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Home World 15 अगस्त को मिली थी पाकिस्तान को आजादी, फिर क्यों मनाता है 14 अगस्त को? वजह जानकर चौंक जाएंगे

15 अगस्त को मिली थी पाकिस्तान को आजादी, फिर क्यों मनाता है 14 अगस्त को? वजह जानकर चौंक जाएंगे

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15 अगस्त को मिली थी पाकिस्तान को आजादी, फिर क्यों मनाता है 14 अगस्त को? वजह जानकर चौंक जाएंगे
पाकिस्तान 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाता है (एआई इमेज)

Independence day 2025: भारत और पाकिस्तान को आजाद हुए इस साल 79 साल पूरे हो रहे हैं. पाकिस्तान 14 अगस्त को और भारत 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाता है. लेकिन असल इतिहास में दोनों देशों की आजादी की तारीख एक ही थी 15 अगस्त 1947, तो फिर पाकिस्तान की तारीख अलग कैसे हो गई? (Independence Day 2025)

ब्रिटेन की योजना और तारीख का चुनाव

फरवरी 1947 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली ने लॉर्ड लुई माउंटबेटन को भारत का आखिरी वायसराय नियुक्त किया. उन्हें आदेश दिया गया था कि 30 जून 1948 तक भारत की सत्ता भारतीय नेताओं को सौंप दी जाए. लेकिन बढ़ते सांप्रदायिक दंगों और हिंसा की आशंका के चलते माउंटबेटन ने यह तारीख घटाकर अगस्त 1947 कर दी. 18 जुलाई 1947 को पारित भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम में साफ लिखा था 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान, दो स्वतंत्र डोमिनियन के रूप में अस्तित्व में आएंगे. सीमाओं का ऐलान बाद में 17 अगस्त को होना था. माउंटबेटन ने 15 अगस्त चुनने की वजह बताई कि यह जापान के आत्मसमर्पण की दूसरी वर्षगांठ थी (15 अगस्त 1945), जब उन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया में मित्र देशों की ओर से जापानी सेना का आत्मसमर्पण स्वीकार किया था.

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Independence Day 2025 in Hindi: पाकिस्तान के लिए ‘दो तारीख’ का सच

15 अगस्त 1947 को ही दोनों देशों को कानूनी रूप से आजादी मिली. पाकिस्तान के पहले डाक टिकट और मोहम्मद अली जिन्ना के पहले संबोधन में भी तारीख 15 अगस्त ही लिखी गई थी. जिन्ना ने कहा था  कि “15 अगस्त पाकिस्तान का जन्मदिन है.” लेकिन सत्ता हस्तांतरण का समय अलग था. 14 अगस्त 1947 की सुबह कराची में माउंटबेटन ने पाकिस्तान को सत्ता सौंपी और उसी शाम दिल्ली पहुंचे, जहां आधी रात को भारत को सत्ता हस्तांतरित हुई. (Pakistan Independence Day 2025)

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तारीख बदलने का फैसला

1948 में प्रधानमंत्री लियाकत अली खान की अध्यक्षता में पाकिस्तानी मंत्रिमंडल की बैठक में स्वतंत्रता दिवस की तारीख बदलने का प्रस्ताव आया. इसके पीछे दो कारण थे, राजनीतिक कारण पाकिस्तान के नेताओं को भारत के साथ एक ही दिन स्वतंत्रता दिवस मनाना स्वीकार नहीं था. धार्मिक कारण भी एक मुद्दा 14 अगस्त 1947 रमजान का 27वां दिन था, जो इस्लाम में बेहद पवित्र माना जाता है. मोहम्मद अली जिन्ना ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी और 1948 से पाकिस्तान ने आधिकारिक रूप से 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाना शुरू किया.

आज की स्थिति

भारत  15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस, जो 1930 के पुर्ण स्वराज दिवस की परंपरा से भी जुड़ा है. वहीं पाकिस्तान 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस, हालांकि कानूनी दस्तावेजों में आजादी की तारीख 15 अगस्त 1947 ही दर्ज है. इतिहासकार रामचंद्र गुहा के मुताबिक, 15 अगस्त की तारीख भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की भावनाओं से ज्यादा ब्रिटिश साम्राज्य के गौरव से जुड़ी थी. वहीं पाकिस्तान की तारीख में राजनीतिक अलगाव, धार्मिक महत्व और समय-निर्धारण तीनों की भूमिका रही.

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