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Home World नए साल पर भारत का नाम लेकर मुनीर की गीदड़ भभकी, अब बलूचिस्तान को लेकर क्या कह रहे पाकिस्तान के CDF?

नए साल पर भारत का नाम लेकर मुनीर की गीदड़ भभकी, अब बलूचिस्तान को लेकर क्या कह रहे पाकिस्तान के CDF?

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नए साल पर भारत का नाम लेकर मुनीर की गीदड़ भभकी, अब बलूचिस्तान को लेकर क्या कह रहे पाकिस्तान के CDF?
आसिम मुनीर ने बलूचिस्तान पर पाकिस्तानी सेना की पकड़ मजबूत करने के लिए भारत विरोधी बयानबाजी दोहराई. फोटो- एक्स.

Asim Munir repeats anti-India rhetoric: पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने बुधवार को एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि देश की क्षेत्रीय अखंडता का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई भी उल्लंघन होने पर “ठोस और निर्णायक” जवाब दिया जाएगा. आसिम मुनीर की लगातार युद्धोन्मादी बयानबाजी बलूचिस्तान पर पाकिस्तान सेना के नियंत्रण को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है. फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अब पाकिस्तान के सेना प्रमुख (COAS) और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) के चेयरमैन भी हैं. उन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष किसी भी तरह के क्षेत्रीय उल्लंघन के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की कसम खाई है. यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों, खासकर बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा और अस्थिरता से जूझ रहा है.

पाकिस्तानी सेना द्वारा जारी बयान के अनुसार, जनरल मुनीर ने रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर्स (GHQ) में आयोजित बलूचिस्तान पर 18वीं राष्ट्रीय कार्यशाला के प्रतिभागियों से बातचीत के दौरान ये टिप्पणियां कीं. उन्होंने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि देश अपनी संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है. सेना प्रमुख ने आरोप लगाया कि “भारत समर्थित गुट बलूचिस्तान में हिंसा फैलाने और विकास प्रक्रिया को बाधित करने में लगे हुए हैं.” हालांकि, उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया. पाकिस्तान इससे पहले भी बलूचिस्तान में अशांति के लिए भारत पर आरोप लगाता रहा है, जिसे भारत लगातार खारिज करता आया है.

राज्य को चुनौती देने वालों के खिलाफ कोई नरमी नहीं- मुनीर

मुनीर ने दावा किया कि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां बलूचिस्तान में सक्रिय भारत-प्रायोजित प्रतिनिधि गुटों की शत्रुतापूर्ण साजिशों को नाकाम कर देंगी. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे सभी भारतीय प्रतिनिधियों को कुचल दिया जाएगा, जो उनके अनुसार क्षेत्र में हिंसा फैलाने और विकास को बाधित करने का काम कर रहे हैं. जनरल मुनीर ने स्पष्ट किया कि बलूचिस्तान में आतंकवाद, उग्रवाद और अशांति को खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों की कार्रवाई और तेज की जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य की रिट को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी और कानून-व्यवस्था बहाल करना सरकार व सेना की सर्वोच्च प्राथमिकता है. 

घर में मुश्किल, इसलिए आ रहे बयान- विश्लेषक

मुनीर के ये बयान राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा और लंबे समय से अशांति व अलगाववादी आंदोलनों से जूझ रहे बलूचिस्तान पर नियंत्रण बनाए रखने के पाकिस्तान सेना के व्यापक नैरेटिव का हिस्सा हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब पाकिस्तान आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है. बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी गतिविधियों, आतंकी हमलों और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों के कारण अंतरराष्ट्रीय ध्यान में रहा है. इस पृष्ठभूमि में सेना प्रमुख का यह सख्त संदेश न केवल आंतरिक सुरक्षा बलों के लिए बल्कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी एक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.

भारतीय प्रतिनिधियों पर जोर देना विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश

बलूचिस्तान में भारतीय हस्तक्षेप का बार-बार उल्लेख कर आसिम मुनीर सेना के आंतरिक नियंत्रण को और मजबूत करना चाहते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, उनकी लगातार भारत-विरोधी बयानबाजी पाकिस्तान सेना की घरेलू चुनौतियों से ध्यान हटाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. “भारतीय प्रतिनिधियों” पर जोर देकर पाकिस्तान सेना क्षेत्र में अपनी विफलताओं और चुनौतियों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है. सेना का यह संदेश मुख्य रूप से घरेलू दर्शकों को ध्यान में रखकर दिया जा रहा है, ताकि बढ़ते आंतरिक दबाव के बीच उसकी वैधता बनी रहे.

अपनी गद्दी भी संभालने की कोशिश

बलूचिस्तान में विकास के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि वहां अब भी गंभीर अशांति बनी हुई है और प्रांत पर सेना के नियंत्रण को लेकर सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं. इस हमले के पीछे भारत को दोषी ठहराकर मुनीर अपनी गद्दी को मजबूत करना चाहते हैं. भारत से खतरे का नैरेटिव आगे बढ़ाकर पाकिस्तान सेना पर आरोप है कि वह बलूचिस्तान में हुए अत्याचारों और ठप पड़े विकास कार्यों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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