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Home World क्या चीन का रेयर मिनरल्स पर बैन का PAK-US दोस्ती से है कोई संबंध? ड्रैगन ने दिया ये जवाब

क्या चीन का रेयर मिनरल्स पर बैन का PAK-US दोस्ती से है कोई संबंध? ड्रैगन ने दिया ये जवाब

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क्या चीन का रेयर मिनरल्स पर बैन का PAK-US दोस्ती से है कोई संबंध? ड्रैगन ने दिया ये जवाब
दुर्लभ मृदा खनिजों पर प्रतिबंधों पर अमेरिका-पाकिस्तान दोस्ती का असर नहीं है.

China ban on rare earth mineral: अमेरिकी की ओर से जारी टैरिफ वॉर के बीच चीन ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं. पिछले हफ्ते चीन ने रेयर अर्थ मिनरल के निर्यात पर रोक लगा दी. चीन ने एक्सपोर्ट रोकने के आशय वाला लेटर अमेरिकी प्रशासन को भेजा, जिसमें उसने 8-9 नवंबर तक इस पर पूरी तरह रोक लगाने की घोषणा की थी. चीन की यह नीति ऐसे समय आई, जब एक तस्वीर वायरल हुई, जिसमें पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ ट्रंप को एक बॉक्स भेंट करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि उसमें दुर्लभ खनिज के नमूने मौजूद थे. इसके बाद यह भी सूचना आई कि पाकिस्तान ने इन दुर्लभ खनिजों की पहली खेप भेज दी है. हालांकि चीन ने अब कहा है कि उसके रेयर अर्थ मिनरल बैन करने वाले कदम के पीछे पाकिस्तान का एक्शन जिम्मेदार नहीं है.      

पाकिस्तान से कोई लेना-देना नहीं है- चीन

चीन ने सोमवार को कहा कि दुर्लभ खनिजों और उनसे जुड़ी प्रौद्योगिकियों के निर्यात पर कड़े प्रतिबंध लगाने और इनके दुरुपयोग के लिए विदेशी कंपनियों को जिम्मेदार ठहराने के उसके कदम का पाकिस्तानी नेताओं द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इन कीमती धातुओं को भेंट किए जाने से कोई संबंध नहीं है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान के अमेरिका के साथ घनिष्ठ संबंध विकसित होने के बावजूद पाकिस्तान के साथ चीन की अटूट दोस्ती बरकरार है. लिन ने सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ के संवाददाता की ओर से पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा, “दुर्लभ खनिजों और संबंधित वस्तुओं के संबंध में निर्यात नियंत्रण उपायों पर चीन की हालिया घोषणा का पाकिस्तान से कोई लेना-देना नहीं है.” उन्होंने कहा, “आपने जिन खबरों का जिक्र किया है, वे या तो तथ्यों से अनजान हैं या अटकलों पर आधारित हैं या फिर मतभेद पैदा करने के इरादे से गढ़ी गई हैं. ये खबरें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं.”

सैन्य उद्देश्यों के लिए खनिजों का इस्तेमाल के आरोप पर लगाया बैन

दुर्लभ खनिजों के खनन-प्रसंस्करण पर लगभग एकाधिकार रखने वाले चीन ने पिछले हफ्ते इन खनिजों के खनन एवं प्रसंस्करण पर नये निर्यात प्रतिबंधों की घोषणा की और अज्ञात विदेशी कंपनियों पर सैन्य उद्देश्यों के लिए उसके खनिजों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. ट्रंप ने बीजिंग के इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए चीनी वस्तुओं के आयात पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी. उन्होंने कहा कि ये टैरिफ 1 नवंबर से लागू हो जाएंगे. 

पाकिस्तान की ओर से पेश बॉक्स में क्या था?

हालांकि, लिन ने कहा कि जनरल मुनीर ने ट्रंप को जो बॉक्स भेंट किया था, उसमें दुर्लभ खनिज नहीं, बल्कि रत्न अयस्क था. चीनी प्रवक्ता ने कहा, “मुझे जो पता चला है, उसके अनुसार पाकिस्तान-अमेरिका खनन सहयोग पर बातचीत कर रहे हैं. पाकिस्तान ने भरोसा दिलाया है कि अमेरिका के साथ उसके व्यापार से चीन के हितों या चीन के साथ उसके सहयोग को नुकसान नहीं पहुंचेगा.”

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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