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Home World Bangladesh Hindu Population: बांग्लादेश में हिंदू खतरे में? मंदिर क्षतिग्रस्त, जानें कितनी है आबादी

Bangladesh Hindu Population: बांग्लादेश में हिंदू खतरे में? मंदिर क्षतिग्रस्त, जानें कितनी है आबादी

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Bangladesh Hindu Population: बांग्लादेश में हिंदू खतरे में? मंदिर क्षतिग्रस्त, जानें कितनी है आबादी

Bangladesh Hindu Population: बांग्लादेश में उथल-पुथल जारी है. शेख हसीना ऐसी प्रधानमंत्री थीं जो हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय को साथ लेकर चलने में विश्वास रखतीं थीं, जो अब अपने पद से इस्तीफा दे चुकीं हैं. बांग्लादेश में लगातार चौथी बार और कुल मिलाकर पांचवीं बार प्रधानमंत्री निर्वाचित हुईं शेख हसीना को उनके समर्थक हमेशा एक आयरन लेडी के रूप में देखते रहे हैं, लेकिन अब उनके 15 साल के शासन का नाटकीय ढंग से अंत हो जाने के बाद हिंदू चिंतित हैं.

चार हिंदू मंदिर क्षतिग्रस्त

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में उपद्रवी भीड़ ने धानमंडी इलाके में स्थित इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र (आइजीसीसी) में तोड़फोड़ की. इसके अलावा देशभर में चार हिंदू मंदिरों को क्षतिग्रस्त करने की खबर आ रही है. हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद की नेता काजोल देबनाथ ने मामले को लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि देशभर में कम-से-कम चार हिंदू मंदिरों को नुकसान पहुंचाया गया. इस तरह की घटना से हिंदू समुदाय के नेता चिंतित हैं. इधर, बांग्लादेश के सांसदों ने कहा है कि देश में भारतीयों के हितों की रक्षा की जायेगी.

बांग्लादेश में कितनी है हिंदू आबादी?

अब सवाल उठता है कि बांग्लादेश में हिंदू आबादी कितनी है. बांग्लादेश में हिंदुओं की संख्या 1951 में 22 प्रतिशत थी जो घटकर 2022 में 8 प्रतिशत से कम हो चुकी है. इसी दौरान मुसलमानों की संख्या 1951 के 76 प्रतिशत थी जिसमें काफी बढ़ोतरी हुई है. मुसलमानों की संख्या अब बढ़कर 91 प्रतिशत से ज्यादा हो चुकी है.

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बांग्लादेश में करीब 10 प्रतिशत हिंदू

ज्योतिर्मठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि हमें बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बारे में जानकारी मिली है. बांग्लादेश में सेना का शासन है. हमें उम्मीद है कि सेना नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपना कर्तव्य जरूर निभाएगी. बांग्लादेश में करीब 10 प्रतिशत हिंदू रहते हैं. उनकी सुरक्षा जरूरी है, इसलिए हम सेना से यह सुनिश्चित करने का आग्रह करना चाहेंगे.

डॉ. मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार की रूपरेखा की घोषणा

dhakatribune.com ने अपनी खबर में बताया है कि, नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार की रूपरेखा की घोषणा की गई है. यह जानकारी छात्र आंदोलन के प्रमुख समन्वयकों नाहिद इस्लाम, आसिफ महमूद और अबू बकर मजूमदार ने वीडियो मैसेज के मध्यम से दी है. यह वीडियो मैसेज मंगलवार को सुबह 4:15 बजे जारी किया गया.

https://www.youtube.com/watch?v=E5AUUlyisa8
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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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