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Home World ईरान ने ब्रिटिश सैन्य अड्डे पर किया हमला, दागीं दो बैलिस्टिक मिसाइलें

ईरान ने ब्रिटिश सैन्य अड्डे पर किया हमला, दागीं दो बैलिस्टिक मिसाइलें

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ईरान ने ब्रिटिश सैन्य अड्डे पर किया हमला, दागीं दो बैलिस्टिक मिसाइलें
ब्रिटिश बेस अक्रोतिरी. फोटो- एक्स (@sentdefender).

British Airbase attacked by Iran: ईरान के हमलों का दायरा अब बढ़ता जा रहा है. शनिवार को इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान को भारी नुकसान झेलना पड़ा. सुप्रीम लीडर के अलावा आईआरजीसी के लीडर समेत कई प्रमुख लोगों की इस अटैक में मौत हो गई, जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिका, इजरायल और उसके सहयोगी देशों पर हमला कर रहा है. इसी क्रम में ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने कहा कि रविवार को ईरान ने साइप्रस में स्थित यूनाइटेड किंगडम (यूके) के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. भूमध्य सागर में स्थित साइप्रस में ब्रिटेन का RAF Akrotiri मिलिट्री बेस है, जहां हजारों सैनिक तैनात हैं. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान ने यह हमला जानबूझकर किया है या नहीं. 

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने बताया था कि अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई में ‘दो बैलिस्टिक मिसाइलें साइप्रस की दिशा में दागी गईं.’ हालांकि संभवतः उनका निशाना भूमध्यसागरीय द्वीप साइप्रस नहीं था. हीली ने BBC से कहा, ‘हमें पूरा भरोसा है कि मिसाइलें सीधे साइप्रस को लक्ष्य नहीं कर रही थीं, लेकिन इससे यह जरूर साफ होता है कि इस समय हमारे ठिकाने, हमारे सैनिक और नागरिक खतरे में हैं.’ उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि बहरीन में ईरानी हमले के दौरान 300 ब्रिटिश सैनिक बेस पर मौजूद थे, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

Iran Attack In Cyprus
ईरान ने ब्रिटिश सैन्य अड्डे पर किया हमला, दागीं दो बैलिस्टिक मिसाइलें 3

ब्रिटेन शनिवार को ईरान पर हुए हमले शामिल नहीं

ब्रिटेन, इस क्षेत्र में अमेरिका का अहम सहयोगी है, लेकिन शनिवार को ईरान पर हुए हमलों में उसकी कोई भूमिका नहीं थी. हालांकि, उन्होंने खामेनेई के नेतृत्व वाले शासन को बेहद निंदनीय बताते हुए आरोप लगाया कि उसने असहमति को कुचलते हुए अपने ही हजारों नागरिकों की हत्या की है. स्टारमर ने यह भी कहा कि पूरे क्षेत्र को अस्थिर करने के पीछे ईरान की बड़ी भूमिका रही है. ब्रिटेन के साइप्रस एयरबेस पर एक ड्रोन के टकराने की खबर के बाद सुरक्षा खतरा घोषित किया गया. सोशल मीडिया पर साइप्रस में रॉयल एयरफोर्स अक्रोतिरी बेस पर विस्फोट के वीडियो भी सामने आए.

बदली परिस्थिति में अमेरिका को बेस देने पर राजी ब्रिटेन

स्टारमर के अनुसार, ईरान ब्रिटेन और वहां के यहूदी समुदाय के लिए सीधा खतरा है. उन्होंने कहा कि ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार विकसित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती. इस घटना के बाद ब्रिटिश पीएम ने अमेरिका के लिए अपने बेस को ‘लिमिटेड यूज’ के लिए इजाजत दे दी. हालांकि, उन्होंने पहले इसके लिए मना किया था, लेकिन बदलती परिस्थिति में उन्होंने इसके लिए अब हामी भर दी है. वहीं, ब्रिटेन के साथ फ्रांस और जर्मनी ने भी इजरायल और अमेरिका का साथ देने का फैसला किया है.  

साइप्रस के राष्ट्रपति ने कहा कि सोमवार (2 मार्च) को ब्रिटिश एयरबेस अक्रोतिरी को एक अज्ञात शाहेद ड्रोन ने निशाना बनाया. उन्होंने यह भी बताया कि सभी संबंधित एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं. Cyprus Mail की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साइप्रस में स्थित ब्रिटिश बेस के कर्मचारियों को अगले आदेश तक अपने घर लौटने और अंदर रहने के निर्देश दिए गए.

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ट्रंप ने कहा- हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक…

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक नई चेतावनी जारी करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक सभी टारगेट पूरे नहीं हो जाते. ईरान को इस हमले में भारी भरकम नुकसान हुआ है. अमेरिकी रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के 1000 ठिकानों पर बमबारी की गई. अमेरिका ने अपने पूरे मिलिट्री माइट का इस्तेमाल करते हुए ईरान की लीडरशिप को जितना हो सकता था, खत्म करने की कोशिश की है. 

वही अमेरिका को भी नुकसान झेलना पड़ा है. राष्ट्रपति ट्रंप और यूएस सेंट्रल कमांड ने भी यह पुष्टि की कि तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और कहा कि आगे और भी हताहत हो सकते हैं. वहीं ईरान अपने रुख पर कायम है और उसने चेतावनी दी है कि खामेनेई की हत्या के जवाब में वह क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाता रहेगा. हालांकि, तेहरान का यह भी कहना है कि वह क्षेत्र में शांति चाहता है और इसी वजह से उसके हमले केवल अमेरिकी सैन्य अड्डों तक सीमित हैं. 

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हालांकि, उसने 28 फरवरी को ही मिडिल ईस्ट के देशों में स्थित 14 अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया था. इनमें कुवैत, बहरीन, यूएई, कतर, बहरीन और जॉर्डन शामिल हैं. वहीं इजरायल को निशाना बनाते हुए भी ईरान ने घातक हमला किया. रविवार को यरुशलम के पश्चिम में स्थित शहर बेत शेमेश शहर में ईरानी हमले में 9 इजरायली नागरिक मारे गए. 

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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