[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World ऑस्ट्रेलियाई सेना में 125 साल बाद बड़ा बदलाव: लेफ्टिनेंट जनरल सुसान कोयले बनीं पहली महिला आर्मी चीफ

ऑस्ट्रेलियाई सेना में 125 साल बाद बड़ा बदलाव: लेफ्टिनेंट जनरल सुसान कोयले बनीं पहली महिला आर्मी चीफ

0
ऑस्ट्रेलियाई सेना में 125 साल बाद बड़ा बदलाव: लेफ्टिनेंट जनरल सुसान कोयले बनीं पहली महिला आर्मी चीफ
तस्वीर में लेफ्टिनेंट जनरल सुसान कोयल. सोर्स- एक्स.

Australia First Female Army Chief: ऑस्ट्रेलियाई सेना के 125 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब कोई महिला इस पद पर नियुक्त हुई है. सुसान कोयले जुलाई 2026 में लेफ्टिनेंट जनरल साइमन स्टुअर्ट की जगह लेंगी. रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस ने इसे एक ऐतिहासिक पल बताया है.

कौन हैं सुसान कोयले?

55 साल की सुसान कोयले का सैन्य करियर तीन दशक से भी ज्यादा लंबा रहा है. उन्होंने 1987 में आर्मी रिजर्व जॉइन की थी. इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल अकादमी (ADFA) से साइंस की डिग्री ली और 1992 में रॉयल मिलिट्री कॉलेज से ग्रेजुएट होकर सेना में शामिल हुईं. सुसान के पास तीन मास्टर डिग्री हैं और वह हार्वर्ड एडवांस्ड मैनेजमेंट प्रोग्राम की छात्रा रही हैं. उन्हें सेना में बेहतरीन काम के लिए ‘ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया’ और ‘डिस्टिंग्विश्ड सर्विस मेडल’ जैसे बड़े सम्मान मिल चुके हैं.

मिडिल ईस्ट जैसे इलाकों में किया है काम

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, सुसान कोयले ने सोलोमन आइलैंड्स, अफगानिस्तान और मिडिल ईस्ट जैसे अशांत इलाकों में काम किया है. वर्तमान में वह ‘चीफ ऑफ जॉइंट कैपेबिलिटीज’ के रूप में स्पेस और साइबर डोमेन का नेतृत्व कर रही हैं. सुसान ने कहा कि उनके पास साइबर वॉरफेयर जैसे आधुनिक क्षेत्रों का जो अनुभव है, वह सेना की नई जिम्मेदारियों को निभाने के लिए एक मजबूत आधार बनेगा. 

सुसान के पति सेना में हैं इंजीनियर

सुसान कोयले के निजी जीवन की बात करें तो उनके पति मार्क सेना में इंजीनियर हैं. उनके तीन बच्चे हैं जिनके नाम जेसिका, सूसी और जैक हैं. रक्षा मंत्री ने सुसान की बात को दोहराते हुए कहा कि यह उपलब्धि उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगी जो सेना में आने का सपना देखती हैं.

सेना की छवि सुधारने और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर फोकस

डिफेंस फोर्स के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल (ADF) में महिलाओं की भागीदारी करीब 21% है और सीनियर लीडरशिप में यह हिस्सा 18.5% है. एडीएफ ने 2030 तक इस भागीदारी को 25% तक ले जाने का लक्ष्य रखा है. सुसान की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ऑस्ट्रेलियाई सेना यौन शोषण और भेदभाव के गंभीर आरोपों का सामना कर रही है. पिछले साल अक्टूबर में हजारों महिला अधिकारियों की तरफ से एक क्लास एक्शन केस भी फाइल किया गया था.

ये भी पढ़ें: ईरान ने अमेरिका को दी ‘मैथमेटिकल’ चेतावनी: जानें क्या है होर्मुज नाकाबंदी का वो फॉर्मूला जिससे दुनिया में मचेगा कोहराम

डिफेंस लीडरशिप में अन्य बड़े बदलाव

सरकार ने सेना के साथ-साथ पूरी डिफेंस फोर्स के नेतृत्व में भी बदलाव किए हैं. वर्तमान नेवी चीफ वाइस एडमिरल मार्क हैमंड को अब पूरे एडीएफ (ADF) का प्रमुख बनाया गया है. वह एडमिरल डेविड जॉनस्टन की जगह लेंगे. वहीं, वाइस एडमिरल हैमंड की जगह रियर एडमिरल मैथ्यू बकली को नेवी का नया चीफ नियुक्त किया गया है.

ये भी पढ़ें: ट्रंप का ऐलान: होर्मुज की होगी घेराबंदी, CENTCOM बोला- सिर्फ ईरानी बंदरगाहों पर पाबंदी, भारत के लिए क्या मायने?

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel