[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World ‘हम सैनिक नहीं, फिर हमें क्यों मार रहे हो?’ ईरान में फंसे भारतीय नाविकों का दर्द; केवल हमको ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है?

‘हम सैनिक नहीं, फिर हमें क्यों मार रहे हो?’ ईरान में फंसे भारतीय नाविकों का दर्द; केवल हमको ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है?

0
‘हम सैनिक नहीं, फिर हमें क्यों मार रहे हो?’ ईरान में फंसे भारतीय नाविकों का दर्द; केवल हमको ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है?
भारतीय नाविकों के वीडियो का स्क्रीनशॉट.

Indian Seafarers Attacked: अमेरिका और ईरान की लड़ाई में भारतीय नाविकों को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? यह सवाल भारत के नाविकों ने उठाया है. उन्होंने कहा कि वे न तो सैनिक हैं और न ही उन्हें युद्ध की ट्रेनिंग मिली है. वह समुद्र में व्यापार करते हैं, देश का बिजनेस बढ़ाते हैं, लेकिन उन पर हमले हो रहे हैं. बीते दिनों भारत के तीन नाविक पलाऊ के झंडे वाले एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में मारे गए. इसके बाद भारत ने अमेरिका से कड़ी आपत्ति जताई. भारत में राजदूत को तलब किया गया, तो वहीं भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री को फोन लगाया. अगले दिन अमेरिका ने उल्टा भारत को ज्ञान दिया कि कमर्शियल जहाजों के लिए होर्मुज बंद है और अमेरिकी आदेश का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. लेकिन सवाल यह है कि केवल भारतीय जहाजों को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है?

भारतीय नाविकों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें तीन नाविक अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैं. इसमें पहला नाविक कहता है कि सीफेयरर्स पर अटैक हो रहे हैं, इस पर हम लोग वीडियो बना रहे हैं. इस पर दूसरे नाविक से वह घटना का बयान करने के लिए कहता है. इस पर नाविक कहता है, भाई अभी हम लोग ईरान में हैं. माहौल इतना खराब है, सिर्फ इंडियन शिपों पर अटैक हो रहा है. क्यों भाई आप दोनों की लड़ाई में हमको क्यों बीच में ला रहे हो? उसका इशारा अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की ओर था.

उसने आगे कहा, हम मिलिट्री से नहीं हैं. हमें युद्ध लड़ने की ट्रेनिंग नहीं मिली है. हम नाविक हैं, बिजनेस कर रहे हैं, देश की इकॉनमी बढ़ा रहे हैं, ऑयल ला रहे हैं, तो हमारे ऊपर क्यों अटैक कर रहे हो? हमारी क्या गलती है? हम कांट्रैक्ट पर काम करते हैं. हम लोगों की क्या गलती है.

उसने आगे कहा कि भारत के 13 लाख नाविक हैं. अभी अटैक हो रहे हैं. अभी कल एक शिप पर अटैक हुआ था. मैं उस शिप पर था. कैप्टन ने भी कहा कि हम पर क्यों अटैक हो रहा है. इसके बाद उन्होंने फिर दोहराया कि भारतीय शिप और नाविकों पर ही क्यों अटैक हो रहे हैं.

एक और नाविक की गई जान

ईरान और अमेरिका की लड़ाई में भारतीय क्रू मेंबर वाले जहाज सेटेबेलो में तीन भारतीयों की मौत हो गई. इसमें डेक कैडेट आदित्य शर्मा, चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया शामिल हैं. इन सभी की मौत की खबर के बाद एक और भारतीय नाविक की मौत की सूचना आई. ओमान में ही MT सेलेस्टियल जहाज पर तमिलनाडु के सेकंड ऑफिसर निशांत उर्थनाथ की मौत की खबर आई.

ये भी पढ़ें:- दुनिया का दूसरा सबसे लंबा नेता, 6 फुट 6 इंच है कद, पीएम मोदी की जमकर की तारीफ, जानें कौन हैं ये?

ये भी पढ़ें:- बांग्लादेश में एक ही रात में तीन हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़, कई देवी-देवताओं की मूर्तियां क्षतिग्रस्त; जांच शुरू

उनकी मौत के दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन होर्मुज में खराब स्थिति के कारण उनका शव जहाज पर ही. क्रू मेंबर्स के पास बर्फ नहीं है, ऐसे में उनका शव वहीं पड़े-पड़े खराब हो रहा है. जहाज के कैप्टन ने एक वीडियो जारी करते हुए मदद की गुहार लगाई है. उनके शव को बचाने के लिए क्रू मेंबर्स ठंडे पानी की बोतलों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

हालांकि, निशांत की मौत किसी हमले में नहीं बल्कि गंभीर बीमारी की वजह से 11 जून को हुआ था. लेकिन होर्मुज में चल रही नाकेबंदी की वजह से समय पर मदद नहीं मिल पाई. ओमान के मस्कट में स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि निशांत के शव को लाने के लिए उचित उपाय किए जा रहे हैं. दूतावास जहाज का संचालन करने वाली कंपनी के साथ संपर्क बनाए हुए है.

अमेरिका और ईरान के इस युद्ध में अब तक अलग अलग जगहों पर 13 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है.

Previous article उत्तर से दक्षिण बिहार तक अलर्ट, पटना समेत कई जिलों में 21 जून तक आंधी-तूफान और बारिश का खतरा
Next article औरंगाबाद में जर्जर PHC भवन में खतरे के बीच इलाज, महिला वार्ड बंद, पुरुष वार्ड में शिफ्ट हो रहीं प्रसूताएं
Avatar Of Anant Narayan Shukla
अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel