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Home World मुर्गी परोसकर पहले प्रपोज, फिर जंगल में इजहार-ए-मोहब्बत! चीन में ऐसे होती है शादी

मुर्गी परोसकर पहले प्रपोज, फिर जंगल में इजहार-ए-मोहब्बत! चीन में ऐसे होती है शादी

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मुर्गी परोसकर पहले प्रपोज, फिर जंगल में इजहार-ए-मोहब्बत! चीन में ऐसे होती है शादी
Dai Women Chicken Matchmaking China Unique Love Tradition/ Ai Image

Dai Women Chicken Matchmaking: दुनिया में प्यार पाने के तरीके अलग-अलग होते हैं. कहीं फूल दिए जाते हैं, कहीं खत लिखे जाते हैं और कहीं सीधे शादी की बात हो जाती है. लेकिन चीन में एक ऐसा समुदाय भी है, जहां प्यार की शुरुआत मुर्गी से होती है. सुनने में अजीब लगे, लेकिन यह बिल्कुल सच है. चीन के दाई समुदाय में लड़कियां बाजार में मुर्गी लेकर जाती हैं और वहीं से जीवनसाथी चुनने की परंपरा निभाई जाती है.

Dai Women Chicken Matchmaking in Hindi: कहां और किस समुदाय की है यह परंपरा

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह अनोखी परंपरा चीन के युन्नान प्रांत में रहने वाले दाई (Dai) जातीय अल्पसंख्यक समुदाय की है. रिपोर्ट के अनुसार, दाई समुदाय की आबादी करीब 13 लाख है. ये लोग मुख्य रूप से शीशुआंगबन्ना दाई स्वायत्त क्षेत्र और देहोंग दाई व जिंगपो स्वायत्त क्षेत्र में रहते हैं. यह इलाका चीन के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में पड़ता है. दाई भाषा में इस परंपरा को ‘युएसाओ (Yuesao)’ कहा जाता है. वहीं स्थानीय हान चीनी लोग इसे ‘चुआन गुनियांग’ कहते हैं, जिसका सीधा मतलब होता है लड़कियों से मिलने जाना. इस परंपरा का पूरा खेल बाजार में चलता है और यहां मुर्गी रिश्ते जोड़ने का काम करती है.

Dai Women Chicken Matchmaking China in Hindi: बाजार में कैसे बनता है रिश्ता

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, इस परंपरा में लड़के और लड़कियां एक-दूसरे को परखते हैं. लड़के देखते हैं कि लड़की सुंदर है और उसका स्वभाव अच्छा है या नहीं, जबकि लड़कियां ऐसे लड़के को ढूंढती हैं जो मेहनती और बहादुर हो. यह सब बाजार में होता है और हैरानी की बात यह है कि यह सब चिकन का मांस एक्सचेंज करके किया जाता है. दाई न्यू ईयर के दिन यह परंपरा अपने पूरे रंग में दिखाई देती है. इस दिन मुर्गियों को पकाया जाता है. इसके बाद युवा लड़कियां अपने सबसे सुंदर पारंपरिक कपड़े पहनती हैं और पका हुआ चिकन लेकर बाजार पहुंचती हैं. उनका मकसद होता है कि जिस लड़के को वे पसंद करती हैं, वही आकर उस चिकन को खरीदे.

जब कोई लड़का आकर कीमत पूछता है और लड़की उसे पसंद नहीं करती, तो वह सीधे मना नहीं करती. वह मुस्कुराते हुए कहती है पहले खा लो, फिर तौलेंगे. इसके बाद वह उस लड़के से दोगुनी कीमत वसूल करती है. इसे वहां सभ्य तरीके से मना करना माना जाता है.

पसंद है तो कुर्सी मिलती है

अगर लड़का पसंद आ जाए, तो लड़की उसे पास बैठने के लिए कुर्सी दे देती है. यहीं से बात आगे बढ़ती है. लड़का कहता है कि हम दाई लोगों में कहावत है कि साथ खाने से खाना और अच्छा लगता है और साथ बोझ उठाने से काम आसान हो जाता है.

China Unique Love Tradition in Hindi: जंगल में होता है दिल का इजहार

इसके जवाब में लड़की कहती है यहां बहुत शोर है, चलो जंगल में बैठकर खाते हैं. इसके बाद दोनों मुर्गी और कुर्सी लेकर पास के शांत जंगल में चले जाते हैं. वहीं एक-दूसरे से अपने दिल की बात कहते हैं और रिश्ता आगे बढ़ता है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, यह परंपरा साल भर नहीं चलती. यह रोमांटिक मेल-मिलाप 15 अक्टूबर से फरवरी तक ही किया जा सकता है. वहीं 15 जुलाई से 15 अक्टूबर, यानी खेती के सबसे व्यस्त समय में, ऐसी गतिविधियां पूरी तरह मना होती हैं.

रात की रहस्यमयी रस्म

इस परंपरा का एक और दिलचस्प हिस्सा रात में देखने को मिलता है. रात के समय युवा लड़के खुद को कपास की चादर में लपेट लेते हैं, जिसमें सिर्फ उनकी आंखें दिखाई देती हैं. वे चुपचाप अंधेरे में घूमते हैं और जिस लड़की को पसंद करते हैं, उसके पास जाकर खड़े हो जाते हैं. उम्मीद यही रहती है कि बातचीत शुरू हो जाए और रिश्ता बने. आज के समय में यह परंपरा काफी हद तक खत्म हो चुकी है. ग्रामीण शीशुआंगबन्ना में भी अब बहुत कम लोग इस रिवाज को निभाते हैं. आधुनिक जीवन और बदलते समय के साथ यह अनोखा प्यार भरा तरीका अब यादों तक सिमटता जा रहा है.

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