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Home World ईरान की दो टूक, कहा- बातचीत को तैयार, दबाव डाला तो अमेरिका देखेगा ताकत

ईरान की दो टूक, कहा- बातचीत को तैयार, दबाव डाला तो अमेरिका देखेगा ताकत

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ईरान की दो टूक, कहा- बातचीत को तैयार, दबाव डाला तो अमेरिका देखेगा ताकत
Iran US Peace Talk

Iran US Peace Talk: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका पीस टॉक भले ही किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, लेकिन दोनों देशों के बीच संवाद के दरवाजे अभी बंद नहीं हुए हैं. भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताअली ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ एक और दौर की शांति वार्ता के लिए तैयार है, बशर्ते अमेरिका ‘अवैध मांगों’ से परहेज करे और तेहरान की शर्तों को गंभीरता से ले. ईरान ने अमेरिका की उन मांगों को मानने से इनकार किया है जिसमें उसके परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपने नियंत्रण कम करना शामिल है. ईरान अमेरिका की इन मांगों को अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता के खिलाफ मानता है.

…तो हो सकती है ईरान और अमेरिका के बीच बात- फताअली

फताअली ने इस बात का संकेत दिया है कि अगर अमेरिका ईरान की शर्तों को मान लेता है, तो बातचीत आगे बढ़ सकती है. पाकिस्तान में बातचीत की विफलता पर उन्होंने कहा कि वार्ता के दौरान अमेरिकी पक्ष ने ऐसी मांगें रखीं थी जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं थीं. पाकिस्तान में हुई वार्ता में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वाशिंगटन को ईरान से इस बात की पक्की गारंटी चाहिए होगी कि वे परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि इसी कारण बातचीत बेनतीजा खत्म हो गई. ईरानी राजदूत ने यह भी कहा कि ईरान शांति और बातचीत दोनों के लिए तैयार है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वह युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार है.

होर्मुज पर फिर ईरान ने किया दावा

मीडिया से बात करते हुए ईरानी राजदूत ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपने देश का रुख साफ करते हुए दावा किया कि यह जलमार्ग ईरान के जल क्षेत्र में आता है. अमेरिका और इजराइल से जंग के दौरान ईरान ने होर्मुज बंद कर दिया था. इसके बाद से इस रास्ते से जहाजों और टैंकरों की आवाजाही बंद है. ईरान बहुत कम जहाजों की इस रास्ते से पार होने की इजाजत दे रहा है.

ट्रंप की नाकेबंदी वाली बात पर दिया यह जवाब

ईरानी राजदूत मोहम्मद फताअली ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरानी बंदरगाहों की संभावित नाकेबंदी की धमकी के सवाल पर कहा कि अमेरिका ने ईरान की ताकत देखी है. अगर तुम लड़ोगे, तो हम भी लड़ेंगे. सैन्य सलाहकार और रिवोल्यूशनरी गार्ड के पूर्व कमांडर मोहसेन रेजाई ने लिखा कि होर्मुज नाकाबंदी का मुकाबला करने के लिए ईरान की सशस्त्र सेनाओं के पास हथियारों की कमी नहीं है. रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दोहराया कि होर्मुज पर उसका कब्जा है.

होर्मुज पर अमेरिकी सेना ने क्या कहा?

इससे पहले अमेरिका ने घोषणा की थी कि वह ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू करेगा. अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा था कि नाकाबंदी वाले क्षेत्र में मौजूद जहाजों को रोका और जब्त किया जा सकता है, चाहे वो किसी भी देश के झंडे वाले जहाज हों. बिना अनुमति के नाकाबंदी वाले क्षेत्र में प्रवेश करने या निकलने वाले किसी भी जहाज को रोका, मोड़ा और जब्त किया जा सकता है.

ईरान का परमाणु कार्यक्रम रहा है अमेरिका से तनाव का कारण

अमेरिका और इजराइल की ओर से 28 फरवरी को युद्ध शुरू करने से बहुत पहले ही ईरान का परमाणु कार्यक्रम तनाव का केंद्र बिंदु रहा है. तेहरान लंबे समय से परमाणु हथियार बनाने की कोशिश से इनकार करता रहा है, लेकिन असैन्य परमाणु कार्यक्रम के अपने अधिकार पर जोर देता है.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
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