ये ख्वाब कब्र तक ले जाएं ट्रंप… ईरानी राष्ट्रपति का ‘सरेंडर’ से इनकार, पड़ोसियों से मांगी माफी

Iran War: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर तीखी टिप्पणी दी है. उन्होंने ट्रंप के बिना शर्त सरेंडर करने की मांग को ठुकराते हुए कहा कि अमेरिका को इस ख्वाब को अपनी कब्र तक ले जाना चाहिए. अब जाहिर है अमेरिका की डेथ तो नहीं होगी, यह सीधा ट्रंप को ही जवाब था. साथ ही पेजेश्कियान ने अपने पड़ोसी देशों से भी हाल के हमलों के लिए माफी मांगी है.

By Anant Narayan Shukla | March 7, 2026 2:23 PM

Iran War: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने शनिवार को कहा कि अमेरिका द्वारा मांगी जा रही बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग एक ऐसा ‘ख्वाब’ है जिसे अमेरिका को अपनी कब्र तक ले जाना चाहिए. यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी का जवाब है. राष्ट्रपति मसूद ने यह बयान सरकारी टीवी पर प्रसारित एक पहले से रिकॉर्ड किए गए संबोधन में दिया. उन्होंने क्षेत्रीय देशों पर ईरान के हमलों के लिए माफी भी मांगी और कहा कि तेहरान इन्हें रोक देगा. उन्होंने संकेत दिया कि ये हमले सैन्य कमान में हुई गलतफहमी के कारण हुए थे. यह बयान ऐसे समय आया है जब शनिवार तड़के ईरान ने शनिवार सुबह बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर कई बार हमले किए गए.

ट्रंप ने अपने ट्रुश सोशल पर शुक्रवार को लिखा,  ‘ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होगा, सिवाय बिना शर्त आत्मसमर्पण के! इसके बाद एक महान और स्वीकार्य नेता के चयन के बाद, हम और हमारे कई शानदार व बहादुर सहयोगी मिलकर ईरान को विनाश के कगार से वापस लाने के लिए अथक मेहनत करेंगे, ताकि वह आर्थिक रूप से पहले से कहीं बड़ा, बेहतर और मजबूत बन सके. ईरान का भविष्य शानदार होगा. मेक ईरान ग्रेट अगेन (MIGA).’

ईरान में इस समय सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद यह जगह खाली है. ऐसे में राष्ट्रपति पेजेश्कियान की ओर से ट्रंप की टिप्पणी पर ऐसा तीखा जवाब दिया गया है. वह ईरान की लीडरशिप में साइडलाइन माने जाते है, क्योंकि उन्हें थोड़ा उदारवादी माना जाता है, लेकिन उन्होंने भी ऐसा कड़ा बयान दिया है. हालांकि, इस माफी को उस रिएक्शन के जवाब में देखा जा रहा है, जिसमें सूत्रों का हवाला देकर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने दावा किया कि खाड़ी देशों ने ईरान के ऊपर हमला करने की योजना बना ली थी. वहीं, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने कहा कि देश अपनी रक्षा के लिए ‘सभी आवश्यक कदम’ उठाएगा.

हालांकि, इस युद्ध के खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने इजरायल को 151 मिलियन डॉलर के नए हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी है. साथ ही अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में इस एक सप्ताह पुराने युद्ध का अब तक का सबसे बड़ा बमबारी अभियान शुरू हो सकता है. वहीं ईरान ने पेजेश्कियान की इस माफी के बाद भी कतर पर हमला किया. हालांकि, उन्हें सुरक्षा तंत्र ने रोक लिया. 

इस युद्ध में अब तक ईरान में कम से कम १,२३० लोग मारे जा चुके हैं, जबकि लेबनान में २०० से अधिक और इजरायल में लगभग एक दर्जन लोगों की मौत हुई है. छह अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं. राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘कुछ देशों’ ने मध्यस्थता की कोशिशें शुरू की हैं, हालांकि उन्होंने विस्तार से जानकारी नहीं दी. ईरानी सरकारी टीवी ने बताया कि नेतृत्व परिषद ने देश की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की बैठक बुलाने पर चर्चा शुरू कर दी है, जो नए सुप्रीम लीडर का चयन करती है. फिलहाल ईरान में तीन लोगों की लीडरशिप काउंसिल, जिसमें ज्यूडिशियरी के अध्यक्ष गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई सीनियर मौलवी अलीरेजा अराफी और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान शामिल हैं.

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खाड़ी देशों में अब भी शांत नहीं हुआ है संघर्ष

संघर्ष के विस्तार का संकेत देते हुए शनिवार सुबह बहरीन में सायरन बजने लगे, जब ईरान ने इस द्वीपीय देश को निशाना बनाया. वहीं सऊदी अरब ने बताया कि उसने अपने विशाल शायबह ऑयल फील्ड की ओर बढ़ रहे ड्रोन को नष्ट कर दिया और प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया. इस एयर बेस पर अमेरिकी सेना की तैनाती है. 

दुबई में शनिवार सुबह कई धमाके सुनाई दिए और सरकार ने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया गया है. दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ान का इंतजार कर रहे यात्रियों को अलर्ट बजने के बाद हवाई अड्डे के नीचे बने ट्रेन सुरंगों में भेज दिया गया. बाद में लंबी दूरी की एयरलाइन एमिरेट्स ने घोषणा की कि ‘दुबई आने-जाने वाली सभी उड़ानें अगली सूचना तक स्थगित कर दी गई हैं.’

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शनिवार सुबह यरूशलम में भी जोरदार धमाके सुनाई दिए और ईरान से दागी गई मिसाइलों के कारण पूरे इजरायल में लोग बम शेल्टर की ओर भागते नजर आए. हालांकि इजरायल की आपातकालीन सेवाओं ने तत्काल किसी हताहत की सूचना नहीं दी.

अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर लगातार हमले करते हुए उसकी सैन्य क्षमताओं, नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया है. युद्ध के घोषित लक्ष्य और समय-सीमा कई बार बदलते रहे हैं. कुछ मौकों पर अमेरिका ने संकेत दिया कि वह ईरान की सरकार को गिराने या अंदर से नया नेतृत्व उभारने की कोशिश कर सकता है. शनिवार को पश्चिमी तेहरान के ऊपर विस्फोट और धुआं उठता दिखाई दिया. इजरायल ने कहा कि उसने हमलों की व्यापक नई लहर शुरू की है.