एफएमसीजी कंपनियों, रिटेलरों, रेस्त्रां, शॉपिंग सेंटरों से निकलनेवाले प्लास्टिक उत्पाद लाखों टन कचरे में तब्दील होकर महासागरों में पहुंच रहे हैं. कुल इस्तेमाल किये जानेवाले प्लास्टिक में आधे से अधिक का सिंगल यूज होता है, यानी कि एक बार प्रयोग में लिये जाने के बाद इसे कचरे के रूप में फेंक दिया जाता है. यही प्लास्टिक छोटे टुकड़ों में बंटकर हवा, जल, यहां तक कि हमारी खाद्य शृंखला को दूषित कर रहा है. प्लास्टिक प्रदूषण की तबाही तात्कालिक नहीं, बल्कि सदियों तक जीवन को नरक बनानेवाली है.
एफएमसीजी कंपनियां, एयर कंडिशनर, फ्रीज, इ-कॉमर्स, हॉस्पिटेलिटी और रेस्टोरेंट में सिंगल यूज प्लास्टिक का सर्वाधिक इस्तेमाल होता है. इसके अतिरिक्त, छोटे रिटेल शॉप अौर ग्रॉसरी स्टोर्स में भी वस्तुओं के वितरण के लिए इसका उपयोग किया जाता है.
क्या होता है सिंगल यूज प्लास्टिक
