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Home World शादी के कुछ घंटे बाद ही भारतीय मूल के पायलट की मौत, घने जंगल में गिरा हेलीकॉप्टर, पत्नी बचीं

शादी के कुछ घंटे बाद ही भारतीय मूल के पायलट की मौत, घने जंगल में गिरा हेलीकॉप्टर, पत्नी बचीं

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शादी के कुछ घंटे बाद ही भारतीय मूल के पायलट की मौत, घने जंगल में गिरा हेलीकॉप्टर, पत्नी बचीं
डेव फिजी और उनकी पत्नी जेस्नी. फोटो- फेसबुक (@Jaison Mathew).

Indian Origin Pilot Killed: खुशियों से भरा एक शादी समारोह कुछ ही घंटों में मातम में बदल गया. अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में भारतीय मूल के 25 वर्षीय पायलट डेव फिजी की उस हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई, जो उनकी शादी के दिन ही हुआ. हेलीकॉप्टर उड़ा रहे पायलट की भी जान चली गई. हालांकि, हादसे में डेव की पत्नी जेस्नी गंभीर हादसे के बाद बच गई हैं. उन्हें घायल हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया. 

केरल से संबंध रखने वाले 25 वर्षीय डेव फिजी डेल्टा एयर लाइंस में पायलट थे. शुक्रवार को उन्होंने जेस्नी के साथ जॉर्जिया के डॉसनविल स्थित ‘द रिवीयर’ वेडिंग वेन्यू में विवाह किया था. शादी में सैकड़ों मेहमान शामिल हुए थे और परिवार के अनुसार समारोह बेहद शानदार ढंग से संपन्न हुआ.

डेव के माता-पिता जॉर्ज और फीबा फिजी कई साल पहले केरल के एर्नाकुलम जिले के मुवत्तुपुझा क्षेत्र से अमेरिका आकर बस गए थे. वहीं जेस्नी का परिवार भी केरल के अलप्पुझा जिले से जुड़ा हुआ है. परिवार के मुताबिक, डेव और जेस्नी की मुलाकात चर्च से जुड़े परिचितों के जरिए हुई थी. समय के साथ दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और उन्होंने जीवनसाथी बनने का फैसला किया था.

शादी के बाद हेलीकॉप्टर से रवाना हुए थे नवविवाहित

विवाह समारोह समाप्त होने के बाद नवविवाहित जोड़े के लिए एक विशेष विदाई की व्यवस्था की गई थी. दोनों हेलीकॉप्टर से अटलांटा के एक होटल जाने वाले थे, जहां वे अपनी शादी की पहली रात बिताने वाले थे. इसके बाद उनका हनीमून कार्यक्रम भी तय था.

लेकिन समारोह खत्म होते-होते मौसम तेजी से खराब होने लगा. इलाके में घना कोहरा और बारिश शुरू हो गई, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई थी. डेव खुद एक अनुभवी पायलट थे और उन्होंने उड़ान को लेकर चिंता भी जताई थी.

उनके पिता के अनुसार, डेव ने हेलीकॉप्टर पायलट से कहा था कि इतनी कम दृश्यता में उड़ान भरना सुरक्षित नहीं है. उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसे मौसम में कमर्शियल पायलट आमतौर पर उड़ान नहीं भरते. हालांकि पायलट ने भरोसा दिलाया कि हेलीकॉप्टर अधिक ऊंचाई पर उड़ेगा और यात्रा जारी रखी गई.

घने जंगल में हुआ हादसा

उड़ान भरने के कुछ समय बाद हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसा डॉसनविल के पास अटलांटा शहर के स्वामित्व वाली लगभग 10 हजार एकड़ में फैली घने जंगलों वाली भूमि पर हुआ. दुर्घटनास्थल बेहद दुर्गम था, जिसके कारण बचाव दल को वहां पहुंचने और मलबे तक पहुंचने में काफी समय लगा. जेस्नी करीब छह घंटे तक मलबे के बीच फंसी रहीं. जब उन्हें होश आया तो उन्होंने खुद को टूटे हुए हेलीकॉप्टर के मलबे के नीचे पाया. उनके ऊपर डेव का शरीर पड़ा हुआ था.

पत्नी ने देखा, लेकिन तब तक जा चुकी थी डेव की जान

जॉर्ज फिजी ने बताया कि जेस्नी पेशे से नर्स हैं. होश में आने के बाद उन्होंने डेव को जगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. उनके अनुसार, जेस्नी ने देखा कि डेव के शरीर पर खून था और उनका शरीर पूरी तरह ठंडा पड़ चुका था.

इस हादसे में डेव फिजी और हेलीकॉप्टर पायलट की मौत हो गई, जबकि जेस्नी को कई जगह चोटें आईं. हालांकि राहत की बात यह रही कि उनकी कोई हड्डी नहीं टूटी. फिलहाल उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

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मुश्किल था रेस्क्यू ऑपरेशन

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार देर रात हेलीकॉप्टर गिरने की सूचना मिली थी. बाद में फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने पुष्टि की कि रॉबिन्सन आर66 हेलीकॉप्टर रात करीब 10:30 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ.

घटनास्थल के पास रहने वाले एक स्थानीय निवासी ने बताया कि हादसे की जगह बेहद दुर्गम थी. बचावकर्मियों को ऑफ-रोड वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ा और घनी झाड़ियों को काटकर मलबे तक पहुंचना पड़ा. उनके मुताबिक, जीवित बची डेव की पत्नी जेस्नी को निकालने में करीब छह घंटे लग गए.

बेटे को याद करके भावुक हुए पिता

अपने बेटे को याद करते हुए जॉर्ज फिजी ने कहा कि भगवान ने उन्हें एक यादगार और सुंदर शादी का दिन दिया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद सब कुछ दुखद हादसे में बदल गया. उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में उनका परिवार केवल ईश्वर पर भरोसा करके ही शांति और जवाब तलाशने की कोशिश कर रहा है.

जांच शुरू, 30 दिन में आएगी शुरुआती रिपोर्ट

हादसे में शामिल हेलीकॉप्टर प्रेस्टिज हेलीकॉप्टर्स कंपनी का था. कंपनी के संचालन निदेशक एंडी व्हिटेकर ने कहा कि पिछले 40 वर्षों में कंपनी का सुरक्षा रिकॉर्ड बेदाग रहा है और उड़ान भरने वाला पायलट इस मार्ग से अच्छी तरह परिचित था. अब इस हादसे की जांच नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (एनटीएसबी) कर रहा है. जांच एजेंसी ने बताया है कि दुर्घटना की प्रारंभिक रिपोर्ट अगले 30 दिनों के भीतर जारी की जा सकती है.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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