पाकिस्तान में लश्कर आतंकी आमिर हमजा पर ताबड़तोड़ फायरिंग, हालत गंभीर; हाफिज सईद का रहा है पुराना साथी

Amir Hamza: लश्कर-ए-तैयबा के को-फाउंडर और हाफिज सईद के करीबी आतंकी आमिर हमजा पर लाहौर में जानलेवा हमला हुआ है. अज्ञात हमलावरों की फायरिंग में हमजा की हालत गंभीर बताई जा रही है.

By Govind Jee | April 16, 2026 1:13 PM

Amir Hamza: पाकिस्तानी मीडिया संस्थान ‘डेली पाकिस्तान’ की रिपोर्ट के मुताबिक, लाहौर के जोहर टाउन में अज्ञात हमलावरों ने एक चलती गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का को-फाउंडर और आतंकी हाफिज सईद का बेहद करीबी आमिर हमजा गंभीर रूप से घायल हो गया है. हैरानी की बात यह है कि उसी गाड़ी में लाहौर हाई कोर्ट के पूर्व जज नजीर गाजी भी मौजूद थे, लेकिन वे इस हमले में सुरक्षित बच गए. पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है.

हाफिज सईद का रहा है पुराना साथी

आमिर हमजा कोई साधारण नाम नहीं है, वह लश्कर-ए-तैयबा के शुरुआती सदस्यों में से एक है. उसने हाफिज सईद के साथ मिलकर इस आतंकी संगठन की नींव रखी थी. वह लश्कर की मैगजीन ‘मजल्लाह अल-दावा’ का एडिटर रह चुका है और 2002 में उसने कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने वाली किताब ‘काफिला दावत और शहादत’ भी लिखी थी. हमजा को उसकी भड़काऊ स्पीच और लेखों के लिए जाना जाता है.

भारत के खिलाफ साजिश का आरोप

अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी संगठन मानते हुए आमिर हमजा को बैन किया हुआ है. वह लश्कर की सेंट्रल कमेटी का हिस्सा रहा है और आतंकियों की भर्ती, उनके लिए पैसे जुटाने और पकड़े गए आतंकियों को छुड़ाने के लिए बातचीत करने जैसे कामों में अहम भूमिका निभाता रहा है. हमजा भारत के खिलाफ कई आतंकी गतिविधियों और जम्मू-कश्मीर में हमलों की साजिशों में शामिल रहा है.

नया ग्रुप बनाकर चला रहा था आतंकी नेटवर्क

साल 2018 में जब पाकिस्तान सरकार ने हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा (JuD) और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर सख्ती शुरू की, तब हमजा ने खुद को लश्कर से अलग दिखा लिया था. उसने ‘जैश-ए-मनकफा’ नाम से एक नया गुट बनाया. आरोप है कि वह इस नए ग्रुप की आड़ में पाकिस्तान से अपनी आतंकी गतिविधियां चला रहा था और लश्कर के टॉप लीडर्स के लगातार संपर्क में बना हुआ था.

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