[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World भारत में पड़े नौकरी के लाले, विदेशी पढ़ाई, 600 आवेदन पर मिले केवल 4 इंटरव्यू, महिलाओं ने साझा की परेशानियां

भारत में पड़े नौकरी के लाले, विदेशी पढ़ाई, 600 आवेदन पर मिले केवल 4 इंटरव्यू, महिलाओं ने साझा की परेशानियां

0
भारत में पड़े नौकरी के लाले, विदेशी पढ़ाई, 600 आवेदन पर मिले केवल 4 इंटरव्यू, महिलाओं ने साझा की परेशानियां
विदेश में पढ़ाई के बाद भारत लौटी लड़कियों को नौकरी की समस्या. फोटो- कैनवा.

Girls Job Problem India back from Foreign Studies: देश से बाहर पढ़ाई या काम करने के बाद दोबारा भारत लौटकर नौकरी पाना कई बार बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. ऐसी ही मुश्किलों का सामना कर रही युवा प्रोफेशनल्स की पोस्ट इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है. भारत लौटकर करियर दोबारा स्थापित करने की कोशिश कर रही इन भारतीय महिला ने न सिर्फ अपनी परेशानियां साझा की हैं, बल्कि प्रभावी जॉब सर्च रणनीतियों को लेकर लोगों से सलाह भी मांगी है. भारत में नौकरी तलाशने की कड़वी सच्चाई पर एनआरआई की इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.

भारत वापसी: 600 आवेदन, सिर्फ 4 इंटरव्यू

महिला हाल ही में कनाडा से भारत लौटी हैं. दो महीने की जॉब हंट उनके लिए एक बड़ा रियलिटी चेक साबित हुई. रेडिट पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि अब तक वह 600 से अधिक नौकरियों के लिए आवेदन कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ चार इंटरव्यू ही मिल पाए हैं. उन्होंने लिखा, “कनाडा से लौटने के बाद भारत में नौकरी मिलना बेहद मुश्किल हो रहा है. मार्केटिंग और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में मैंने 600 से ज्यादा रोल्स के लिए अप्लाई किया, लेकिन केवल चार इंटरव्यू मिले. कनाडा में आमतौर पर 50-100 आवेदन करने पर ही 10-15 इंटरव्यू मिल जाते थे.”

उन्होंने यह भी शिकायत की कि भारत में उनके क्षेत्र में मिलने वाली सैलरी बेहद कम है. महिला ने लिखा कि वह पहले बड़ी कंपनियों में काम कर चुकी हैं, इसके बावजूद भारत में नौकरी के लिए आवेदन करना उनके लिए अब तक का सबसे कठिन अनुभव साबित हो रहा है.

4 Calls On 600 Job Application
लड़की की रेडिट पर पोस्ट का लिंक.

लिंक्डइन और जॉब पोर्टल्स से निराशा

एक और 25 वर्षीय महिला ने इसी तरह की दिक्कत को साझा किया है. उन्होंने यूके की एक प्रमुख यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी की थी और इसके बाद करीब दो साल तक विदेश में काम भी किया. अपनी रेडिट पोस्ट में उन्होंने बताया कि भारत के बेहद प्रतिस्पर्धी जॉब मार्केट में खुद को फिर से स्थापित करने की कोशिश में वह खुद को “भटका हुआ” महसूस कर रही हैं. महिला के मुताबिक, ग्रेजुएट वीजा की अवधि समाप्त होने और पिछले कार्यस्थल का माहौल विषाक्त (टॉक्सिक) हो जाने के कारण उन्हें भारत लौटना पड़ा. उन्हें उम्मीद थी कि यह ट्रांजिशन आसान रहेगा, लेकिन भारत पहुंचने के बाद उन्हें कड़ी प्रतिस्पर्धा और सीमित अवसरों की सच्चाई का सामना करना पड़ा.

दुनिया-जहां की और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

उसने कहा कि लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म्स पर नौकरी के लिए किए जा रहे आवेदनों पर कोई जवाब न मिलने को लेकर भी निराशा जाहिर की. उनके अनुसार, कई बार आवेदन भेजने के बाद “बिना किसी प्रतिक्रिया के वे गायब हो जाते हैं.” पोस्ट के अंत में उन्होंने इस कठिन जॉब मार्केट से निपटने के लिए लोगों से सुझाव और मार्गदर्शन भी मांगा.

जॉब सर्च के तरीकों पर सवाल

अपनी पोस्ट में उन्होंने भारत में नौकरी ढूंढने के तौर-तरीकों को लेकर कई सवाल उठाए. उन्होंने जानना चाहा कि क्या भारत में हायरिंग मैनेजर्स से सीधे संपर्क करना सही माना जाता है और अगर हां, तो ऐसा करने का बेहतर तरीका क्या हो सकता है. इसके साथ ही उन्होंने ऐसे विशेष जॉब पोर्टल्स या इंडस्ट्री-स्पेसिफिक कम्युनिटीज के बारे में भी जानकारी मांगी, जहां वास्तव में सक्रिय भर्ती होती हो, न कि केवल सामान्य एप्लिकेशन जमा कराए जाते हों.
उनकी एक बड़ी चिंता यह भी थी कि क्या भारत की कंपनियां अंतरराष्ट्रीय अनुभव को महत्व देती हैं या फिर उसे नजरअंदाज कर देती हैं. उन्होंने सवाल किया कि क्या भारतीय नियोक्ता वास्तव में ग्लोबल एक्सपीरियंस को सराहते हैं या उसे अप्रासंगिक मान लेते हैं.

Girls Job Problem India Back From Uk
25 वर्षीय महिला की पोस्ट का लिंक.

सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाएं

महिला की पोस्ट ने उन कई यूजर्स को प्रभावित किया, जो विदेश में रह चुके हैं और बाद में भारत लौटे हैं. कई लोगों ने भारत के तेजी से बदलते और बेहद प्रतिस्पर्धी प्रोफेशनल माहौल में दोबारा अपनी पहचान बनाने से जुड़ी उलझन, भावनात्मक दबाव और अनिश्चितता को साझा किया. एक यूजर ने सलाह दी, “सबसे पहले आपको अपने ‘कनाडाई बैगेज’ से बाहर निकलना होगा, जो आपकी पोस्ट से साफ झलकता है. आम धारणा के विपरीत, विदेशी डिग्री या अनुभव हमेशा कोई बड़ी बढ़त नहीं देता. अगर आप उस मानसिकता से बाहर नहीं निकलेंगी, तो यह आपके लिए नुकसानदेह भी हो सकता है.”

एक अन्य यूजर ने लिखा कि उनके क्षेत्र के कई प्रोफेशनल्स को खाड़ी देशों में अच्छे अवसर मिले हैं और अगर भारत में रुकने की कोई ठोस वजह नहीं है, तो यह भी एक विकल्प हो सकता है. वहीं, कुछ लोगों ने उन्हें हिम्मत बनाए रखने और धैर्य के साथ कोशिश जारी रखने की सलाह दी. कुल मिलाकर, यह पोस्ट भारत लौटने वाले कई एनआरआई प्रोफेशनल्स की उस हकीकत को सामने लाती है, जहां विदेश का अनुभव होने के बावजूद करियर को दोबारा पटरी पर लाना आसान नहीं होता.

ये भी पढ़ें:-

जॉनसन कंपनी के प्रोडक्ट से हुआ कैंसर, कोर्ट ने दिया 362 करोड़ मुआवजा का आदेश

अजगर के साथ टॉपलेस फोटोशूट कराने वाली राजकुमारी, एपस्टीन मामले में फंसीं, बिकनी फोटोज और मुलाकातों का खुलासा

20 साल तक पैरों तले रौंदते रहे लोग, अचानक खुला राज; भारत के पड़ोसी देश में मिले इस लुप्त जानवर के पैरों के निशान

Previous article Dal Makhani Paratha: बची हुई दाल मखनी से बनाएं स्वादिष्ट लच्छेदार पराठा
Next article IPL Auction 2026: BCCI ने किया नियम मेंं बदलाव, ऑक्शन में नया टाई ब्रेकर रुल क्या बदलेगा पूरा खेल!
Avatar Of Anant Narayan Shukla
अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel