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Home World ईरानी सुप्रीम लीडर के परिवार में अब कौन-कौन बचा? हमले में खामेनेई समेत मारे गए कई परिवार वाले

ईरानी सुप्रीम लीडर के परिवार में अब कौन-कौन बचा? हमले में खामेनेई समेत मारे गए कई परिवार वाले

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ईरानी सुप्रीम लीडर के परिवार में अब कौन-कौन बचा? हमले में खामेनेई समेत मारे गए कई परिवार वाले
एक बच्ची के साथ बात करते खामेनेई. फोटो- एक्स.

Iran Khamenei Family: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त एयरस्ट्राइक में मौत हो गई. 1 मार्च को ईरान के सरकारी मीडिया ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की. इस हमले में खामेनेई के कुछ परिवारीजनों की भी मौत हुई है. इनमें उनकी बेटी, दामाद, बहू और पोते-पोती शामिल हैं. खामेनेई की मौत के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर बनने में मोजतबा खामेनेई का नाम सबसे आगे चल रहा है, जो कि अली खामेनेई के ही बेटे हैं. एसे में ईरान में 36 साल तक शासन करने वाले लीडर की मौत के बाद उनके परिवार में कौन-कौन हैं? आइए, उनके परिवार और निजी जीवन पर एक नजर डालते हैं.  

अली हुसैनी खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को मशहद में हुआ. वे ईराक के शिया मौलवी सैयद जावद खामेनेई और खदीजे मिर्दामादी के घर पैदा हुआ थे, इसलिए उनमें एक प्रमुख धार्मिक नेता होने के साथ-साथ प्रभावशाली राजनेता भी गुण था. उनके 8 भाई बहन थे. खामेनेई के तीन भाई थे, जिनमें मोहम्मद खामेनेई और हादी खामेनेई प्रमुख हैं. उनकी चार बहनें थीं, जिनमें से एक बदरी खामेनेई 1980 के दशक में ईरान छोड़कर विदेश चली गई थीं.

पढ़ाई लिखाई में अच्छे होने के कारण वह 1957 में नजफ गए. अपनी असाधारण काबिलियत के बलबूते उन्होंने पहलवी शासन का अंत करने में अहम भूमिका निभाई. वर्ष 1989 में वे रोहुल्ला खुमैनी के बाद ईरान के दूसरे सुप्रीम लीडर बने और 2026 में अपनी हत्या तक इस पद पर बने रहे. इससे पहले वे 1981 से 1989 के बीच ईरान के राष्ट्रपति भी रह चुके थे. जुलाई 1989 में संविधान संशोधन के लिए जनमत संग्रह कराया गया, जिसमें सर्वोच्च नेता बनने की शर्तों को बदला गया और खामेनेई को अयातुल्ला का दर्जा दिया गया. इसके बाद वह सर्वोच्च नेता बन गए. अपने निधन के समय वे मध्य पूर्व में सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले राष्ट्राध्यक्ष थे और शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी के बाद ईरान के सबसे लंबे शासन करने वाले नेता माने जाते थे.

अयातुल्ला अली खामेनेई की पत्नी

खामेनेई की पत्नी का नाम मंसूरा खोजस्तेह बाघेरजादेह थी. उन्होंने 1964 में अली खामेनेई से विवाह किया था. वे सार्वजनिक जीवन से दूर रहती थीं और बहुत कम मौकों पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई देती थीं. उन्होंने 1992 या 93 में आखिरी इंटरव्यू दिया था. उन्हें अक्सर ईरान की इनविजिबल वूमन कहा जाता था. उनका मानना था कि परिवार को पालना उनकी बड़ी जिम्मेदारी है. 

खामेनेई के बेटे और बेटी

अयातुल्ला खामेनेई के कुल छह बच्चे हैं. चार बेटे और दो बेटियां. उनके बेटों के नाम मोस्तफा, मोजतबा, मसूद और मेयसाम हैं, जबकि बेटियों के नाम बोशरा और होदा हैं. सबसे बड़े बेटे मोस्तफा एक धार्मिक विद्वान हैं. उन्होंने ईरानी दार्शनिक अजीज़ुल्लाह खोशवात की बेटी से विवाह किया था और ईरान-इराक युद्ध में भी हिस्सा लिया था. मसूद ने ईरानी नेता मोहसिन खराजी की बेटी से शादी की, लेकिन वे किसी सरकारी या गैर-सरकारी पद पर नहीं हैं. 

कई पोते-पोती, लेकिन केवल एक का नाम सार्वजनिक

खामेनेई की दो बेटियां बोशरा और होदा की शादी क्रमशः मोहम्मद मोहम्मदी गोलपायगानी और मेसबाह अल-हुदा बाघेरी कानी से हुई है. उनके बेटे और बेटियों से कई नाती-पोते भी हैं, हालांकि उनके नाम सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं. सार्वजनिक रूप से सिर्फ एक पोते मोहम्मद बाघेर खामेनेई का ही नाम सामने आया है.

दिन में पहले तेहरान सिटी काउंसिल के सदस्य मैसम मोजफ्फर के हवाले से ईरानी मीडिया ने बताया था कि तेहरान पर हुए हमलों में सुप्रीम लीडर के दो रिश्तेदार मारे गए-खामेनेई के दामाद मेसबाह अल-हुदा बाघेरी कानी और उनकी पत्नी जहरा हद्दाद आदेल. इसके कुछ घंटे बाद, डोनाल्ड ट्रंप के ट्रुथ सोशल पोस्ट के बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि खामेनेई की बेटी और उनका एक पोता/पोती भी इस हमले में मारे गए हैं. हालांकि, अब भी इन मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि उनकी कौन-सी बेटी और कौन-से पोते इस हमले से प्रभावित हुए.

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