[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World मुझे अंधेरे में रखा, पद से हटाने की कोशिश और वो डरावनी रात… बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने खोले यूनुस के काले राज

मुझे अंधेरे में रखा, पद से हटाने की कोशिश और वो डरावनी रात… बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने खोले यूनुस के काले राज

0
मुझे अंधेरे में रखा, पद से हटाने की कोशिश और वो डरावनी रात… बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने खोले यूनुस के काले राज
बांग्लादेश के राष्ट्रपति और मोहम्मद यूनुस.

Bangladesh President accuses Muhammad Yunus: बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस के ऊपर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि यूनुस ने अपने लगभग डेढ़ साल के कार्यकाल के दौरान राष्ट्रपति पद को हाशिये पर डाला. यूनुस ने संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया और उनकी भूमिका सीमित करने की कोशिश की. उन्होंने आरोप लगाया कि यूनुस ने उनके साथ संविधान के तहत आवश्यक संवाद नहीं बनाए रखा. राष्ट्रपति ने कहा कि न तो उन्हें विदेश यात्राओं की जानकारी दी गई और न ही महत्वपूर्ण सरकारी मामलों पर कोई ब्रीफिंग दी गई. उन्होंने बांग्लादेश के एक दैनिक समाचार पत्र कालेर कांथो को दिए गए एक इंटरव्यू में यह आरोप लगाए हैं. 

मोहम्मद शहाबुद्दीन ने क्या-क्या आरोप लगाए

अलग-थलग करने का प्रयास: राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा कि अपने 18 महीने के शासनकाल में यूनुस ने उन्हें राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से अलग-थलग करने के बार-बार प्रयास किए गए. इंटरव्यू में राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान के अनुसार मुख्य सलाहकार को नियमित रूप से राष्ट्रपति से परामर्श करना चाहिए, लेकिन यूनुस ने इस प्रावधान का पालन नहीं किया. उन्होंने कहा, ‘संविधान कहता है कि विदेश यात्रा से लौटने के बाद उन्हें राष्ट्रपति से मिलकर लिखित रूप में चर्चा और नतीजों की जानकारी देनी होती है. उन्होंने 14-15 बार विदेश यात्रा की, लेकिन एक बार भी मुझे सूचित नहीं किया.’

ट्रेड डीलों पर अंधेरे में रखा: राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ हुए एक अहम समझौते सहित कई बड़े राज्य मामलों से उन्हें पूरी तरह अंधेरे में रखा गया. उन्होंने कहा, ‘मुझे इसके बारे में कुछ भी पता नहीं था. ऐसा राज्य समझौता राष्ट्रपति को बताया जाना संवैधानिक जिम्मेदारी है, लेकिन न मौखिक रूप से और न लिखित रूप से मुझे जानकारी दी गई.’  बांग्लादेश की नवनियुक्त सरकार भी इससे सहमत नहीं दिख रही है. उसने इस ट्रेड डील की समीक्षा करने की बात कही है. 

राष्ट्रपति की सार्वजनिक उपस्थिति को देश और विदेश दोनों जगह से मिटाने की कोशिश: शहाबुद्दीन ने कहा कि उन्हें विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोहों और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका गया. एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि विदेश दौरों के दौरान एक सलाहकार की आपत्ति के बाद रातों-रात विदेशी मिशनों से राष्ट्रपति की तस्वीरें हटा दी गईं. उन्होंने कहा, ‘दुनिया भर में दूतावासों में राष्ट्रपति की तस्वीर लगती है क्योंकि वही राज्य का प्रतिनिधित्व करता है. यह परंपरा एक झटके में खत्म कर दी गई.’

प्रेस विंग हटाना और कार्यालय को अलग-थलग करना: राष्ट्रपति ने कहा कि उनके कार्यालय को जानबूझकर अलग-थलग किया गया, जिसमें ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी के नवनिर्वाचित नेताओं के साथ एक शिष्टाचार भेंट के बाद बांगाभवन के पूरे प्रेस विंग को हटा दिया गया. उन्होंने बताया कि यह मुलाकात चुनाव जीतने के बाद एक सामान्य औपचारिक बातचीत और फोटो सेशन तक सीमित थी. लेकिन जब अगले दिन इसकी खबरें और तस्वीरें अखबारों में छपीं, तो मुख्य सलाहकार के प्रेस विंग ने इसे ‘सामान्य रूप से’ नहीं लिया.

उन्होंने कहा, ‘बेहद बेशर्मी से प्रेस सचिव, उप-प्रेस सचिव और सहायक प्रेस सचिव को एक साथ हटा दिया गया.’ इसके अलावा, करीब 30 वर्षों से काम कर रहे दो फोटोग्राफरों को भी हटा दिया गया. शहाबुद्दीन के अनुसार, पूरा प्रेस विंग लगभग खत्म कर दिया गया, जिससे राष्ट्रपति कार्यालय सामान्य प्रेस विज्ञप्ति तक जारी नहीं कर पा रहा.

उन्होंने कहा कि उनकी सार्वजनिक उपस्थिति सीमित करने के लिए ऐसे कदम उठाए गए. प्रेस विंग बहाल कराने के लिए उन्होंने कई बार कैबिनेट सचिव, प्रधान सचिव और स्थापना सचिव से संपर्क किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिम सरकार के दौरान महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दिवसों पर प्रकाशित राज्य परिशिष्टों में उनके संदेश और तस्वीरें भी शामिल नहीं की गईं.

राष्ट्रपति पद से हटाने की कोशिश: उन्होंने दावा किया कि उन्हें पद से हटाने के लिए राजनीतिक और संस्थागत दबाव बनाए गए, यहां तक कि असंवैधानिक तरीके से किसी पूर्व मुख्य न्यायाधीश को राष्ट्रपति बनाने की योजना भी बनी, लेकिन वह नाकाम रही.

डरावनी रात: 22 अक्टूबर 2024 को बंगभवन की घेराबंदी का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भीड़ ने परिसर में घुसने की कोशिश की थी, लेकिन सेना ने तीन स्तर की सुरक्षा देकर स्थिति संभाली. उन्होंने बंगभवन के बाहर हुए विरोध-प्रदर्शनों को डरावनी रात बताया और कहा कि भीड़ जुटाई गई थी तथा राष्ट्रपति आवास में लूटपाट की कोशिशें हुईं, जिन्हें सेना की तैनाती के बाद काबू में लाया गया. उन्होंने कहा, ‘मेरे खून की आहुति भी देनी पड़े तो दूंगा, लेकिन संवैधानिक निरंतरता बनाए रखूंगा.’

यूनुस ने कभी समन्वय नहीं किया: शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि अंतरिम सरकार के गठन की प्रक्रिया की शुरुआत उन्होंने की थी, फिर भी यूनुस ने कभी उनके साथ समन्वय नहीं किया. ‘वे मुझसे मिलने एक बार भी नहीं आए और मुझे पूरी तरह अंधेरे में रखने की कोशिश की,’ उन्होंने कहा. उन्होंने यह भी दावा किया कि बिना परामर्श के उनकी विदेश यात्राएं रुकवाई गईं. कोसोवो और कतर के आमंत्रणों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उनके नाम से मना करने के पत्र तैयार कर दिए गए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘क्या हमारे संविधान के तहत राष्ट्रपति इतना व्यस्त होता है?’

विपक्षी बीएनपी के नेताओं और सशस्त्र बलों के समर्थन: उनके अनुसार, तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने उनसे स्पष्ट कहा, ‘आप सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर हैं. आपकी हार का मतलब पूरे सशस्त्र बलों की हार होगी. हम किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होने देंगे.’ उन्होंने कहा कि बीएनपी नेताओं ने भी उन्हें भरोसा दिलाया कि वे राष्ट्रपति को असंवैधानिक तरीके से हटाने के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा, ‘मैंने सब कुछ सहा, केवल इसलिए कि संवैधानिक व्यवस्था बनी रहे. राष्ट्रपति पद को कमजोर करने की कोशिशें हुईं, लेकिन वे सफल नहीं हो सकीं.’

18 महीने बाद हुए चुनाव

12 फरवरी को बांग्लादेश की 13वें जातीय संसद का चुनाव हुआ. इसमें तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने लैंडस्लाइड विक्ट्री जीत दर्ज की. 299 सीटों वाली संसदीय चुनाव में बीएनपी गठबंधन ने 212 सीटें जीतकर 18 साल बाद सत्ता में वापसी. वहीं अंतरिम सरकार में मुखिया रहे मोहम्मद यूनुस अपने पुराने पेशे में लौट गए हैं. हालांकि, तारिक रहमान की जीत के बाद, यह खबरें भी सामने आई थीं कि यूनुस राष्ट्रपति बन सकते हैं, लेकिन रहमान के शपथ ग्रहण के बाद वह चुपचाप बांग्लादेश छोड़कर चले गए.  

ये भी पढ़ें:- बांग्लादेश आर्मी में बड़ा बदलाव, तारिक रहमान के आते ही बदला यूनुस तंत्र, सेना प्रमुख की पकड़ ‘ढीली’

ये भी पढ़ें:- पाकिस्तान से 24 JF-17 फाइटर जेट डील पर चर्चा, यह मुस्लिम देश खर्च करेगा 90 करोड़ डॉलर

Previous article रिश्तेदार या दोस्त की शादी में लगाएं ये लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन
Next article झारखंड के दलमा में मिलीं तितलियों की पांच नई प्रजातियां, जैव विविधता के लिए बड़ी उपलब्धि
Avatar Of Anant Narayan Shukla
अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel