[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World अंतरिक्ष में पहुंची फीफा वर्ल्ड कप 2026 की ट्रायोंडा फुटबॉल, ISS में वैज्ञानिकों ने किया ये एक्सपेरीमेंट

अंतरिक्ष में पहुंची फीफा वर्ल्ड कप 2026 की ट्रायोंडा फुटबॉल, ISS में वैज्ञानिकों ने किया ये एक्सपेरीमेंट

0
अंतरिक्ष में पहुंची फीफा वर्ल्ड कप 2026 की ट्रायोंडा फुटबॉल, ISS में वैज्ञानिकों ने किया ये एक्सपेरीमेंट
फीफा की ट्रायोंडा फुटबॉल. इनसेट में गेंद से खेलते नासा के वैज्ञानिक. फोटो- एक्स.

FIFA World Cup 2026 Football in Space: फुटबॉल की दुनिया में एक अनोखा प्रयोग सामने आया है. फीफा वर्ल्ड कप 2026 की आधिकारिक मैच बॉल ट्रायोंडा अब अंतरिक्ष तक पहुंच चुकी है. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने इस गेंद के साथ प्रयोग किए, ताकि माइक्रोग्रैविटी यानी अंतरिक्ष में कम गुरुत्वाकर्षण की स्थिति में फुटबॉल की गति और प्रदर्शन को समझा जा सके. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने इस प्रयोग की तस्वीरें और वीडियो साझा किया. जानकारी देते हुए बताया कि ISS के दल ने साल 2019 में किए गए एक पुराने अध्ययन को दोबारा दोहराया. इस बार प्रयोग के लिए ट्रायोंडा फुटबॉल का इस्तेमाल किया गया.

नासा ने सोशल मीडिया एक्स पर साझा किए गए पोस्ट में लिखा, ‘आधिकारिक फीफा वर्ल्ड कप गेंद अंतरिक्ष में पहुंच गई. हम अगली पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए काम कर रहे हैं. हम यह दिखा रहे हैं कि कैसे अंतरिक्ष की खोज, स्पोर्ट्स साइंस और रोजमर्रा की जिंदगी में इनोवेशन को बढ़ावा देती है.’ 

नासा ने बताया- क्यों किया गया गेंद का परीक्षण?

अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि खेल वैज्ञानिक और इंजीनियर फुटबॉल की सेंटर ऑफ मास यानी गेंद के भार केंद्र और उसके संतुलन को बेहद सावधानी से मापते हैं. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि मैदान पर गेंद की गति और दिशा अनुमान के मुताबिक रहे.

नासा के अनुसार, ISS के अंतरिक्ष यात्रियों ने अच्छे और खराब संतुलन वाली गेंदों के प्रभाव को समझने के लिए यह प्रयोग दोहराया. इस अध्ययन से वैज्ञानिकों को यह जानने में मदद मिली कि गेंद में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीकें, जैसे सेंसर और अन्य स्मार्ट फीचर्स, खेल के प्रदर्शन को किस तरह प्रभावित कर सकती हैं.

नासा ने कहा, ‘खूबसूरत खेल फुटबॉल को बेहतर बनाने में मदद करना उन कई तरीकों में से एक है, जिनसे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर किया गया नासा का विज्ञान पृथ्वी पर लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाता है.’

तीन देशों की मेजबानी का प्रतीक है ट्रायोंडा

ट्रायोंडा फीफा वर्ल्ड कप 2026 की आधिकारिक मैच बॉल है, जिसे Adidas ने तैयार किया है. फीफा के अनुसार, ‘ट्रायोंडा’ नाम स्पेनिश भाषा के उस शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ होता है ‘तीन लहरें’.

यह नाम इसलिए रखा गया है क्योंकि 2026 का फीफा वर्ल्ड कप पहली बार तीन देशों की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा. ये देश हैं- कनाडा, मैक्सिको और अमेरिका. गेंद के डिजाइन में इन तीनों देशों की पहचान को शामिल किया गया है. इसमें लाल, हरे और नीले रंगों का इस्तेमाल किया गया है, जो मेजबान देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं.

गेंद के डिजाइन में दिखेगी तीनों देशों की पहचान

ट्रायोंडा फुटबॉल में चार-पैनल डिजाइन दिया गया है. इसकी विशेष ज्यामितीय बनावट गेंद के बीच में एक त्रिकोण का आकार बनाती है, जो तीनों मेजबान देशों की एकता को दर्शाती है. गेंद पर कनाडा के लिए मेपल लीफ, मैक्सिको के लिए ईगल और अमेरिका के लिए स्टार जैसे प्रतीकों को भी शामिल किया गया है.

ये भी पढ़ें:- वो बदनसीब कुत्ता जो अंतरिक्ष में ही मर गया, धरती नहीं हुई नसीब, बना था इतिहास का पहला स्पेस डॉग

हाईटेक फीचर्स से लैस है ट्रायोंडा

फीफा के मुताबिक, ट्रायोंडा में कई तकनीकी सुधार किए गए हैं, जिनका उद्देश्य गेंद के प्रदर्शन को बेहतर बनाना है. इसमें गहरे सीम यानी खास तरह की सिलाई दी गई है, जिससे हवा में गेंद की उड़ान अधिक स्थिर रहती है. इसके अलावा गेंद की सतह पर उभरी हुई बनावट दी गई है, जिससे बारिश जैसी परिस्थितियों में खिलाड़ियों को बेहतर पकड़ मिल सके.

गेंद में एडवांस्ड कनेक्टेड-बॉल तकनीक भी शामिल है. इसमें 500 हर्ट्ज मोशन सेंसर चिप लगी है, जो गेंद की हरकत से जुड़ा रियल टाइम डेटा वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) सिस्टम तक भेजती है. इस तकनीक का इस्तेमाल मैच अधिकारियों को फैसले लेने में मदद करने के लिए किया जाएगा. इसमें ऑफसाइड और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़े निर्णय शामिल हैं.

ये भी पढ़ें:- अंतरिक्ष का बार, जहां है इतनी अल्कोहल कि 21 लाख साल तक पी सकते हैं धरती वाले

खेल विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान का अनोखा मेल

ट्रायोंडा का ISS तक पहुंचना खेल और विज्ञान के बीच एक खास जुड़ाव को दिखाता है. फीफा वर्ल्ड कप की यह आधिकारिक गेंद अब उन चुनिंदा खेल उपकरणों में शामिल हो गई है, जिनका परीक्षण अंतरिक्ष में किया गया है. इस प्रयोग से वैज्ञानिकों को न केवल फुटबॉल की तकनीक को समझने में मदद मिलेगी, बल्कि भविष्य में खेल उपकरणों को और बेहतर बनाने के लिए नई जानकारियां भी मिल सकती हैं.

Previous article 21 जून को इमरजेंसी, प्रसव कक्ष और SNCU में कौन डॉक्टर रहेंगे तैनात
Next article आज ICU और इमरजेंसी में कौन डॉक्टर रहेंगे तैनात, देखें पूरी सूची
Avatar Of Anant Narayan Shukla
अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel