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Home Badi Khabar COVID19 : ठीक होने के बाद भी हो सकता है कोरोना का संक्रमण, WHO ने दी चेतावनी

COVID19 : ठीक होने के बाद भी हो सकता है कोरोना का संक्रमण, WHO ने दी चेतावनी

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COVID19 : ठीक होने के बाद भी हो सकता है कोरोना का संक्रमण, WHO ने दी चेतावनी
Antalya: In this Wednesday, April 22, 2020 photo, healthcare workers tend to a patient at one of the intensive care units for COVID-19 patients (ICU) of the Akdeniz University hospital in Antalya, Turkey. The country currently ranks seventh in the world in the number of confirmed infections, surpassing Iran and China. Turkish President Recep Tayyip Erdogan's government has refrained from imposing a total lockdown, fearing its negative impact on the already fragile economy. It has opted for piecemeal measures instead, including weekend curfews and banning people above the age of 65 and below the age of 20 from leaving their homes. AP/PTI(AP24-04-2020_000216B)

नयी दिल्‍ली : देश-दुनिया इस समय कोरोना संकट से जूझ रहा है. अब तक पूरी दुनिया में कोरोना से 27 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और लगभग दो लाख के करीब लोगों की जान जा चुकी है. अकेले अ‍मेरिका में 9 लाख लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं और लगभग 50 हजार लोगों की जान चली गयी है. हालांकि लाखों लोग कोरोना से लड़कर बाहर भी आ चुके हैं.

लेकिन इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना को लेकर जो चेतावनी जारी की गयी है वो इस महामारी के खिलाफ जंग में परेशान करने वाली हो सकती है. डब्ल्यूएचओ ने साफ कर दिया है कि कोरोना वायरस से ठीक हो चुके लोगों को दोबारा संक्रमित होने का डर है. ठीक हो चुका व्‍यक्ति ये न समझे की वो कोरोना के संक्रमण से पूरी तरह से मुक्‍त हो चुका है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ‘जोखिम मुक्त प्रमाणपत्र’ के विचार के खिलाफ है. वैश्विक स्वास्थ्य संस्था ने यह भी कहा है कि अभी ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि कोविड-19 से संक्रमण मुक्त हो चुके लोग, जिनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है वे सुरक्षित हैं और दूसरी बार उनके संक्रमित होने की संभावना नहीं है.

डब्ल्यूएचओ ने शनिवार को कहा कि इस बारे में और अधिक शोध की जरूरत है. वैश्विक स्वास्थ्य संस्था ने कहा कि महामारी के दौरान अभी इस प्रमाणपत्र के कारगर होने के बारे में पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि जो लोग ऐसा मान रहे हैं कि दोबारा संक्रमित होने के खिलाफ उनके शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत हो गई है, वे जन स्वास्थ्य परामर्श की अनदेखी कर सकते हैं और इस तरह के प्रमाणपत्र वायरस का संक्रमण जारी रहने का खतरा बढ़ा सकता है.

वैश्विक संस्था ने कहा कि एंटीबॉडी की जांच को और अधिक कारगर करने की जरूरत है, ताकि वह सटीक एवं विश्वसनीय हो.

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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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