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Home World बांग्लादेश में एक ही रात में तीन हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़, कई देवी-देवताओं की मूर्तियां क्षतिग्रस्त; जांच शुरू

बांग्लादेश में एक ही रात में तीन हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़, कई देवी-देवताओं की मूर्तियां क्षतिग्रस्त; जांच शुरू

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बांग्लादेश में एक ही रात में तीन हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़, कई देवी-देवताओं की मूर्तियां क्षतिग्रस्त; जांच शुरू
खंडित मूर्तियां. फोटो- एक्स (TheLizardKing_X).

Bangladesh Hindu Temples Vandalised: बांग्लादेश के बोगुरा जिले मोकमतला इलाके में एक ही रात में तीन हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ किए जाने का मामला सामने आया है. इस घटना में कम से कम चार से पांच देवी-देवताओं की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया. घटना की जानकारी तब सामने आई जब श्रद्धालु नियमित पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे और उन्होंने मूर्तियों को क्षतिग्रस्त अवस्था में देखा. मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, यह घटना नवगठित मोकामतला उपजिला के कनाचगारी क्षेत्र में हुई है.

तीन मंदिरों को बनाया गया निशाना

डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, बदमाशों ने कनाचगारी शिव मंदिर, शीतला मंदिर और महाश्मशान मंदिर को निशाना बनाया. आशंका है कि यह वारदात शुक्रवार रात के दौरान अंजाम दी गई. शनिवार दोपहर करीब 12 बजे जब स्थानीय श्रद्धालु पूजा करने पहुंचे, तब उन्हें मूर्तियां टूटी हुई मिलीं. इसके बाद तुरंत स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई.

हिंदुस्तान टाइम्स बांग्ला की रिपोर्ट के अनुसार, कांचगरी श्मशान घाट मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य उज्जल ने बताया कि उनकी पत्नी शनिवार सुबह पूजा के लिए मंदिर गईं, जैसा कि वह हर महीने करती हैं, तो उन्हें टूटी हुई मूर्तियां मिलीं. मामले की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन और उपजिला पूजा उत्सव परिषद को दी गई.

मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

घटना की जानकारी मिलते ही शिबगंज पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी (ओसी) मोहम्मद शाहीनुज्जमान ने मामले की पुष्टि की. वहीं, शिबगंज उपजिला के कार्यकारी अधिकारी (यूएनओ) मोहम्मद जियाउर रहमान भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.

उन्होंने स्थानीय मीडिया से कहा, ‘फिलहाल कोई यह नहीं बता पा रहा है कि तोड़फोड़ की घटना किस समय हुई. प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है. मंदिर मुख्य आबादी से दूर स्थित हैं, इसलिए आरोपियों के लिए वारदात को अंजाम देना अपेक्षाकृत आसान रहा होगा.’ उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस जुटा रही जानकारी

पुलिस के अनुसार, तीनों मंदिर गांव की मुख्य बस्ती से कुछ दूरी पर स्थित हैं. इनमें से कुछ मंदिर श्मशान घाट और खुले मैदानों के पास बने हुए हैं. ओसी मोहम्मद शाहीनुज्जमान ने कहा, ‘मूर्तियों की स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि तोड़फोड़ कुछ दिन पहले हुई होगी और स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी बाद में मिली.’ उन्होंने बताया कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों से जानकारी जुटाई जा रही है.

लिखित शिकायत का इंतजार, फिर होगी कानूनी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभी तक मंदिर समिति या स्थानीय लोगों की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. ओसी ने कहा, ‘जैसे ही लिखित शिकायत प्राप्त होगी, कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.’

फिलहाल पुलिस घटना के पीछे शामिल लोगों की पहचान करने और वारदात के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है. घटना के बाद इलाके में बेचैनी का माहौल है, स्थानीय लोग जल्द जांच और दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं.

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बांग्लादेश में हिंदुओं का जीवन बना नरक

बांग्लादेश में सत्ता से निजाम बदला, लेकिन कट्टरता अब भी नहीं गई. हाल ही में बांग्लादेश के गायबंधा जिले के पलाशबाड़ी में कट्टरपंथी समूहों के भारी दबाव और धमकियों के कारण श्री श्री राधा गोविंदा और काली मंदिर में भगवान राम की विशाल प्रतिमा का निर्माण कार्य रोक दिया गया है. दावा किया गया था कि यह भगवान राम की दुनिया भर में सबसे विशाल मूर्त होगी. हालांकि, सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए मंदिर समिति ने यह निर्णय लिया. 

इससे पहले मोहम्मद यूनुस के शासन काल में चुनाव की घोषणा होने के बाद हिंदुओं की हत्याओं का भयावह सिलसिला चला था. दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 तक ‘राइट्स एंड रिस्क एनालिसिस ग्रुप’ (RRAG) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश में 15 हिंदुओं की हत्या की गई थी. इस दौरान अकेले दिसंबर महीने में 12 हिंदुओं की हत्या की घटनाएं सामने आई थीं. इससे पहले दीपू दास को मारकर पेड़ में बांधकर जिंदा जला दिया गया था. वहीं अमृत मंडल नाम के युवक, राणा प्रताप नाम के पत्रकार और एक व्यापारी को जिंदा जलाने की कोशिश की गई, डर के मारे वह तालाब में कूदा, लेकिन वहां भी उसकी मौत हो गई.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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