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Home World हमला मत करो, वरना ऐसा मारेंगे जैसा पहले किसी ने नहीं देखा… ट्रंप ने फिर ईरान को हड़काया

हमला मत करो, वरना ऐसा मारेंगे जैसा पहले किसी ने नहीं देखा… ट्रंप ने फिर ईरान को हड़काया

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हमला मत करो, वरना ऐसा मारेंगे जैसा पहले किसी ने नहीं देखा… ट्रंप ने फिर ईरान को हड़काया
डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई. फोटो- एक्स.

Donald Trump warns Iran: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी जारी की है. ईरान ने अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के जवाब में जोरदार प्रतिक्रिया देने की कसम खाई है. अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, जिसके बाद ईरान ने यह चेतावनी दी है. इससे पहले ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 14 बेस पर 400 मिसाइलों से हमला किया. इसके अलावा ईरान ने यूएई के कुछ आइकॉनिक इमारतों को भी निशाना बनाया है.  

ट्रुथ सोशल पर किए गए एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि ईरान को ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने पर उसे ऐसी ताकतवर जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.’ ट्रंप ने लिखा, ‘ईरान ने अभी कहा है कि वह आज बहुत जोरदार हमला करने जा रहा है, अब तक के किसी भी हमले से ज्यादा. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर उन्होंने किया, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई होगी.’

सुप्रीम लीडर की मौत के बाद गुस्से में ईरान

प्रेस टीवी के मुताबिक, ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत को ‘इस्लामिक क्रांति के नेता की हत्या का अपराध’ बताया. उसने कहा कि यह ‘बिना सजा के नहीं छोड़ा जाएगा.’ ईरानी बयान में यह भी कहा गया कि ‘शहीद नेता का पाक खून अमेरिका और इजरायल की आपराधिक हुकूमतों को जड़ से उखाड़ फेंकेगा.’ अयातोल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिनों का सार्वजनिक शोक मनाया जा रहा है. खामेनेई की मौत शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी/लायंस रोर) के बाद हुई. 

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने रविवार को बताया कि देश की रक्षा परिषद की बैठक को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में ईरान के सैन्य प्रमुख और रक्षा मंत्री मारे गए. हमले के दौरान बैठक में शामिल जनरल अब्दोल रहीम मूसावी और रक्षा मंत्री जनरल अजीज नासिरजादेह की मौत हो गई. इससे पहले ईरान ने रविवार सुबह अर्द्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख और सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी की मौत की घोषणा की थी.

अयातोल्लाह अली खामेनेई, इस्लामिक क्रांति के संस्थापक रूहोल्लाह खोमैनी के उत्तराधिकारी थे. 1989 से उनका शासन पश्चिमी प्रभाव के खिलाफ लगातार और अडिग प्रतिरोध की कहानी रहा है. उन्होंने अपने 36 साल के शासन में अमेरिका और इजरायल से ही लोहा लेते रहे. अब खामेनेई के उत्तराधिकारी के चयन सबका ध्यान है. युद्ध जैसी परिस्थितियों में बैठकें करना बेहद मुश्किल है और सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि गणराज्य का भविष्य आखिर किसके हाथ में होगा? खामेनेई की मौत के बाद ईरान में प्रदर्शन होने लगे. ईरान की सड़कों पर सरकार के समर्थक आ गए. अशांति को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. 

भारत में ईरानी दूतावास ने की कड़ी निंदा

रविवार को भारत में ईरान के दूतावास ने ईरान में इजरायल-अमेरिका की ओर से किए गए हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की कड़ी निंदा की. दूतावास ने इस कार्रवाई को ‘अक्षम्य अपराध’ बताते हुए दुनिया भर की सरकारों से इस हत्या की निंदा करने की अपील की. साथ ही, दूतावास ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का एक बयान भी साझा किया, जिसमें कुवैत में एक अमेरिकी पोत और नौसैनिक अड्डे के खिलाफ ईरान की सैन्य कार्रवाई का विवरण दिया गया.

ईरान ने कहां-कहां और कैसे हमले किए?

भारत में ईरान के दूतावास ने IRGC की एक घोषणा साझा की. इसमें बताया गया कि ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ की पांचवीं लहर के तहत हिंद महासागर में एक MSP जहाज पर हमला किया गया. उसने कहा कि इस पर अमेरिकी जहाजों के लिए गोला-बारूद ले जाया जा रहा था. इसको जेबेल अली एंकरिज पर चार ड्रोन से निशाना बनाया गया, जिससे वह पूरी तरह निष्क्रिय हो गया और उसमें भारी नुकसान व विस्फोट हुए. इसके अलावा, कुवैत के अब्दुल्ला मुबारक क्षेत्र में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर चार बैलिस्टिक मिसाइलों और 12 ड्रोन से हमला किया गया, जिसमें सभी ढांचे नष्ट होने और बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने व घायल होने का दावा किया गया. अन्य अपडेट्स में कहा गया कि MST-क्लास का एक कॉम्बैट सपोर्ट जहाज, जो हिंद महासागर में अमेरिकी जहाज़ों के लिए ईंधन ले जा रहा था, ईरानी क़द्र 380 मिसाइलों से निशाना बनाया गया. 

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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