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Home World फ्रांस ने जब्त किया रूस से आ रहा समुद्री जहाज, क्रू मेंबर है भारतीय, मैंक्रों बोले यह बर्दाश्त नहीं…

फ्रांस ने जब्त किया रूस से आ रहा समुद्री जहाज, क्रू मेंबर है भारतीय, मैंक्रों बोले यह बर्दाश्त नहीं…

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फ्रांस ने जब्त किया रूस से आ रहा समुद्री जहाज, क्रू मेंबर है भारतीय, मैंक्रों बोले यह बर्दाश्त नहीं…
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (बाएं) ने यह फोटो साझा करते हुए तेल टैंकर जब्त करने की जानकारी दी. फोटो- एक्स.

France Seizes Russian Oil Tanker: फ्रांस ने रूस से जुड़े एक तेल जहाज पर कार्रवाई करते हुए उसे समुद्र में रोक लिया. फ्रांस के अधिकारियो ने उस पर नियम तोड़ने और प्रतिबंधों से बचने का शक जताया. गुरुवार को फ्रांसीसी नौसेना ने यह कार्रवाई भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) में की. फ्रांस का कहना है कि उसने यह कदम रूस के उन जहाजों के खिलाफ उठाया गया है, जो चोरी-छिपे तेल ढोकर अंतरराष्ट्रीय नियमों से बचने की कोशिश करते हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यह जानकारी गुरुवार को साझा की. उन्होंने साफ कहा कि फ्रांस अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने की इजाजत किसी को नहीं देगा.

मैक्रों के अनुसार, यह जहाज अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में शामिल था और शक है कि यह रूस की ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा है. ऐसे जहाज अक्सर असली पहचान छिपाने के लिए दूसरे देश का झंडा लगाकर चलते हैं. जहाजों पर नजर रखने वाली वेबसाइटों MarineTraffic और Vesselfinder के मुताबिक, रूस का यह टैंकर कोमोरोस देश का झंडा लगाए हुए था.

मैक्रों ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि फ्रांसीसी नौसेना ने सुबह रूस से आ रहे इस तेल टैंकर को रोका. यह कार्रवाई भूमध्य सागर के खुले पानी में की गई और इसमें फ्रांस के कुछ सहयोगी देशों ने भी मदद की. उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के मुताबिक की गई है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जहाज को दूसरी दिशा में भेज दिया गया है. मैक्रों ने कहा कि फ्रांस नियमों का पालन करवाने और प्रतिबंधों को सही तरह से लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने यह भी कहा कि शैडो फ्लीट से होने वाली कमाई यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध में इस्तेमाल होती है.

जहाज का क्रू मेंबर है भारतीय

वहीं एपी (Associated Press) की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन से मिली जानकारी के बाद फ्रांस के समुद्री अधिकारियों ने बताया कि ‘ग्रिंच’ नाम का यह जहाज गलत देश का झंडा लगाकर चल रहा था. यह 2004 में बना था. इस जहाज पर कोमोरोस देश का झंडा लगा था, जो अफ्रीका के पास है, जबकि असल में इसका उससे कोई सीधा संबंध नहीं था.

अधिकारियों ने यह भी कहा कि जहाज पर काम करने वाले लोग भारतीय हैं. यह तेल टैंकर पश्चिमी भूमध्य सागर में, स्पेन के दक्षिणी शहर अलमेरिया के पास पकड़ा गया. फ्रांसीसी नौसेना इस जहाज को अब जांच के लिए सुरक्षित तरीके से बंदरगाह तक ले जा रही है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके.

ब्रिटेन ने दी अहम जानकारी

France 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांसीसी नौसेना ने स्पेन और मोरक्को के बीच ‘ग्रिंच’ नाम के एक तेल टैंकर को रोका. यह जहाज रूस के आर्कटिक इलाके के मुरमान्स्क बंदरगाह से चला था. ‘ग्रिंच’ नाम का एक जहाज ब्रिटेन के प्रतिबंधों में है, जबकि उसी नंबर से जुड़ा ‘कार्ल’ नाम का दूसरा जहाज अमेरिका और यूरोप के प्रतिबंधों के तहत आता है. एपी के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन में ब्रिटेन ने अहम भूमिका निभाई. ब्रिटेन ने जानकारी जुटाकर फ्रांस के साथ साझा की, जिससे इस जहाज को समय रहते रोका जा सका.

‘तेल की कमाई से यूक्रेन युद्ध फंड हो रहा’

पश्चिमी देशों का मानना है कि तेल से होने वाली कमाई रूस के लिए बहुत अहम है. इसी पैसे से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध पर खर्च कर पा रहे हैं, बिना अपने देश में महंगाई बढ़ाए या अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाए. इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें एक फ्रांसीसी हेलीकॉप्टर जहाज के ऊपर उड़ता दिख रहा है. मैक्रों ने आगे कहा कि ‘शैडो फ्लीट’ से मिलने वाला पैसा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में इस्तेमाल किया जा रहा है.

जेलेंस्की ने जताई खुशी

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने फ्रांस की इस कार्रवाई की तारीफ की और मैक्रों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि यह रूस को युद्ध के लिए पैसा मिलने से रोकने का एक जरूरी और सख्त कदम है. एक्स पर जेलेंस्की ने लिखा, ‘धन्यवाद फ्रांस, धन्यवाद मैक्रों. रूस के तेल से होने वाली कमाई को रोकने के लिए ऐसे ही मजबूत फैसलों की जरूरत है. यूरोप के पास चल रहे रूसी टैंकरों को रोका जाना चाहिए. शैडो फ्लीट पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. जहाजों को पकड़ा जाए और उनमें भरे तेल को जब्त किया जाए.’

फ्रांस ने पहले भी जब्त किया था रूसी तेल टैंकर

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब फ्रांस और कई दूसरे देश मिलकर रूस के उन तेल जहाजों पर सख्ती कर रहे हैं, जो नियमों से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं. माना जाता है कि ऐसे 400 से ज्यादा जहाज इस नेटवर्क में शामिल हैं. France 24 के अनुसार, सितंबर के आखिर में फ्रांस ने ‘बोराके’ नाम के एक और रूस से जुड़े जहाज को पकड़ा था, जो खुद को बेनिन का जहाज बता रहा था. उस समय रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फ्रांस की इस कार्रवाई को ‘समुद्री डकैती’ कहा था.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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