[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World ममदानी ही नहीं एक और भारतवंशी मुस्लिम ने जीता चुनाव, जानें कौन हैं वर्जीनिया की नई लेफ्टिनेंट गवर्नर गजाला हाशमी?

ममदानी ही नहीं एक और भारतवंशी मुस्लिम ने जीता चुनाव, जानें कौन हैं वर्जीनिया की नई लेफ्टिनेंट गवर्नर गजाला हाशमी?

0
ममदानी ही नहीं एक और भारतवंशी मुस्लिम ने जीता चुनाव, जानें कौन हैं वर्जीनिया की नई लेफ्टिनेंट गवर्नर गजाला हाशमी?
भारतवंशी गजाला हाशमी ने जीता वर्जीनिया लेफ्टिनेंट गवर्नर का चुनाव. फोटो- एक्स (Yunus Emre Erdölen)

Ghazala Hashmi wins Virginia Lieutenant Government Election: अमेरिका में भारतीय वंश के नेता तहलका मचा रहे हैं. न्यूयॉर्क में जोहरान ममदानी ने चुनाव जीतकर पिछले 100 सालों में सबसे युवा और पहला मुस्लिम मेयर बनना तय कर लिया. लेकिन केवल उन्होंने ही इतिहास नहीं रचा है. भारतीय मूल की गजाला हाशमी ने भी इतिहास रच दिया है. बुधवार को वर्जीनिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद का चुनाव जीतकर वह संयुक्त राज्य अमेरिका की पहली भारतीय मूल की मुस्लिम महिला लेफ्टिनेंट गवर्नर बन गई हैं. इससे पहले, हाशमी वर्जीनिया सीनेट के लिए चुनी जाने वाली पहली मुस्लिम महिला बन चुकी थीं. इस बार उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार और रेडियो शो होस्ट जॉन रीड को आसानी से पराजित किया. वहीं वर्जीनिया में ही ट्रंप को एक और झटका लगा, गवर्नर के पद पर डेमोक्रेट नेता एबिगेल स्पैनबर्गर ने भी जीत हासिल की है. 

अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए हाशमी ने कहा कि उन्होंने यह चुनाव एक अमेरिकी के रूप में लड़ा और चाहती थीं कि लोग उन्हें उसी रूप में स्वीकार करें जैसी वह हैं. गजाला की राजनीतिक यात्रा 2019 में ऐतिहासिक जीत के साथ शुरू हुई, जब उन्होंने एक रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराकर वर्षों बाद पहली बार डेमोक्रेट्स को सीनेट में बहुमत दिलाने में मदद की. उनके नेतृत्व की सराहना करते हुए, उनके सहयोगियों ने 2024 में उन्हें प्रभावशाली सीनेट शिक्षा और स्वास्थ्य समिति की अध्यक्ष नियुक्त किया. अब वर्जीनिया की लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में उनकी यह ऐतिहासिक जीत अमेरिकी राजनीति में प्रतिनिधित्व और विविधता के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. ममदानी और हाशमी की जीत से अमेरिका में दक्षिण एशियाई अमेरिकियों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, जो अब प्रमुख नेतृत्व पदों तक पहुँच रहे हैं. 

उनकी विचारधारा क्या है?

गजाला की ऑफीशियल वेबसाइट के अनुसार, उनका मिशन समावेशिता को बढ़ावा देना, लोकतंत्र की रक्षा करना और शासन में समानता सुनिश्चित करना है. वह अमेरिका में गन कल्चर को समाप्त करने की सख्त पैरोकार हैं . हाशमी लगातार बंदूक हिंसा के खिलाफ बोलती रही हैं. उन्होंने असॉल्ट हथियारों पर प्रतिबंध, सर्वव्यापी बैकग्राउंड चेक और सुरक्षित भंडारण कानूनों जैसी नीतियों की मांग की है. हाशमी का विधायी एजेंडा में सार्वजनिक शिक्षा, मतदान अधिकार, प्रजनन स्वतंत्रता, सस्ती स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संरक्षण और आवास की समान उपलब्धता शामिल हैं. उनका विजन समुदाय-केंद्रित नीतिनिर्माण पर आधारित है, जो सामाजिक न्याय और समान अवसर को मजबूत करने की दिशा में काम करता है. 

