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ईरान को ट्रंप की चेतावनी, कहा- डील नहीं हुई तो होगा महायुद्ध, अब्राहम समझौते पर जोर

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ईरान को ट्रंप की चेतावनी, कहा- डील नहीं हुई तो होगा महायुद्ध, अब्राहम समझौते पर जोर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो- पीटीआई

Iran America Conflict: अमेरिका ईरान के बीच जारी तनातनी के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ जारी बातचीत ठीक ढंग से आगे बढ़ रही है. सोमवार को अपने सोशल मीडिया ट्रूथ सोशल पर ट्रंप ने अपने एक लंबे-चौड़े पोस्ट में लिखा कि अगर यह समझौता होता है तो यह पूरी दुनिया के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है, लेकिन अगर ईरान के साथ डील नहीं हुई तो हालात फिर युद्ध की ओर जा सकते हैं. ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी देश बड़ा संघर्ष नहीं चाहता, लेकिन अगर हालात बिगड़े तो लड़ाई पहले से कहीं ज्यादा भयानक हो सकती है.

कई मुस्लिम देशों के नेताओं से हुई चर्चा

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान, कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी, प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम बिन जाबेर अल थानी और मंत्री अली अल-थवादी समेत कई नेताओं से बातचीत की. ट्रंप ने कहा कि इन चर्चाओं में उन्होंने सभी देशों से एक साथ अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने की अपील की.

अब्राहम समझौते से मिडिल ईस्ट में आएगी स्थायी शांति- ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक अब्राहम समझौते में शामिल देशों को आर्थिक, सामाजिक और रणनीतिक स्तर पर बड़ा फायदा मिला है. उन्होंने दावा किया कि संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, मोरक्को, सूडान और कज़ाकिस्तान जैसे देशों ने इस समझौते से स्थिरता और विकास हासिल किया है. उन्होंने कहा कि यह समझौता मिडिल ईस्ट में सच्ची शक्ति, मजबूती और स्थायी शांति लाने वाला दस्तावेज साबित हो सकता है. ट्रंप ने कहा ईरान के साथ शांति वार्ता में मध्यस्थता कर रहे देशों को अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने चाहिए जो इजराइल और अरब देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करने से संबंधित है.

सऊदी अरब और कतर से तुरंत जुड़ने की अपील

ट्रंप ने कहा कि इस प्रक्रिया की शुरुआत सऊदी अरब और कतर को तुरंत समझौते में शामिल होकर करनी चाहिए. उनके मुताबिक, जो देश इसमें शामिल नहीं होंगे, उनकी मंशा पर सवाल उठ सकते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि कई नेताओं ने संकेत दिए हैं कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो जाता है, तो वे ईरान को भी अब्राहम समझौते का हिस्सा बनाने का समर्थन करेंगे.

मिडिल ईस्ट बन सकता है दुनिया का सबसे ताकतवर क्षेत्र – ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि अगर यह गठबंधन बनता है, तो मध्य-पूर्व आर्थिक और रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे शक्तिशाली क्षेत्रों में शामिल हो सकता है. उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को अन्य देशों को अब्राहम समझौते में शामिल करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश देने की बात भी कही. इस बीच अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि समझौते को लेकर अंतिम फैसले में अभी समय लग सकता है, क्योंकि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनई किसी अज्ञात स्थान से काम कर रहे हैं और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क बेहद सीमित है. अधिकारियों का कहना है कि उनसे केवल संदेशवाहकों के जटिल नेटवर्क के जरिए संपर्क किया जा सकता है. ऐसे में अमेरिका की ओर से भेजे गए प्रस्तावों और जवाबों को सर्वोच्च नेता तक पहुंचने में काफी समय लग रहा है.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
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