि अगर अमेरिका कुछ तय शर्तें मान ले, तो होर्मुज का मैनेजमेंट ईरान के हाथ में रहेगा. हालांकि ये शर्तें क्या होंगी, इसका साफ तौर पर खुलासा नहीं किया गया है.

5. ईरान ने अपने प्रस्ताव में साफ कहा है कि लड़ाई सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि हर मोर्चे पर पूरी तरह खत्म होनी चाहिए. यानी सभी जगहों पर चल रहे संघर्ष को एक साथ रोकने की मांग की गई है.

6. इस प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि लड़ाई खत्म होने के बाद 30 दिन तक बातचीत का दौर चलेगा, जिसमें आगे की शर्तों और डिटेल्स को तय किया जाएगा.

यह भी पढ़ें : क्या थम जाएगी मिडिल ईस्ट की जंग? ईरान ने दिया अमेरिकी प्रस्ताव का जवाब

इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक रिपोर्ट दी है. इसमें कहा गया है कि ईरान ने संकेत दिया है कि वह यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) को कुछ समय के लिए रोकने को तैयार है, लेकिन अमेरिका के 20 साल के प्रस्ताव से कम अवधि के लिये. हालांकि, तेहरान ने अपने परमाणु ठिकानों को खत्म करने की मांग को साफ तौर पर खारिज कर दिया है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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