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Home World क्या बंदर ‘पंच’ की मौत हो गई? वायरल दावे की सच्चाई क्या है? लोग कहे रहे- यह सच नहीं हो सकता…

क्या बंदर ‘पंच’ की मौत हो गई? वायरल दावे की सच्चाई क्या है? लोग कहे रहे- यह सच नहीं हो सकता…

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क्या बंदर ‘पंच’ की मौत हो गई? वायरल दावे की सच्चाई क्या है? लोग कहे रहे- यह सच नहीं हो सकता…
क्या पंच की मौत हो गई?

Punch Monkey Dead: जापान के एक चिड़ियाघर में पंच नाम का सात महीने का मकाक बंदर इन दिनों ऑनलाइन सनसनी बन गया है. जन्म के कुछ समय बाद ही उसकी मां ने उसे छोड़ दिया था, जिसके बाद उसे ढांढस बंधाने के लिए एक सॉफ्ट खिलौना दिया गया. पंच मंकी की कहानी उस समय चर्चा में आई, जब एक वीडियो सामने आया, जहां साथी बंदर उसे परेशान करते हैं, लेकिन वह भागकर जाता है और खिलौने को सीने से लगा लेता है. लोगों ने कहा कि वह उसी को अपनी मां मान रहा है.इस कहानी के वायरल होते ही चिड़ियाघर मेंभीड़ लगी और दुनिया के वर्चअल बाजार सोशल मीडिया पर लोगों के इमोशन उमड़ पड़े. ये पुरानी बात है, नई बात यह है कि इसी पंच के मरने की भी खबर आ गई. 

पंच की मौत की अफवाह कैसे फैली?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर HFR Podcast नाम के एक अकाउंट ने पोस्ट किया, ‘Punch the monkey found dead in Atlanta. यानी पंच द मंकी अटलांटा में मृत पाया गया.’ यह पोस्ट लिखे जाने तक करीब 88 लाख बार देखी जा चुकी थी. पोस्ट के साथ पंच और उसके खिलौने की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर साझा की गई थी, इसके बाद तो जैसे लोगों के इमोशन फूट-फूट कर बाहर आने लगे.

एक यूजर ने लिखा, ‘कृपया बताइए कि यह सच नहीं है.’ दूसरे ने कहा, ‘यह नहीं हो सकता… कोई तो बताए कि उसके साथ क्या हुआ?’ वहीं एक और यूजर ने कहा कि यह वाकई बहुत दिल तोड़ने वाली खबर है. पूरी दुनिया में सिर्फ एक खिलौने में अपनी मां को तलाशने के कारण मशहूर हुई वह बंदर अब इस दुनिया में नहीं रहा. मुझे ठीक-ठीक नहीं पता कि उसके साथ क्या हुआ, लेकिन सच में यह बहुत ही दुखद और पीड़ा देने वाली खबर है. कुछ यूजर्स ने ग्रोक से भी इस जानकारी को पुख्ता करने की रिक्वेस्ट की. 

क्या सच में पंच की मौत हो गई? (फैक्ट चेक)

इस सुपर वायरल दावे के बावजूद हम आपको बता दें कि पंच द मंकी पूरी तरह सुरक्षित और जीवित है. पंच इचिकावा शहर में है, अटलांटा में नहीं. इचिकावा जापान में है, जबकि अटलांटा अमेरिका में. यहां तक कि एआई टूल ग्रोक ने भी इस दावे की जांच की और लिखा, ‘यह सच नहीं है. यह एक पैरोडी अकाउंट है. पंच जापान में जिंदा है और चिड़ियाघर में अपने खिलौने को पकड़े हुए अब भी वायरल है.’  इसके साथ ही HFR Podcast के प्रोफाइल बायो में साफ लिखा है, पैरोडी रैप न्यूज के लिए फॉलो करें, सबकुछ फेक है. यानी यह अकाउंट पैरोडी करता है और इसकी पोस्ट्स फर्जी होती हैं.

चिड़ियाघर की ओर से पंच पर अपडेट

इचिकावा सिटी जूलॉजिकल एंड बॉटनिकल गार्डन ने भी पंच की सेहत को लेकर जारी अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी. एक्स पर जारी बयान में कहा गया, ‘फिलहाल बड़ी संख्या में लोग बेबी मंकी पंच को देखने चिड़ियाघर आ रहे हैं. कई लोग पंच और अन्य जापानी मकाक बंदरों की सेहत को लेकर सवाल कर रहे हैं.’ प्रशासन ने बताया कि चिड़ियाघर में चार बैक रूम हैं, जो हर समय खुले रहते हैं और पंच वहां जाकर आराम कर सकता है. बयान में आगे कहा गया, ‘पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए लगाए गए पेड़ खासकर छोटे बंदरों के लिए बेहतरीन खेल के साधन बन गए हैं, जिनमें पंच भी शामिल है. हम हमेशा उनके माहौल को और बेहतर बनाने की कोशिश करते रहते हैं.’

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इचिकावा सिटी चिड़ियाघर में है पंच

टोक्यो के पास स्थित इचिकावा सिटी जूलॉजिकल एंड बॉटनिकल गार्डन में रहने वाला पंच को झुंड में दोबारा घुलने-मिलने में मदद के उद्देश्य से एक सॉफ्ट टॉय दिया. चिड़ियाघर के कर्मचारी ने बताया था कि इस खिलौने के लंबे बाल हैं और इसे पकड़ने के लिए कई जगहें हैं, जिससे पंच को आसानी होती है. कर्मचारियों ने जानबूझकर ऐसा खिलौना चुना जो दिखने में बंदर जैसा लगे, ताकि आगे चलकर पंच को समूह में घुलने में मदद मिल सके. हालांकि यह खिलौना एक ओरंगुटान का है, न कि मकाक का, लेकिन पंच ने इसे कभी छोड़ा नहीं.

वीडियो में दिखा पंच का सुकून और अन्य की बदसलूकी

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पंच को इस सॉफ्ट खिलौने को अपने लिए सुरक्षा और सुकून के लिए यूज करता है. वह अक्सर उसी की आड़ में छिपता और उसे कसकर पकड़ लेता है. इन्हीं वीडियो में यह भी दिखाया गया है कि झुंड के दूसरे बंदर उसके साथ कभी-कभी रुखा व्यवहार करते हैं. कुछ क्लिप्स में अन्य बंदरों द्वारा पंच को खिलौने की तरह घसीटते हुए भी देखा गया है. खिलौने से मिलने वाले सुकून और अन्य बंदरों की सख्ती के बीच पंच लोगों की भावनाओं को गहराई से छू गया.

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वायरल वीडियो और #HangInTherePunch

टिकटॉक पर पंच के वीडियो #HangInTherePunch हैशटैग वायरल हो गए, जिसके बाद पंच के प्रति लोगों की सहानुभूति तेजी से बढ़ी. बात उसके मरने तक भी पहुंच गई, जो कि साफ झूठ है.  हालांकि, पंच को लेकर कई बातें अभी स्पष्ट नहीं हैं, जैसे उसे झुंड में पूरी तरह कैसे शामिल किया जाएगा. फिलहाल लोगों की बढ़ती दिलचस्पी ही पंच के शुरुआती जीवन की कहानी को आकार दे रही हैं.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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