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Home World ईरान के साथ जंग में कितने अमेरिकी सैनिक मारे गये? US सेंट्रल कमांड ने बताया

ईरान के साथ जंग में कितने अमेरिकी सैनिक मारे गये? US सेंट्रल कमांड ने बताया

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ईरान के साथ जंग में कितने अमेरिकी सैनिक मारे गये? US सेंट्रल कमांड ने बताया
अमेरिका-ईरान जंग की तस्वीर (Photo: PTI)

Israel Iran War : एक दिन पहले पहली बार अमेरिकी सैनिकों की मौत का खुलासा होने के बाद अमेरिका ने चेतावनी दी है. उसने कहा है कि युद्ध जारी रहने पर हताहतों की संख्या बढ़ सकती है. फिलहाल जंग समाप्त होने का कोई संकेत नहीं नजर आ रहा है. CENTCOM (US सेंट्रल कमांड) ने 3 मार्च को एक्स पर लिखा कि 2 मार्च की शाम 4 बजे तक 6 अमेरिकी सैनिक युद्ध में शहीद हो चुके हैं. हाल ही में अमेरिकी सेनाओं ने उन दो सैनिकों के शव बरामद किए, जो ईरान के शुरुआती हमलों में लापता थे.

आगे सोशल मीडिया पर लिखा गया कि ईरान के खिलाफ अभियान अभी भी जारी है. शहीद हुए सैनिकों की पहचान उनके परिवार को सूचित करने के 24 घंटे बाद ही सार्वजनिक की जाएगी. अमेरिका की सेनाएं नुकसान कम करने का प्रयास कर रही है.

पेंटागन ने 2 मार्च को क्या बताया था

इससे पहले पेंटागन ने सोमवार को पुष्टि की कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में चार अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं. ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा है कि युद्ध जारी रहने पर और अधिक हताहत हो सकते हैं. हालिया संघर्ष में देश की सेनाओं को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

अमेरिका ने अपने नागरिकों यहां से बाहर निकलने को कहा

ईरान पर हमले तेज करने के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा जोखिमों के कारण 12 से अधिक पश्चिम एशियाई देशों से अपने नागरिकों को बाहर निकलने की सलाह दी. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मीडिया से  इस संबंध में बात की. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना की ओर से घातक हमले अभी बाकी हैं. अगला चरण ईरान के लिए वर्तमान स्थिति से भी अधिक कठोर होने वाला है. हिंसा के और बढ़ने की आशंका के बीच विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा जोखिमों के कारण 12 से अधिक पश्चिम एशियाई देशों से अपने नागरिकों को बाहर निकलने की सलाह दी.

यह भी पढ़ें : सऊदी, कुवैत में US एंबेसी पर ईरान का हमला, अमेरिका बोला- इन 15 देशों को तुरंत छोड़ दें अमेरिकी

इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह अभियान संभवत: कई सप्ताह तक चल सकता है. ईरान और उसके सहयोगियों ने इजराइल, खाड़ी देशों और एनर्जी प्रोडक्शन से जुड़े अहम ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं. हमलों की तीव्रता, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और हालात को स्थिर करने की कोई स्पष्ट योजना न होने से इस संघर्ष के लंबा खिंचने की आशंका है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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