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Home World G-7 मीटिंग में बोले ट्रंप- ईरान सरेंडर करने वाला था, लेकिन इस वजह से पलट गया मामला

G-7 मीटिंग में बोले ट्रंप- ईरान सरेंडर करने वाला था, लेकिन इस वजह से पलट गया मामला

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G-7 मीटिंग में बोले ट्रंप- ईरान सरेंडर करने वाला था, लेकिन इस वजह से पलट गया मामला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. फोटो- पीटीआई.

Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समय) को ग्रुप ऑफ सेवन (जी-7) के नेताओं के साथ फोन कॉल में कहा कि ईरान जल्द ही आत्मसमर्पण करने वाला है. समाचार वेबसाइट एक्सियोस ने तीन जी-7 देशों के अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी, जो उस कॉल में मौजूद थे. रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने सहयोगी देशों से कहा कि उन्होंने ‘ऐसे कैंसर को खत्म कर दिया है जो हम सभी के लिए खतरा बन रहा था.’ उन्होंने जी-7 कॉल के दौरान ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के नतीजों की भी तारीफ की.

एक्सियोस के अनुसार ट्रंप ने कहा कि ‘किसी को नहीं पता कि नेता कौन है, इसलिए ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है, जो आत्मसमर्पण की घोषणा कर सके.’ इस मामले पर व्हाइट हाउस ने टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया. पश्चिम एशिया में जारी यह युद्ध लगभग दो सप्ताह के करीब पहुंच चुका है और पूरे क्षेत्र में ड्रोन तथा मिसाइल हमलों का भारी आदान-प्रदान जारी है.

यह बातचीत उस समय हुई जब ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के खिलाफ बदला लेने की कसम खाई और नागरिकों से लड़ाई जारी रखने की अपील की. एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप निजी बातचीत में भी इस युद्ध के नतीजे को लेकर उतने ही आश्वस्त दिखाई दिए जितने सार्वजनिक रूप से नजर आते हैं.

ट्रंप का ईरान को कड़ा संदेश

वहीं शुक्रवार को ट्रंप ने ईरान के नेताओं को ‘पागल और घृणित लोग’ बताते हुए कहा कि उन्हें मारना उनके लिए ‘बहुत बड़ा सम्मान’ है. ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के इस्लामिक शासन के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज कर सकता है. उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि आज होने वाली घटनाओं पर नजर रखे और दावा किया कि अमेरिका इस संघर्ष में जीत रहा है, भले ही कुछ रिपोर्ट्स कुछ और कह रही हों.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘हम ईरान के आतंकी शासन को सैन्य, आर्थिक और अन्य तरीकों से पूरी तरह तबाह कर रहे हैं. लेकिन अगर आप फेल हो रहे अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स को पढ़ें, तो आपको लगेगा कि हम जीत नहीं रहे. ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, उसकी वायुसेना लगभग खत्म है. मिसाइलें, ड्रोन और बाकी हथियार नष्ट किए जा रहे हैं और उनके नेताओं को भी खत्म कर दिया गया है. हमारे पास बेजोड़ ताकत, असीमित गोला-बारूद और पर्याप्त समय है.’

उन्होंने आगे लिखा कि दुनिया भर में 47 वर्षों तक निर्दोष लोगों को मारने वाले इन लोगों को अब अमेरिका जवाब दे रहा है और यह उनके लिए ‘सम्मान की बात’ है.

ईरान का जवाबी हमला

इधर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि उसने अपने सैन्य अभियान ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 का 44वां चरण शुरू कर दिया है. इसके तहत इजरायल के कब्जे वाले क्षेत्रों और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया.

आईआरजीसी के अनुसार इस हमले की शुरुआत खैबर शिकन मिसाइलों की भारी बौछार से हुई. करीब एक टन वारहेड वाली इन मिसाइलों ने कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया. इनमें फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इजरायली सैन्य ठिकाने, तेल अवीव, ईलात और पश्चिम अल-कुद्स (यरुशलम क्षेत्र) शामिल हैं.

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ईरानी सेना का बयान

ईरान के खातम अल-अनबिया मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने बयान जारी कर कहा कि ईरानी सशस्त्र बल ‘आखिरी सांस तक’ अपने दुश्मनों के खिलाफ लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि दुश्मन को अपने अपराधों की कीमत चुकानी पड़ेगी.

होर्मूज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता

इससे पहले सीएनएन की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्रंप प्रशासन ने यह कम आंका था कि अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में ईरान रणनीतिक होर्मूज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश कर सकता है.

रिपोर्ट के अनुसार सैन्य अभियान की योजना बनाते समय पेंटागन और संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इस संभावना को पूरी तरह गंभीरता से नहीं लिया, जबकि अमेरिकी सेना के पास पहले से ऐसे हालात के लिए आकस्मिक योजनाएं मौजूद थीं.

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सूत्रों ने बताया कि ऑपरेशन शुरू होने से पहले हुई कुछ बैठकों में संयुक्त राज्य अमेरिका का ऊर्जा विभाग और संयुक्त राज्य अमेरिका का ट्रेजरी विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे, लेकिन बड़े फैसलों में आमतौर पर अहम भूमिका निभाने वाले विस्तृत आर्थिक आकलन और अंतर-विभागीय विश्लेषण इन चर्चाओं का मुख्य हिस्सा नहीं थे.

अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच जारी यह संघर्ष अब 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है और फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से पीछे हटने के संकेत नजर नहीं आ रहे हैं.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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