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Home World Donald Trump on Hamas: ‘3-4 दिन के भीतर शांति योजना स्वीकार करे हमास’, ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी

Donald Trump on Hamas: ‘3-4 दिन के भीतर शांति योजना स्वीकार करे हमास’, ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी

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Donald Trump on Hamas: ‘3-4 दिन के भीतर शांति योजना स्वीकार करे हमास’, ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी
Donald Trump on Hamas

Donald Trump on Hamas: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को गाजा शांति योजना को स्वीकार करने के लिए 3 से 4 दिन की समय सीमा दी है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे शर्तों को स्वीकार करने से इनकार करते हैं तो इसका “दुखद अंत” होगा. दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ने शांति की जो शर्तें निर्धारित की है उसे हमास की ओर से मानने पर असमंजस है. हालांकि गाजा शांति समझौते को इजराइल के प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया है. ऐसे में अब पूरी दुनिया की निगाहे हमास पर टिकी है कि उसका इस शांति समझौते पर क्या रुख होता है. ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पूरा यूरोप, मुस्लिम देश इस समझौते के समर्थन में हैं. ऐसे में गाजा को भी इसे स्वीकार करना होगा. उन्होंने चेतावनी देते हुए तीन से चार दिन का समय दिया है.

हमास ने क्या कहा?

ट्रंप के शांति समझौते की घोषणा के बाद हमास की ओर से कहा गया है कि वह इस प्रस्ताव का अध्ययन कर रहा है, क्योंकि हमास का कोई भी प्रतिनिधि उस वार्ता में शामिल नहीं था जहां इस शांति प्रस्ताव पर चर्चा हो रही थी. रायटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक हमास इस संधि प्रस्ताव का अध्ययन कर कोई जवाब देगा. संधि को लेकर ट्रंप ने कहा कि बाकी सभी संबंधित पक्ष इस संधि पर हस्ताक्षर कर चुके हैं. अब बस हमास की रजामंदी का इंतजार है. इस दौरान ट्रंप ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमास इस पर हस्ताक्षर नहीं करेगा तो इसके परिणाम काफी दर्दनाक होंगे.

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप की योजना का किया स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा संघर्ष को खत्म करने संबंधी योजना का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि यह फलस्तीन और इजराइल के लोगों के साथ-साथ पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक शांति, सुरक्षा और विकास का जरिया बनेगी. पीएम मोदी ने उम्मीद जताई है कि “सभी संबंधित पक्ष” संघर्ष खत्म करने और शांति सुनिश्चित करने के लिए ट्रंप की पहल का समर्थन करेंगे. ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच वार्ता के बाद प्रस्तुत की गई इस योजना में गाजा में युद्ध तत्काल खत्म करने, हमास द्वारा बंधक बनाए गए सभी लोगों को रिहा करने और गाजा के असैन्यीकरण का प्रस्ताव है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा “हम गाजा संघर्ष को खत्म करने के लिए घोषित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापक योजना का स्वागत करते हैं.”

क्या है शांति योजना?

गाजा शांति योजना के तहत गाजा एक “कट्टरपंथ-मुक्त, आतंकवाद-मुक्त क्षेत्र होगा, जो अपने पड़ोसियों के लिए कोई खतरा पैदा नहीं करेगा. योजना के तहत गाजा का पुनर्विकास किया जाएगा. साथ ही यदि दोनों पक्ष इस प्रस्ताव पर सहमत हो जाते हैं, तो युद्ध तुरंत खत्म हो जाएगा. बंधकों की रिहाई की तैयारी के लिए इजराइली सेनाएं वापस लौट जाएंगी. इसके अलावा हमले भी रोक दिए जाएंगे. सभी बंधकों की रिहाई के बाद, इजराइल आजीवन कारावास की सजा पाए 250 कैदियों और सात अक्टूबर, 2023 के आतंकवादी हमले के बाद हिरासत में लिए गए 1,700 गाजा वासियों को रिहा कर देगा. योजना के अनुसार एक अस्थायी शासी बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिसके अध्यक्ष ट्रंप होंगे और पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर सदस्य होंगे. (इनपुट- भाषा)

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
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