उनकी नीतियां कैसी हैं?

वर्जीनिया की नई लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में उनकी शीर्ष प्राथमिकताओं में प्रजनन अधिकारों की रक्षा और गर्भनिरोधक साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है. उन्होंने 2017 में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मुस्लिम-बहुल देशों के नागरिकों पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंध को अपनी राजनीतिक यात्रा का निर्णायक क्षण बताया है. उनका कहना है कि उसी घटना ने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया ताकि वह समावेश, लोकतंत्र और न्याय के मूल्यों की रक्षा कर सकें.

Who is Indian American Ghazala Hashmi? गजाला हाशमी का भारत से क्या संबंध है?

5 जुलाई 1964 को भारत के हैदराबाद में जन्मीं गजाला हाशमी चार साल की उम्र में अपनी माँ और भाई के साथ अमेरिका चली गईं. उनके पिता जॉर्जिया में अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी कर रहे थे. उनकी कहानी सार्वजनिक सेवा की यात्रा दृढ़ता और उद्देश्य से भरी हुई है. उन्होंने जॉर्जिया साउदर्न यूनिवर्सिटी से ऑनर्स सहित स्नातक की डिग्री प्राप्त की और बाद में एमोरी यूनिवर्सिटी (अटलांटा) से अमेरिकन लिटरेचर में पीएचडी की उपाधि हासिल की. गजाला ने लगभग 30 वर्षों का करियर अंग्रेजी और साहित्य की प्रोफेसर के रूप में बनाया पहले यूनिवर्सिटी ऑफ रिचमंड में और बाद में रेनॉल्ड्स कम्युनिटी कॉलेज में, जहाँ उन्होंने “सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन टीचिंग एंड लर्निंग” की स्थापना की.

दक्षिणी अमेरिकी में पली-बढ़ीं हाशमी ने सांस्कृतिक बदलावों और एकेडेमिक उत्कृष्टता दोनों को संतुलित किया. उनकी भारतीय जड़ें आज भी उनके दिल के करीब हैं. उनके नाना आंध्र प्रदेश सरकार में कार्यरत थे और वह आज भी हैदराबाद में अपने परिवार से संपर्क बनाए रखती हैं. उन्होंने कई बार अपने जन्मस्थान के प्रति गहरी भावनाएँ व्यक्त की हैं. गजाला हाशमी की शादी अजहर रफीक से 1980 के दशक में हुई थी. 1991 में दोनों रिचमंड क्षेत्र में आकर बस गए.  उनके दो बेटियाँ यास्मिन और नूर हैं. वह अक्सर कहती हैं कि पारिवारिक मूल्य ही उनके राजनीतिक दृष्टिकोण और सेवा भाव का आधार हैं.

ये भी पढ़ें:-

जोहरान ममदानी जीते; बने न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर, ट्रंप के लिए करारा झटका, पीएम मोदी को बताया था वॉर क्रिमिनल

डोनाल्ड ट्रंप को भारी झटका, वर्जीनिया में हारे रिपबल्किन कैंडिडेट, डेमोक्रेट एबिगेल स्पैनबर्गर बनीं राज्य की पहली महिला गवर्नर

ड्रैगन ने छोड़ा तो ट्रंप को मिला यूनुस का साथ, एक साल में 1 बिलियन डॉलर के सोयाबीन खरीदेंगी बांग्लादेशी कंपनियां

Previous article Dev Deepawali 2025: आर्थिक तंगी दूर करने के लिए देव दीपावली पर करें ये खास उपाय, घर में आएगी बरकत
Next article Bihar Election 2025: छोटी पार्टियों की बड़ी हसरतें, बिहार की राजनीति में जानें कितना रहता है दखल
Avatar Of Anant Narayan Shukla
अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel