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पाकिस्तानी विदेश मंत्री के सामने चीन ने अमेरिका को सुनाया, जानें वेनेजुएला पर US की कार्रवाई पर क्या कहा

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पाकिस्तानी विदेश मंत्री के सामने चीन ने अमेरिका को सुनाया, जानें वेनेजुएला पर US की कार्रवाई पर क्या कहा
चीन किसी भी देश के खुद को अंतरराष्ट्रीय न्यायाधीश समझने का विरोध करता है: वांग यी.

China on US Arrest Nicholas Maduro: चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार को पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ हुई बातचीत के दौरान अमेरिका द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने अमेरिकी हमले में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की. यह टिप्पणी अमेरिका द्वारा शनिवार को वेनेजुएला पर हवाई हमले किए जाने और इसके बाद मादुरो दंपति को पकड़कर न्यूयॉर्क ले जाए जाने के एक दिन बाद आई. वांग यी ने कहा कि चीन किसी भी देश द्वारा खुद को “दुनिया का पुलिसकर्मी” या “अंतरराष्ट्रीय न्यायाधीश” मानने की मानसिकता का सख्त विरोध करता है. 

वांग यी ने जोर देकर कहा कि बीजिंग हमेशा बल प्रयोग, धमकी की राजनीति और किसी एक देश की इच्छा को दूसरे देशों पर थोपने के प्रयासों के खिलाफ रहा है. चीन के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला में अमेरिका की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नियमों और संप्रभुता के सिद्धांतों के विरुद्ध है. उन्होंने दोहराया कि चीन किसी भी रूप में सैन्य दबाव या एकतरफा कार्रवाई को स्वीकार नहीं करता. वांग यी ने कहा, “हम कभी यह स्वीकार नहीं कर सकते कि कोई देश खुद को दुनिया का पुलिसकर्मी समझे, और न ही यह मानते हैं कि किसी एक देश को अंतरराष्ट्रीय न्यायाधीश बनने का अधिकार है.” इससे पहले, चीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से मादुरो और उनकी पत्नी को “तत्काल” रिहा करने की मांग की थी और कहा था कि उन्हें हिरासत में रखना अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है.

इशाक डार और वांग यी ने बीजिंग में पाकिस्तान-चीन विदेश मंत्रियों के रणनीतिक संवाद के सातवें दौर की संयुक्त अध्यक्षता की. इस संवाद में हिस्सा लेने के लिए डार शनिवार को चीन पहुँचे थे. वांग यी ने यह बयान पाकिस्तान-चीन विदेश मंत्रियों के रणनीतिक संवाद के सातवें दौर के दौरान दिया. इस वार्ता में दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों के साथ-साथ वेनेजुएला में अमेरिका की हालिया कार्रवाई पर भी विचार-विमर्श किया.

चीन और अमेरिका से संबंध मजबूत कर रहा पाकिस्तान

गौरतलब है कि पाकिस्तान एक ओर चीन के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूती से बनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर उसने हाल के महीनों में वाशिंगटन के साथ भी कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर संपर्क बढ़ाए हैं. पाकिस्तान के नए नवेले सीडीएफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने भारत से ऑपरेशन सिंदूर में मुंह की खाने के बाद अमेरिका का रुख किया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करके बलूचिस्तान में रेयर अर्थ की डील की, इसके बाद से अमेरिका ने पाकिस्तान को एफ-16 हवाई जहाज के बेड़े के लिए 68 करोड़ डॉलर का सैन्य पैकेज दिया.

इसके साथ ही रेयर अर्थ की माइनिंग के लिए एक अमेरिकी कंपनी ने पाकिस्तान में निवेश का भी वादा किया है. वहीं चीन की ओर से पाकिस्तान को सबमरीन भी दी जा रही हैं, जबकि जेफ-17 फाइटर जेट का संयुक्त उत्पादन पहले से ही पाकिस्तान में हो रहा है. हालांकि, इसके बावजूद इस्लामाबाद ने अब तक वेनेजुएला में अमेरिकी हस्तक्षेप को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. 

मादुरो की गिरफ्तारी, अब अमेरिका में चलेगा केस

अमेरिका ने वेनेजुएला में 3 जनवरी को सत्ता परिवर्तन की कार्रवाई के तहत हवाई हमले किए. इस कार्रवाई में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क ले गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं. इस अभियान को ट्रंप प्रशासन की अब तक की सबसे आक्रामक विदेश नीति कार्रवाई माना जा रहा है, जिसमें अमेरिका ने मादुरो सरकार पर ड्रग तस्करी और अवैध शासन के आरोप लगाए हैं. मादुरो के ऊपर अमेरिका में ड्रग्स भेजने का आरोप लगा है, उन्हें सोमवार को मैनहैटन की संघीय अदालत में पेश किया जाएगा. 

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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