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Home World हिंद महासागर में चीनी जहाजों पर है करीबी नजर; इंडियन नेवी वाइस चीफ, अमेरिका-रूस के साथ जल्द होगा ‘मिलन नौसेना अभ्यास’

हिंद महासागर में चीनी जहाजों पर है करीबी नजर; इंडियन नेवी वाइस चीफ, अमेरिका-रूस के साथ जल्द होगा ‘मिलन नौसेना अभ्यास’

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हिंद महासागर में चीनी जहाजों पर है करीबी नजर; इंडियन नेवी वाइस चीफ, अमेरिका-रूस के साथ जल्द होगा ‘मिलन नौसेना अभ्यास’
नौसेना उप प्रमुख वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन (दाएं) और अन्य अधिकारी फरवरी 2026 में विशाखापत्तनम में आयोजित होने वाले आईएफआर और मिलन नौसैनिक अभ्यास के लिए शुक्रवार, 31 अक्टूबर, 2025 को नई दिल्ली के कोटा हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए.

Indian Navy: हिंद महासागर वैश्विक व्यापार का एक अहम क्षेत्र है. यह अफ्रीका के पूर्वी तट से लेकर मलक्का तक फैला हुआ. भारतीय समुद्री सीमा के आगे विशाल जल क्षेत्र पर कोई और देश अपनी ताकत का प्रदर्शन न कर पाए, इसके लिए इंडियन नेवी पूरी तरह तैयार है. भारतीय नौसेना के वाइस चीफ वाइस एडमिरल संजय वात्सायन ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय नौसेना हिंद महासागर में मौजूद अतिरिक्त-क्षेत्रीय शक्तियों (एक्सट्रा रीजनल पावर्स) पर करीबी नजर रख रही है.

नौसेना की लगातार निगरानी पर जोर देते हुए वाइस एडमिरल वात्सायन ने बताया कि किसी भी समय हिंद महासागर में 40 से 50 जहाज संचालन कर रहे होते हैं और नौसेना किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा, “चल रही वैश्विक परिस्थितियों के कारण हिंद महासागर क्षेत्र में अतिरिक्त-क्षेत्रीय शक्तियों की लगातार मौजूदगी है. यह हमेशा से रही है और अब इसमें और बढ़ोतरी हो रही है. किसी भी समय कम से कम 40 और कई बार 50 से अधिक जहाज हिंद महासागर में संचालन करते हैं.”

चीन के जहाजों पर है करीबी नजर

वाइस एडमिरल वात्सायन ने आगे कहा, “मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम उनमें से हर एक की निगरानी कर रहे हैं. हमें पता है कि वे क्या कर रहे हैं, क्या करने वाले हैं, वे कब आते हैं और कब जाते हैं.” गौरतलब है कि इस साल सितंबर में चीनी ट्रैकिंग जहाज युआन वांग-5 के हिंद महासागर में सक्रिय होने की रिपोर्ट सामने आई थी. इससे पहले भी कई बार ऐसे ही चीनी जहाजों की मौजूदगी की खबरें आई हैं.

चीन हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में अपने “अंडरवाटर डोमेन अवेयरनेस” (समुद्र के अंदर का जानकारी) को लगातार मजबूत कर रहा है. उसके पास दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है, जिसमें 370 से अधिक युद्धपोत और पनडुब्बियां शामिल हैं. वह समुद्र-वैज्ञानिक और अन्य सामरिक डेटा इकट्ठा करने वाले सर्वे और शोध जहाजों को लगभग स्थायी रूप से तैनात रखता है, इन्हें ‘जासूसी पोत’ भी कहा जाता है. ये जहाज समुद्री नैविगेशन और पनडुब्बी अभियानों से जुड़ी जानकारी एकत्र करने के काम आते हैं.

हिंद महासागर में कैसी हैं भारत की चुनौतियां?

वाइस एडमिरल ने यह भी बताया कि नौसेना के सामने समुद्री डकैती, मानव तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी चुनौतियाँ भी हैं. उन्होंने कहा, “हिंद महासागर विश्व के लिए वस्तुओं और तेल के परिवहन का मुख्य मार्ग है. यह स्थिति नहीं बदलती. इसके साथ पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों तरह की चुनौतियाँ आती हैं, जैसे समुद्री डकैती, मानव तस्करी, नशीले पदार्थों की तस्करी आदि. ये सभी चुनौतियाँ मौजूद हैं और हम उनसे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.”

कैसी है इंडियन नेवी की भविष्य की तैयारी?

इसके अलावा, वाइस एडमिरल संजय वात्सायन ने बताया कि भारतीय नौसेना ने इस साल अब तक 10 जहाज और एक पनडुब्बी को शामिल किया है और साल के अंत तक चार और जहाज नौसेना को सौंपे जाने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, “इस साल हमने 10 जहाज और एक पनडुब्बी को शामिल किया है और दिसंबर के अंत तक चार और जहाज मिलने की उम्मीद है. अगले साल 19 पोत नौसेना में शामिल किए जाने की योजना है, जिनमें से ज्यादातर दिसंबर तक कमीशन हो जाएंगे. उसके अगले साल लगभग 13 जहाज नौसेना को मिलने की संभावना है.”

मिलन एक्सरसाइज में भाग लेंगे 50 से ज्यादा देश

वाइस एडमिरल वात्सायन अंतरराष्ट्रीय बेड़ा निरीक्षण ( इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू – IFR) 2026 के फरवरी में होने वाले आयोजन के संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. उन्होंने बताया कि इस बार पहली बार स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियां इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी.

वाइस एडमिरल ने कहा, “अमेरिका और रूस दोनों ने अंतरराष्ट्रीय बेड़ा निरीक्षण और ‘मिलन’ नौसैनिक अभ्यास में भाग लेने की पुष्टि की है. वे अपने जहाज भेजेंगे और कुछ विमानों की भी भागीदारी की उम्मीद है.” उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में देशों को इस आयोजन के लिए आमंत्रित किया गया है और 50 से अधिक देशों ने अंतरराष्ट्रीय बेड़ा निरीक्षण, ‘मिलन’ नौसैनिक अभ्यास और इंडियन ओशन नेवल सिंपोजियम (IONS) में भाग लेने की इच्छा जताई है. यह सम्मेलन 15 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक विजाग में होगा.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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