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Home World ट्रंप का बड़ा दावा: अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, क्या युद्ध होगा समाप्त, होर्मुज स्ट्रेट पर भी बनी बात?

ट्रंप का बड़ा दावा: अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, क्या युद्ध होगा समाप्त, होर्मुज स्ट्रेट पर भी बनी बात?

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ट्रंप का बड़ा दावा: अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, क्या युद्ध होगा समाप्त, होर्मुज स्ट्रेट पर भी बनी बात?
ओवल ऑफिस में वैश्विक नेताओं से बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप. फोटो- एक्स (@WhiteHouse).

Donald Trump US Iran Deal: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि यूएस और ईरान के बीच एक बड़े समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है. ट्रंप के मुताबिक यह डील ईरान युद्ध को समाप्त करने और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने की कोशिश का हिस्सा है. ट्रंप ने इशारा किया कि इसके तहत होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर भी सहमति बन सकती है. उन्होंने कहा कि अमेरिका, ईरान और कई अन्य देशों के बीच यह समझौता ‘करीब-करीब तय’ हो चुका है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी अलग से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी बातचीत हुई, जो ‘काफी सकारात्मक’ रही.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर लिखा कि समझौते का बड़ा हिस्सा तय हो चुका है और अब सिर्फ आखिरी बिंदुओं पर चर्चा जारी है. ट्रंप ने बताया कि उन्होंने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से कई बड़े नेताओं के साथ बातचीत की. इनमें सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर, तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगान, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी, जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला-II और बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा शामिल हैं. 

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर क्या कहा गया?

ट्रंप के अनुसार इन चर्चाओं का मुख्य मुद्दा ईरान और ‘शांति से जुड़ा व्यापक समझौता’ था. दुनिया के सबसे अहम तेल शिपिंग मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय से खाड़ी क्षेत्र में तनाव का केंद्र बना हुआ है. ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौते के बाद इस मार्ग को फिर से सामान्य तरीके से खोला जा सकता है.

ईरान बोला- ट्रंप के दावे हकीकत से काफी दूर

हालांकि, ईरानी मीडिया ने ट्रंप के इस दावे पर सवाल उठाए हैं. ईरान की समाचार एजेंसी फारस न्यूज एजेंसी ने कहा कि ट्रंप की बातें ‘जमीनी हकीकत से काफी दूर’ हैं और बातचीत की वास्तविक शर्तों को नहीं दिखातीं. रिपोर्ट में कहा गया कि अगर समझौता होता भी है, तब भी होर्मुज स्ट्रेट का नियंत्रण पूरी तरह ईरान के पास रहेगा. शिपिंग रूट, जहाजों के गुजरने का समय, परमिट और संचालन से जुड़े फैसले ईरान ही करेगा. ईरानी रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान युद्ध से पहले जैसी शिपिंग गतिविधियों को बहाल करने पर राजी हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं होगा कि हर देश को बिना किसी नियंत्रण के रास्ता मिल जाएगा.

पाकिस्तान के अनुसार; तीन चरणों में लागू हो सकता है समझौता

ईरान ने शनिवार को कहा था कि अमेरिका के साथ संघर्ष खत्म करने के लिए एक ‘मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ तैयार करने पर काम चल रहा है. तेहरान में हुई उच्चस्तरीय बातचीत में पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मुनीर भी शामिल रहे. पाकिस्तानी सेना ने इन चर्चाओं को ‘उत्साहजनक’ बताया. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समझौता ‘युद्ध खत्म करने के लिहाज से काफी व्यापक’ है.

रिपोर्ट के अनुसार इस समझौते का ढांचा तीन चरणों में लागू हो सकता है. पहले चरण में संघर्ष खत्म होगा, दूसरे में हॉरमुज संकट को सुलझाया जाएगा और तीसरे चरण में 30 दिनों की व्यापक बातचीत शुरू होगी. जरूरत पड़ने पर इस अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है.

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ट्रंप की चेतावनी भी आई सामने

इससे पहले ट्रंप ने एक्सियोस से बातचीत में कहा था कि वह रविवार को तय करेंगे कि ईरान पर हमले फिर से शुरू किए जाएं या नहीं. उन्होंने कहा, ‘या तो अच्छा समझौता होगा, या फिर मैं ईरान को पूरी तरह तबाह कर दूंगा.’ इससे पहले भी ट्रंप ईरान को चेतावनी देते हुए कह चुके हैं कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ‘पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है.’ उन्होंने यह भी कहा था कि ईरान के लिए ‘समय तेजी से निकल रहा है.’

अमेरिका की शर्तें क्या हैं? और ईरान क्यों नहीं मान रहा?

अमेरिका का कहना है कि ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए. साथ ही होर्मुज स्ट्रेट बिना किसी शुल्क के खुला रहना चाहिए और ईरान को अपने समृद्ध यूरेनियम का नियंत्रण छोड़ना होगा. हालांकि, ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ नागरिक उपयोग के लिए है और वह परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहा. तेहरान ने अमेरिका से अपने बंदरगाहों पर लगी रोक हटाने, तेल निर्यात पर प्रतिबंध खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट पर निगरानी अधिकार बनाए रखने की मांग की है.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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