[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World Guyana : लाखों भारतीय गुयाना में कैसे पहुंचे, इतिहास में दर्ज है राज

Guyana : लाखों भारतीय गुयाना में कैसे पहुंचे, इतिहास में दर्ज है राज

0
Guyana : लाखों भारतीय गुयाना में कैसे पहुंचे, इतिहास में दर्ज है राज
Guyana History

Guyana : पीएम नरेंद्र मोदी की गुयाना यात्रा कई मायनों में अहम है. 1968 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की यात्रा के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है. 56 साल बाद कोई भारतीय पीएम गुयाना पहुंचेगा. यहां की जनसंख्या काफी कम है लेकिन भारतीयों की संख्या ज्यादा है. वजह इतिहास में दर्ज है. दरअसल, गुयाना की वर्तमान जनसंख्या 2023 तक 826,353 है, जिसके 2050 तक 14% बढ़कर 940,607 हो जाने का अनुमान है. यह डाटा data.who.int पर मौजूद है.

क्यों गुयाना में भारतीयों की संख्या है अधिक?

भारत की आजादी से पहले ब्रिटिश सरकार गुयाना में भारतवंशियों को गिरमिटिया समझौता के तहत लेकर आई थी. ये मजदूर गन्ने के खेतों में काम करते थे. उस वक्त गुयाना ब्रिटेन का उपनिवेश था. गुयाना में काम करने के लिए अफ्रीकी आदि देशों के अन्य उपनिवेशों से भी मजदूर लाए गए थे. यहां की आबादी में भारतवंशी 40 फीसदी के आसपास हैं. यही वजह है कि गुयाना में वर्तमान में ज्यादातर भारतीय और अफ्रीकी मूल के ही लोग हैं.

Guyana Data
Guyana : लाखों भारतीय गुयाना में कैसे पहुंचे, इतिहास में दर्ज है राज 3

गुयाना को कहा जाता है लघु भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश के दौरे पर हैं. यात्रा के तीसरे और अंतिम चरण में लघु भारत कहे जाने वाले कैरेबियाई टापू देश गुयाना वे पहुंचेंगे. यहां वे 19 से 21 नवंबर तक रहेंगे. उनके पहुंचने के बाद यहां रह रहे लाखों भारतवंशियों के लिए यह किसी त्योहार से कम नहीं होगा. पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज मारीशस, सूरीनाम, फीजी के अलावा गुयाना को लघु भारत कहती थीं.

Read Also : PM Modi Guyana Visit : गुयाना के पास तेल का अकूत भंडार, इस वजह से पीएम मोदी की यात्रा है खास

Previous article Tarakeshwar Mandir : तारकेश्वर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश का नियम बदला
Next article KBC 16: अभिषेक बच्चन ने कही ऐसी बात, सुनकर भावुक हुए बिग बी, जूनियर बच्चन बोले- पिता अपने बच्चों के लिए…
Avatar Of Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel