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माइंड डाइट से बुजुर्गों की सुधरेगी याददाश्त

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माइंड डाइट से बुजुर्गों की सुधरेगी याददाश्त
एक खास तरह का खान-पान भूलने से संबंधित बीमारियों अल्जाइमर्स और डिमेंशिया के लक्षणों को बढ़ने से रोकने में सहायक हो सकता है. यह शोध अल्जाइमर्स और डिमेंशिया जर्नल में प्रकाशित हुआ है. इसमें एक विशेष खानपान ‘माइंड डाइट’ यानी मेडिटेरियन-डीएएसएच इंटरवेंशन फॉर न्यूरोडिजेनरेटिव डायट के पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन किया गया है. इस में 15 से अधिक खाद्य वस्तुएं हैं- हरी पत्तेदार सब्जियां, अनाज, जैतून तेल और कम मात्रा में लाल मांस आदि.
ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने किया शोध: ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कहा कि यह माना जाता रहा है कि मेडिटेरियन डाइट में दिल की सेहत और अन्य बीमारियों को ठीक करने वाले गुण होते हैं. यह भी पाया गया कि यह स्मरणशक्ति के लिए भी लाभकारी है और बुजुर्गों में अल्जाइमर्स और डिमेंशिया रोग के प्रभावों को कम करने में कारगर है.
इस शोध में 60 साल से अधिक आयु वाले 1220 लोगों को शामिल किया गया और इन पर 12 साल शोध किया गया. इस शोध के बाद बुजुर्गों को याददाश्त की कमी से होनेवाली समस्या से छुटकार मिलने की उम्मीद है, जिसके कारण वे कई बार गंभीर खतरों का सामना करते हैं, जैसे कोई गर्म चीज को छू देना, पानी पीना भूल जाना, जरूरी सामान कहीं रखकर भूल जाना या किसी परिचित को न पहचानना आदि.
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